गोण्डा। मामले के सम्बन्ध में पूर्व में प्रकाशित खबर के बाद वरिष्ठ सहायक रमेश उपाध्याय को खलीलाबाद के लिए रिलीव किया गया। ज्ञात हो कि रमेश उपाध्याय को पदोन्नति करते हुए प्रमुख अभियंता ने 23 मई 2025 को कनिष्ठ सहायक से वरिष्ठ सहायक के पद पर गोण्डा सरयू नहर खंड प्रथम से खलीलाबाद के लिए स्थानांतरण आदेश जारी किया था। जबकि सवा वर्ष से खलीलाबाद न जाकर अधिशासी अभियन्ता सतीश कुमार से साठ गांठ करके रमेश उपाध्याय गोण्डा सरयू नहर खंड प्रथम में ही वरिष्ठ सहायक का कार्य करते रहे। संवाददाता ने जब अधिशासी अभियन्ता सतीश कुमार से दूरभाष पर बात किया तो उन्होंने बताया कि रमेश उपाध्याय का काम कोई कर नहीं सकता है और उनके जाने से पूरे विभाग का काम डिस्टर्ब हो जायेगा इसीलिए उन्हें रिलीव नहीं किया है। ये पूछने पर कि रमेश उपाध्याय की पदोन्नति हुई है ऐसे में आप उन्हें कनिष्ठ सहायक की जगह वरिष्ठ सहायक का वेतन कैसे और किस आधार पर दे सकते हैं तो सतीश कुमार ने झूठ बोला कि रमेश उपाध्याय को कनिष्ठ सहायक का ही वेतन दे रहे हैं, जबकि अंदर तक पड़ताल करने से ज्ञात हुआ कि रमेश उपाध्याय को स्थानांतरण आदेश के बाद से ही वरिष्ठ सहायक का वेतन दिया जा रहा है जो कि प्रमुख अभियंता के आदेश का उल्लंघन है और इतना ही नहीं प्रमुख अभियंता के आदेश का उल्लंघन केवल व्यवहारिक तौर पर नहीं किया गया बल्कि प्रमुख अभियंता के द्वारा जारी रमेश उपाध्याय के प्रोन्नति के साथ स्थानांतरण आदेश के पौने दो महीने बाद 17 जुलाई 2025 में अधिशासी अभियन्ता सतीश कुमार ने प्रमुख अभियंता के आदेश की धज्जियां उड़ाते हुए एक लिखित आदेश जारी कर दिया। उक्त आदेश में प्रमुख अभियंता के आदेश पर अतिक्रमण करते हुए रमेश उपाध्याय को वरिष्ठ सहायक के पद पर सरयू नहर खंड प्रथम में ही चार्ज दे दिया। अधिशासी अभियंता सतीश कुमार ने अपने इस आदेश में स्पष्ट लिखा कि पूर्व में निर्गत किए गये आदेशों में आंशिक अतिक्रमण कर रहे हैं। इस आदेश के साथ ही प्रमुख अभियंता के आदेश में आंशिक अतिक्रमण करते हुए अपने चहेते रमेश उपाध्याय को पदोन्नति देकर अपने ही खण्ड गोण्डा में वरिष्ठ सहायक का चार्ज दे दिया, जबकि प्रमुख अभियंता के आदेश में स्पष्ट है कि आदेश निर्गत होने की तिथि से एक माह के अंदर प्रोन्नति कर्मचारी को पदस्थापित स्थान पर कार्य भार ग्रहण करना अनिवार्य होगा। ऐसा न करने पर शासन के पत्र संख्या 14/2022 सैंतालिस -क- 1-2022/13 (4)/2022 दिनांक 06-10-2022 द्वारा निर्धारित नीति के अनुसार उसकी प्रोन्नति को अस्थाई रूप से राज्यसात माने जाने के आदेश अधीक्षण अभियंता स्तर से जारी कर सूचना प्रमुख अभियंता कार्यालय को उपलब्ध कराई जाये और उसके नियंत्रक अधिकारी द्वारा किसी भी परिस्थिति में प्रोन्नति कर्मचारी को निर्धारित अवधि की समाप्ति के एक सप्ताह पूर्व प्रत्येक दशा में कार्यमुक्त कर दिया जायेगा। साथ ही आदेश में स्पष्ट है कि किसी भी परिस्थिति में उनको कार्यमुक्त न करने अथवा रोके जाने के सम्बन्ध में कोई पत्र व्यवहार नहीं किया जायेगा। बावजूद इसके अधिशासी अभियन्ता ने प्रमुख अभियंता के आदेश के खिलाफ आदेश जारी कर रमेश उपाध्याय को सवा वर्ष तक नियम विरुद्ध अपने ही खण्ड में रोक रखा जो स्पष्ट करता है कि अधिशासी अभियंता सतीश कुमार प्रमुख अभियंता पर भारी पड गये। साथ ही अधीक्षण अभियन्ता मनोज साहू ने भी या तो अधिशासी अभियन्ता सतीश कुमार के किसी प्रभाव के चलते अथवा किसी मोह के चलते प्रमुख अभियंता के आदेश का पालन नहीं करा सके।इधर रिलीव होने के बावजूद भी रमेश उपाध्याय सप्ताह में दो दिन गोण्डा सरयू नहर खंड प्रथम में दिखाई पड़ रहे हैं। अब ये छुट्टी लेकर यहां आते है अथवा अपने अधिशासी अभियंता विश्वनाथ शुक्ला को मैनेज करके यहां आते है। ये जांच का विषय है। प्रकरण पर अधिशासी अभियंता खलीलाबाद वी एन शुक्ला से बात करने की बार बार कोशिश की गई परन्तु हमेशा की तरह उन्होंने फोन उठाना मुनासिब नहीं समझा जबकि सहायक अभियंता खलीलाबाद केएम लाल से बात करने पर उन्होंने बताया कि रमेश उपाध्याय खलीलाबाद में काम कर रहे हैं। किसी कार्यवश गोण्डा गये होंगे। इसी प्रकरण पर अधीक्षण अभियंता पंचदशम मण्डल मनोज कुमार साहू से बात करने पर उन्होंने कहा कि प्रमुख अभियंता के आदेश पर अधिशासी अभियंता किसी प्रकार का अतिक्रमण नियमानुसार नहीं कर सकते हैं।

