रिर्पोट आर तिवारी
गोण्डा। सडक हादसों को रोकने के लिए शासन प्रशासन यातायात व्यवस्था सुदृढ़ हो घटना दुर्घटना कम हो इसके लिए यातायात मेला सहित तमाम तरह से लोगो को जागरूक करा रहा है। लेकिन सबसे अधिक समस्या दुर्घटना की वजह नवम्बर माह से लेकर अप्रैल तक यानि गन्ना बिक्री सीजन जिसमें गन्ना लदे ट्रक,ट्राला,तथा तौल सेन्टर तक गन्ना किसानों द्वारा टैक्टर ट्राली किसी यमदूत से कम नहीं । अक्सर किसान अधिक लाभ कमाने कम खर्च में अधिक बचत की नियत से एक वाहन में एक से अधिक दो,दो ट्रालियों को जोड़ कर तौल सेन्टर तक गन्ना ले जातै देखें जा सकते हैं। ऐसे में आगे पीछे से आरहे अन्य वाहन दिखाई नहीं देते ऊंची लदान । तथा तौल सेन्टर से चीनी मिल तक गन्ना पहुंचाने के लिए लगाए गये ट्राला,ट्रक ओवर ऊंचाई तक गन्ना लादकर मिल जाते हैं। ईश्वर ना करें यदाकदा रस्सा टुट या खुल जाये अथवा हिचकोले खा रही सड़क उपर से अधिक गन्ना खतरे की वजह बन सकती हैं। जो अन्य आवागमन करने वाले लोगों के लिए घातक जानलेवा बनने से इंकार नहीं किया जा सकता। ठंडी का मौसम उपर से कोहरे पढ़ने लगते हैं रास्ता दिखाई नहीं पड़ता रात मे नजदीक आने पर जब तक कुछ समझ में आता तब तक बहुत देर हो चुकी होती है।इस समय गांव से किसानों गन्ना ढुलाई शुरू हो चुका है एक वाहन से दो से तीन ट्रालियां गन्ना वाहन किसी यमदूत से कम नहीं ।

