गोण्डा । उत्तर प्रदेश में गन्ना सर्वेक्षण और सट्टा प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी एवं किसान हितैषी बनाने की दिशा में योगी सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। अब स्मार्ट गन्ना किसान पोर्टल पर दर्ज गन्ना क्षेत्रफल का मिलान भू-राजस्व अभिलेखों से एपीआई आधारित तकनीक के माध्यम से किया जाएगा। इस व्यवस्था का उद्देश्य फर्जी गन्ना क्षेत्रफल, गलत प्रविष्टियों और तथाकथित गन्ना माफियाओं पर प्रभावी अंकुश लगाना है। गन्ना आयुक्त के निर्देश पर शनिवार 25 जुलाई को अयोध्या, देवीपाटन, गोरखपुर और देवरिया परिक्षेत्र के अधिकारियों एवं फील्ड कार्मिकों के लिए वर्चुअल प्रशिक्षण आयोजित किया गया। प्रशिक्षण में उप गन्ना आयुक्त, जिला गन्ना अधिकारी, गन्ना विकास निरीक्षक, सचिव एवं पर्यवेक्षकों को डिजिटल मैपिंग, डाटा सत्यापन और समयबद्ध क्रियान्वयन की विस्तृत जानकारी दी गई। ज्येष्ठ गन्ना विकास निरीक्षक गोण्डा सुनील कुमार शुक्ल ने बताया कि पहले चरण में एक हेक्टेयर से अधिक गन्ना क्षेत्रफल वाले किसानों के डाटा का सत्यापन किया जाएगा। विभाग का मानना है कि इससे बड़े क्षेत्रफल के नाम पर की जाने वाली फर्जी प्रविष्टियों पर रोक लगेगी और वास्तविक किसानों को ही योजनाओं एवं गन्ना आपूर्ति का लाभ मिल सकेगा।

