गोण्डा। जनपद के विकास खण्ड परसपुर के सचिवों द्वारा की गई वित्तीय अनियमितता को संज्ञान लेते हुए जिलाधिकारी उज्जवल कुमार ने जिला विकास अधिकारी दिनकर विद्यार्थी को तीन सदस्यीय टीम गठित कर जांच का आदेश दिया था। जिसके क्रम में राकेश कुमार एडीओ आईएसबी, अनिल चौधरी एडीओ एसटी और प्रताप सिंह जेई एमआई को तीन सदस्यीय टीम में शामिल कर निष्पक्ष जांच करने एवं एक सप्ताह में जांच आख्या प्रस्तुत करने का निर्देश खण्ड विकास अधिकारी परसपुर वर्षा सिंह ने दिया। साथ ही पूरे प्रकरण की जानकारी मुख्य विकास अधिकारी गौरव कुमार, जिला पंचायतराज अधिकारी लालजी दुबे एवं जिला विकास अधिकारी दिनकर विद्यार्थी को समिति को दिये निर्देश की प्रतिलिपि भेजकर दिया। बताते चलें कि विकास खण्ड परसपुर के सचिवों द्वारा ग्राम पंचायतों के समाचार पत्रों में प्रकाशित निविदाओं के विज्ञापन का भुगतान समाचार पत्र के खाते में न करके व्यक्तिगत खाते में कर दिया था। इस तरह अनेकों निविदाओं के विज्ञापन प्रकाशन का भुगतान कमल किशोर सिंह और जितेन्द्र कुमार शुक्ला के व्यक्तिगत खाते में किया गया। मामले पर पिछले दिनों समाचार पत्र ने ब्लाक परसपुर के सचिवों ने की वित्तीय अनियमितता पर खबर भी प्रकाशित किया था। जिस पर खण्ड विकास अधिकारी वर्षा सिंह ने प्रकरण को वित्तीय अनियमितता की श्रेणी में माना था। खबर प्रकाशित होने के बाद शोकाज नोटिस सचिवों को जारी किया गया था, जिस पर एडीओ पंचायत ने रिपोर्ट भी लगाई थी। शिकायतकर्ता राहुल वर्मा शिकायत से संतुष्ट नहीं थे। उन्होंने त्रिस्तरीय कमेटी गठित कर निष्पक्ष जांच करने और दोषियों पर मुकदमा दर्ज करने की मांग किया है।

