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गोण्डा-फ्लाईओवर के नाम पर जनता बेहाल: डाइवर्जन मार्ग बना गड्ढों का दलदल, रात में प्राइवेट गार्डों की वसूली का आरोप

 



-700 मीटर सड़क गायब, सब्जी मंडी पहुंचना बना चुनौती; बिना सरकारी आदेश रूट डायवर्जन से वाहन चालक परेशान।

गोण्डा। मसकनवां कस्बे में रेलवे फ्लाईओवर निर्माण के नाम पर आम जनता की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। बभनान मार्ग स्थित सब्जी मंडी से नहर पुल होते हुए गौरा चौकी मार्ग को जोड़ने वाली करीब 700 मीटर सड़क पूरी तरह बड़े-बड़े गड्ढों और जलभराव में तब्दील हो चुकी है। प्रतिदिन सैकड़ों वाहन और हजारों व्यापारी व ग्रामीण इसी रास्ते से गुजरने को मजबूर हैं, लेकिन जिम्मेदार विभाग और जनप्रतिनिधि आंखें मूंदे बैठे हैं।

        स्थिति यह है कि सड़क का अस्तित्व लगभग समाप्त हो चुका है। जगह-जगह गहरे गड्ढों में भरा पानी हादसों को दावत दे रहा है। सब्जी मंडी आने वाले व्यापारियों, किसानों और ग्राहकों को रोजाना जान जोखिम में डालकर आवागमन करना पड़ रहा है। फ्लाईओवर निर्माण कार्य के चलते इस मार्ग पर दबाव और बढ़ गया है, लेकिन सड़क की मरम्मत तक नहीं कराई गई।

      जानकारी के अनुसार, विकास खंड छपिया के मसकनवां बाजार में रेलवे फ्लाईओवर का निर्माण प्रस्तावित है। बभनान की ओर से गौरा चौकी जाने वाले वाहनों को कस्बे के पूर्वी छोर हरिजन कॉलोनी के पास से नहर पुल की ओर मोड़ दिया जाता है, जबकि स्थानीय लोगों का कहना है कि अभी कस्बे के भीतर फ्लाईओवर निर्माण का कार्य शुरू ही नहीं हुआ है। इसके बावजूद यूपी सेतु निगम की ओर से लगाए गए डायवर्जन बोर्डों का सहारा लेकर वाहनों को जबरन दूसरे मार्ग पर भेजा जा रहा है।

        विडंबना यह है कि यही मार्ग सब्जी मंडी, नहर पुल और आगे डुमरियागंज की ओर जाने वाले प्रमुख संपर्क मार्ग के रूप में उपयोग होता है। इसी मार्ग पर स्थित मिलन मैरिज हॉल में समय-समय पर बड़े राजनीतिक कार्यक्रम आयोजित होते हैं, जहां जिले से लेकर प्रदेश स्तर तक के नेता पहुंचते हैं। यह मैरिज हॉल केंद्रीय विदेश राज्य मंत्री एवं गोंडा सांसद कीर्ति वर्धन सिंह 'राजा भैया' का बताया जाता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि कई बार जनप्रतिनिधियों का ध्यान इस बदहाल सड़क की ओर दिलाया गया, लेकिन आज तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।

फाटक बंद कर वसूली का आरोप, दिन में खुला रहता है रास्ता

स्थानीय लोगों ने गंभीर आरोप लगाया है कि हरिजन कॉलोनी के पास सेतु निगम की ओर से लगाए गए डायवर्जन फाटक दिनभर खुले रहते हैं और सभी वाहन बिना रोक-टोक निकलते हैं। लेकिन रात होते ही प्राइवेट गार्ड दो-तीन की संख्या में फाटक बंद कर देते हैं और बभनान-अयोध्या की ओर से आने वाले वाहनों को रोककर फ्लाईओवर निर्माण का हवाला देते हुए गायघाट या सब्जी मंडी होकर जाने के लिए मजबूर करते हैं।

       आरोप है कि काफी देर तक वाहन चालकों को परेशान करने के बाद सुविधा शुल्क मिलने पर फाटक खोल दिया जाता है और वाहन कस्बे से गुजरने दिए जाते हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि रूट डायवर्जन का कोई सरकारी आदेश नहीं है, तो प्राइवेट गार्डों द्वारा इस प्रकार वाहनों को रोकना और कथित वसूली करना पूरी तरह अवैध है। प्रशासन को मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई करनी चाहिए।

जनाक्रोश बढ़ा, व्यापारियों ने उठाई सड़क निर्माण और जांच की मांग

मसकनवां व्यापार मंडल सहित क्षेत्रीय नागरिकों ने प्रशासन से तत्काल 700 मीटर जर्जर सड़क का पुनर्निर्माण कराने, जलभराव की समस्या दूर करने तथा रूट डायवर्जन और कथित वसूली की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है। लोगों का कहना है कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो व्यापक आंदोलन किया जाएगा। वर्तमान स्थिति में इस मार्ग से जुड़े हजारों लोग नारकीय जीवन जीने को मजबूर हैं।

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