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गोण्डा-सीएचसी से नवजात हड़पने का आरोप, छह माह से बेटे की तलाश में भटक रहा दंपति

 


-प्रसूता का नाम हटाकर रजिस्टर में दूसरी महिला का नाम चढ़ाने का आरोप, महिला आयोग तक पहुंचा मामला।

गोण्डा। तरबगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में प्रसव के बाद नवजात बेटे को हड़पने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। पीड़ित दंपति का आरोप है कि अस्पताल में प्रसूता का नाम बदलकर दूसरी महिला का नाम दर्ज कराया गया और बेहोशी की हालत का फायदा उठाकर नवजात को आरोपी महिला अपनी निःसंतान बेटी को सौंप ले गई। छह माह बीत जाने के बाद भी दंपति अपने बेटे को वापस पाने के लिए पुलिस और राष्ट्रीय महिला आयोग के चक्कर काट रहा है।

        सेझिया गांव निवासी निर्मला ने बताया कि वह परिवार के साथ तरबगंज कस्बे में किराए के मकान में रहती है। 13 जनवरी को प्रसव पीड़ा होने पर पड़ोस की एक महिला उसे सीएचसी तरबगंज लेकर गई। आरोप है कि अस्पताल में प्रसव के दौरान रजिस्टर में निर्मला की जगह आरोपी महिला की बेटी काजल का नाम दर्ज करा दिया गया। बेटे के जन्म के बाद प्रसूता के बेहोश होने पर स्टाफ नर्स ने नवजात को तीमारदार बनी महिला के हवाले कर दिया, जिसने बाद में बच्चे को अपनी निःसंतान बेटी को सौंप दिया।

      पीड़िता के पति लालबहादुर का कहना है कि उनकी पहले से तीन बेटियां और एक बेटा है। पांचवीं संतान बेटी होने पर उसे गोद देने की चर्चा हुई थी, लेकिन बेटा पैदा होने के बावजूद धोखे से नवजात को हड़प लिया गया।

     मामला अब पुलिस और राष्ट्रीय महिला आयोग तक पहुंच चुका है। कोतवाली प्रभारी श्रीधर पाठक ने बताया कि प्रारंभिक जानकारी में दोनों पक्षों के बीच पहले आपसी सहमति की बात सामने आई थी। इसके बावजूद पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

      वहीं, सीएचसी अधीक्षक डॉ. नवनीत गौरव सिंह ने कहा कि डिलीवरी रजिस्टर में प्रसूता की जगह दूसरी महिला का नाम दर्ज होने का मामला गंभीर है। संबंधित आशा कार्यकर्ता और स्टाफ नर्स से स्पष्टीकरण मांगा गया है। टीकाकरण कार्ड समेत सभी अभिलेखों की जांच कराई जा रही है। यदि किसी स्तर पर लापरवाही या अनियमितता मिली तो दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

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