गोण्डा। मनकापुर कोतवाली क्षेत्र में गुरुवार सुबह एक सरकारी कंपोजिट शराब की दुकान के पीछे अधेड़ व्यक्ति का शव मिलने से सनसनी फैल गई। शव मिलने की सूचना पर क्षेत्र में हड़कंप मच गया और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौके पर एकत्र हो गए। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, मनकापुर-मसकनवा मार्ग स्थित एनएच-727जी पर बल्लीपुर के सरकारी कंपोजिट शराब ठेके के पीछे खेत के किनारे कंटीले तारों के पास एक व्यक्ति का शव पड़ा मिला। सूचना मिलने पर पहुंची मनकापुर कोतवाली पुलिस ने पहचान कराई, जिसमें मृतक की पहचान सुधई राजभर (42 वर्ष) पुत्र लहोरी राजभर, निवासी भरपुरवा मजरा, ग्राम वीरपुर, थाना छपिया, जनपद गोंडा के रूप में हुई।
परिजनों से मिली जानकारी के अनुसार, सुधई राजभर सूरत में रहकर मजदूरी करता था और बुधवार को ही सूरत से सीधे अपनी बहन के घर, पेरीपोखर (मनकापुर) पहुंचा था। बहन के किसी रिश्तेदारी में जाने के कारण मुलाकात नहीं हो सकी, जिसके बाद वह वहां से वापस लौट गया। इसके बाद से उसका कोई पता नहीं चला। गुरुवार सुबह उसका शव शराब की दुकान के पीछे संदिग्ध परिस्थितियों में मिला।
मृतक की बहन के अनुसार, सुधई शराब पीने का आदी था और संभवतः शराब के सेवन के लिए ठेके पर आया होगा। आशंका जताई जा रही है कि अत्यधिक शराब सेवन अथवा अन्य कारणों से उसकी मौत हुई हो, हालांकि मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगा। मृतक अविवाहित नहीं था, लेकिन उसकी पत्नी, माता-पिता का पहले ही निधन हो चुका है तथा उसकी कोई संतान भी नहीं है।
घटना के संबंध में प्रभारी निरीक्षक गौरव सिंह तोमर ने बताया कि शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। मामले की सभी पहलुओं से जांच की जा रही है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।
शराब ठेके के संचालन पर भी उठे सवाल
घटना के बाद स्थानीय लोगों ने बल्लीपुर स्थित सरकारी कंपोजिट शराब दुकान के संचालन पर भी गंभीर सवाल खड़े किए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि दुकान पर दिन-रात शराबियों का जमावड़ा लगा रहता है और निर्धारित समय सीमा का पालन नहीं किया जाता। लोगों का कहना है कि राष्ट्रीय राजमार्ग के किनारे स्थित इस ठेके पर देर रात तक गतिविधियां चलती रहती हैं, जिससे आसपास के क्षेत्र का माहौल प्रभावित होता है।
हालांकि, शराब दुकान के संचालन, समय सीमा और नियमों के उल्लंघन संबंधी आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है। प्रशासनिक स्तर पर इन आरोपों की जांच के बाद ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
पुलिस फिलहाल अधेड़ की मौत को संदिग्ध मानते हुए सभी संभावित पहलुओं पर जांच कर रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के कारणों और परिस्थितियों पर स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी।

