( वर्तिका श्रीवास्तव )
आज हम आपके लिए कुट्टू कचौरी रेसिपी लाए हैं। कूटू सिंघाड़े के आटे को कहते हैं। इसीलिए कूटू की कचौरी को सिंघाड़े के आटे की कचौरी भी कहते हैं। कूटू की कचौरी जब करारी बनती हैं, तो खाने में बेहद स्वादिष्ट लगती हैं। तो अगर आप व्रत के दिनों में अक्सर एक जैसा खाते-खाते बोर हो गये हैं, तो कूटू कचौरी बनाने की विधि नोट करें और इसे आज ही ट्राई करें। हमें विश्वास है कि कुट्टू कचौरी रेसिपी आपको पसंद आएगी।
कूटू की कचौरी के लिए आवश्यक सामग्री-
| क्रम संख्या | नाम आवश्यक सामग्री | सामग्री मात्रा |
|---|---|---|
| 01 | सिंघाड़ा या कुटू का आटा | 200 ग्राम |
| 02 | आलू | 04 (उबले हुए) |
| 03 | हरी मिर्च | 01 (बारीक कतरी हुई) |
| 04 | अदरक | 01 टुकड़ा (कद्दूकस किया हुआ) |
| 05 | काली मिर्च | 1/4 छोटा चम्मच |
| 06 | अमचूर | 1/4 छोटा चम्मच |
| 07 | सेंधा नमक | 01 छोटा चम्मच |
| 08 | तेल | तलने के लिये |
कूटू कचौरी बनाने की विधि -
- कुट्टू कचौरी रेसिपी के लिए सबसे पहले सिंघाड़े का आटा छान लें। फिर उसमें थोड़ा सा सेंधा नमक और एब बड़ा चम्मच तेल डाल कर गूंथ लें।
- इसके बाद आलू को छील लें। उसमें हरी मिर्च, अदरक, काली मिर्च, अमचूर पाउडर और आधा छोटा चम्मच सेंधा नमक डाल कर अच्छी तरह मिला लें।
- अब कढ़ाई में तेल डाल कर गरम करें। जब तक तेल गरम हो रहा है, गुंथे हुए आटे से छोटी सी लोई लेकर उसे गोल बनाएं और फिर हथेली से दबा कर चपटा कर लें।
- अब एक चम्मच आलू का मिश्रण आटे पर रखें और उसे चारों ओर से उठा कर बंद कर दें। फिर आलू भरी लोई को हथेलियों से दबा चपटा कर लें और फिर बेल कर पूरी के आकार का बना लें।
- कढ़ाई का तेल गरम होने पर उसमें बेली हुई पूरी डालें और उसे पलट-पलट कर ब्राउन होने तक सेंक लें।
- लीजिए कूटू कचौरी बनाने की विधि कम्प्लीट हुई। अब गर्मा-गरम कूटू की कचौरी को सर्विंग प्लेट में निकालें और दही या चटनी के साथ इसका आनंद लें।
आवश्यक सुझाव-
यदि आप कूटू की कचौरी बनाने के लिए दिए गये तकनीकों को सीखते हैं, तो कृपया नीचे टिप्पणी करें, या दूसरों की मदद करने के लिए इस लेख को साझा करें।

