गोण्डा। जिला अस्पताल में तैनात डॉक्टरों के ऊपर आए दिन एक न एक आरोप-प्रत्यारोप लगते रहते हैं। लेकिन कहीं न कहीं डॉक्टर जब मरीजों के सामने भगवान के रूप में खड़ा होकर उसका दवा इलाज कर खड़ा कर देता है तो मरीज डॉक्टर को भगवान ही मानने लगते हैं। ताजा मामला जिला अस्पताल का है जहां पर तैनात हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉक्टर अरुण मिश्रा ने अभय पांडे नामक व्यक्ति का दाहिने पैर का ऑपरेशन किया और बुरी तरीके से घायल व्यक्ति तीसरे दिन ही वाकर लेकर चलने लगा बताते चलें कि शहर के पांडे खास चौक बाजार के रहने वाले अभय पांडे उर्फ मिक्कू पांडे पुत्र अरुणी प्रसाद पांडे का बीते शनिवार को कर्नलगंज से गोंडा आते समय लखनऊ हाईवे मार्ग एससीपीएम कॉलेज के पास कुत्ते से लड़कर एक्सीडेंट हो गया था स्थानीय लोगों की मदद से बुरी तरीके से घायल अभय पांडे को 108 एंबुलेंस सहायता से जिला अस्पताल लाया गया था। जहां पर डॉक्टरों ने दवा इलाज करने के बाद दाहिने पैर में ज्यादा चोटे लगने के कारण लखनऊ ले जाने के लिए परिवार जनों को सलाह दिया था। परिजनों ने तत्काल घायल व्यक्ति का दाहिने पैर एक्सरा कराया तो इमरजेंसी में बैठे डॉक्टरों ने बताया कि घायल व्यक्ति का दाहिना पैर तीन जगह हड्डी टूटी हुई पाया गया है। इमरजेंसी में बैठे डॉक्टरों ने एक बार फिर लखनऊ के लिए ले जाने की बात कही लेकिन परिजनों ने घायल मरीज को लेकर घर चले आयेऔर एक्सरा रिपोर्ट लेकर अपनी व्यथा डॉक्टर अरुण मिश्रा को बताया जिस पर उन्होंने बताया कि आप जिला अस्पताल में भर्ती कीजिए मौ उनको जल्द से जल्द ऑपरेशन करके स्वस्थ कर दूंगा डॉक्टर की बात मानते हुए परिजनों मंगलवार को घायल व्यक्ति को जिला अस्पताल में भर्ती करा दिया और बुधवार को डॉ अरुण मिश्रा ने मिक्कू पांडे का सुबह आप्रेशन कर दिया और प्राइवेट वार्ड में भर्ती करा दिया शुक्रवार को घायल मिक्कू पांडे प्राइवेट वार्ड से वाकर लेकर बाहर की तरफ निकल पड़े और कहने लगे कि हमको नहीं विश्वास था कि मेरा पैर सही हो जाएगा और हम तीसरे दिन ही चले लगेंगे जिसको लेकर उन्होंने डॉ अरुण मिश्रा को भगवान मानते हुए बताया कि ऐसे ही डॉक्टर मेरे जिले में रहेंगे तो मरीजों को लखनऊ नहीं जाना पड़ेगा और यही उनका इलाज सुचारू रूप से हो जाएगा।

