गोण्डा। डीएम साहब मुझे भी टीका लगवा दो। ये पुकार है फालिश से लड रहे 75 वर्षीय बुजुर्ग की। परसपुर विकास खण्ड अंतर्गत ग्रामसभा डेहरास के मजरा गदापुरवा निवासी माता बख्श पाण्डेय काफी समय से कोरोना का टीका लगवाने के उत्सुक दिख रहे है परन्तु सीएचसी परसपुर 08 किमी दूर होने के कारण वे वहाँ तक जाने मे असमर्थ है। बगल के गाँव छितौनी मे जब कैम्प लगने की जानकारी हुई तो वे फालिश के बावजूद धीरे-धीरे छितौनी गाँव पहुंचे, परन्तु उमसभरी गर्मी मे उनकी उम्र और बीमारी, लाचारी का ख्याल किए बिना उन्हें प्राथमिकता न देकर 17 नम्बर के बाद टीका लगाने को कहा गया। भीषण गर्मी मे व्याकुल होकर वह घर चले आये। वहीं उनकी पत्नी शान्ती देवी जो 78 वर्ष की हैं भीड-भाड के चलते अभी तक टीका नहीं लगवा सकीं है। जहाँ एक तरफ शासन- प्रशासन टीका लगवाने के लिए प्रचार-प्रसार के माध्यम से लोगों को जागरूक कर रहा है वहीं इतने बुजुर्ग को प्रथमिकता न देकर कैम्प लगाने वाले स्वास्थ्य कर्मी शासन की मंशा पर पानी फेर रहे है। सरकार ने सर्वप्रथम 60 वर्ष से ऊपर वालो को टीका के लिए टारगेट किया था। ऐसे मे 70 से ऊपर के बुजुर्ग को उसके प्रयास के बाद भी टीका न लगना स्वास्थ्य विभाग की योजना के कार्यान्वयन पर प्रश्न चिन्ह लगा रहा है। अभी स्वास्थ्य विभाग ने दावा किया है जुलाई से बुलावा पर्ची जारी कर सभी को टीका लगाया जायेगा। ये अभियान भी धरातल पर कितना प्रभावी होगा ये तो समय.ही बतायेगा। इस संबंध मे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के अधीक्षक डा एम पी यादव से बात करने पर उन्होंने बताया कि कैम्प पर मात्र 45 के ऊपर वालो को.ही टीका लगाया जाता है फिर भी 70 से ऊपर के बुजुर्ग एवं परेशान लोगों को वरीयता देना चाहिए।

