-खाद्य विभाग और प्रशासन की लापरवाही से आमजन के स्वास्थ्य से खिलवाड़
-ग्राहक ने अधिकारियों से लगाई गुहार, खाद्य सुरक्षा अधिकारी का फोन भी नहीं लगा
कर्नलगंज-गोण्डा। तहसील क्षेत्र कर्नलगंज में खाद्य सुरक्षा विभाग और स्थानीय प्रशासन की मिलीभगत और लापरवाही के चलते मिलावटखोरों के हौसले बुलंद हैं। रामलीला मैदान स्थित एक दुकान से ग्राहक को सड़ी-गली, बदबूदार छेना (मिठाई) थमा दी गई। जब पीड़ित ने शिकायत की तो दुकानदार ने गाली-गलौज कर भगा दिया। सबसे शर्मनाक बात ये है कि शिकायत के बाद भी जिम्मेदार अधिकारी से फोन पर संपर्क नहीं हो पा रहा है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार ग्राम भदैंया निवासी कुलदीप कुमार ने 24 जुलाई को रामलीला मैदान स्थित आलोक गुप्ता की दुकान से छेना खरीदा। घर जाकर डिब्बा खोला तो उसमें से तेज दुर्गंध आ रही थी। उसके बाद वह पीड़ित ग्राहट खराब मिठाई लेकर दुकान पहुंचा तो दुकानदार आगबबूला हो गया और गाली-गलौज करते हुए सामान वापस करने से मना कर दिया। आहत ग्राहक ने एसडीएम कर्नलगंज को प्रार्थना पत्र देकर और मुख्यमंत्री जनसुनवाई पोर्टल पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराकर दुकान का सैंपल लेकर एफआईआर की मांग की है।
खाद्य विभाग बना मूक दर्शक
जब इस मामले में खाद्य सुरक्षा अधिकारी गोण्डा से बात करने की कोशिश की गई तो उनका फोन लगातार "नेटवर्क क्षेत्र से बाहर" बता रहा था। सवाल ये है कि जनता के स्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वालों पर कार्रवाई कौन करेगा?
प्रशासन की अनदेखी से पनप रहा मिलावट का कारोबार
स्थानीय लोगों का आरोप है कि कर्नलगंज में खाद्य विभाग और प्रशासन की जानबूझकर अनदेखी के चलते मिलावटी मिष्ठान, खोया, पनीर और सिंथेटिक दूध का अवैध कारोबार चरम पर है। त्योहारों पर करोड़ों का धंधा होता है, लेकिन छापेमारी के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति हो रही है। दुकानदार खुलेआम सस्ते केमिकल और खराब सामान से मिठाई बनाकर बेच रहे हैं और मोटा मुनाफा कमा रहे हैं। विभागीय अधिकारियों को इसकी भनक तक नहीं है या फिर जानबूझकर आंख मूंदे बैठे हैं। विभागीय सूत्रों के मुताबिक खाद्य सुरक्षा अधिनियम 2006 के तहत मिलावटी खाद्य पदार्थ बेचने पर 6 महीने से 3 साल तक की सजा और 5 लाख रुपये तक का जुर्माना है। लेकिन कर्नलगंज में कानून का कोई खौफ नहीं है। अब देखना ये है कि एसडीएम और जिला प्रशासन इस मामले में क्या कार्रवाई करते हैं या फिर फाइलों में ये शिकायत भी दब कर रह जाएगी।

