-आखिर क्यों एएसडीएम की जांच रिपोर्ट पर डीएम नहीं कर रहे कार्यवाही
गोण्डा। सीएमओ कार्यालय के कर्मियों पर बार-बार र्भ्ष्टाचार व मनमानी का आरोप लगने के साथ अखबारों में खबर छापने एवं सोशल मीडिया में खबर एवं वीडियो वायरल होने के बावजूद भी भ्रष्टाचार करने वाले कर्मचारियों को प्रत्येक बार बचाया जाता है। यहां तक कि कार्यालय लिपिक शशीकांत द्वारा स्टाफ नर्सों से ज्वाइनिंग हेतु बीस से पचास हजार रुपए मांगने का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ और अनेकों समाचारपत्रों ने खबर भी प्रकाशित किया परन्तु पुनः स्टाफ नर्सों का बयान बदलवा कर मामले को रफा दफा करके लिपिक शशीकांत को निर्दाेष मान लिया गया। इसी प्रकरण की जांच जब एएसडीएम कुलदीप सिंह को दी गई तो दौरान जांच कुलदीप सिंह ने लिपिक शशीकांत को दोषी पाया। एएसडीएम कुलदीप ने अपनी जांच रिपोर्ट भी 23 सितंबर को जिलाधिकारी को सौंप दिया, परन्तु आज तक लिपिक शशीकांत पर कोई कार्यवाही क्यों नहीं हुई। ये प्रश्न अनुत्तरित रह गया। इसके अलावा मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय में और भी कई अनियमितताएं हुई जिसकी भी खबर अनेकों समाचारपत्रों ने प्रकाशित किया परन्तु भ्रष्टाचारियों पर कोई फर्क नहीं पड़ा। विदित हो कि बीते सत्र में हुए पल्स पोलियो अभियान के दौरान पुराना पम्पलेट व विशेष संचारी रोग अभियान के कार्यक्रम व प्रचार प्रसार के दौरान बीते वर्ष का पोस्टर सभी सीएचसी पर भेजा गया। बीते स्वास्थ्य मेले के कार्यक्रम हेतु बगैर जेम पोर्टल से टेण्डर कराए ही चहेते फर्म को करीब 29 लाख रुपए का कार्य दे दिया गया। सगुन किट सप्लाई के दौरान भी भारी खेल का प्रयास जारी होने की खबर समाचार पत्र में प्रकाशित होने पर कुछ सुधार जरूर आया परन्तु कार्यवाही नही हुई।इसके बावजूद भी आरोपित किये गये लिपिक शशिकान्त सिंह अपने कार्यालय के कम्प्यूटर पर बेखौफ होकर निजी एजेंट रखकर डाटा फीडिंग का कार्य करा रहे हैं। स्टेट बजट का लिखा पढ़ी व लेखा जोखा का कार्य चपरासी हरीराम द्वारा सीएमओ के जानकारी में किया जा रहा है। बताया तो यहां तक जाता है कि चपरासी हरीराम द्वारा फर्मों से सेटिंग गेटिंग कर कार्य दिया जाता है उसके बाद कमीशन वसूली कर संबंधित तक पहुंचाया जाता है। प्रकरण पर एएसडीएम कुलदीप सिंह का कहना है कि जांच में सीएमओ कार्यालय के लिपिक दोषी पाए गए हैं जिसकी आख्या रिपोर्ट 24/25 सितम्बर को जिलाधिकारी के समक्ष प्रस्तुत कर हमने अपना काम कर दिया है। कार्यवाही करने का काम जिलाधिकारी का है।


No comments:
Post a Comment
कमेन्ट पालिसी
नोट-अपने वास्तविक नाम व सम्बन्धित आर्टिकल से रिलेटेड कमेन्ट ही करे। नाइस,थैक्स,अवेसम जैसे शार्ट कमेन्ट का प्रयोग न करे। कमेन्ट सेक्शन में किसी भी प्रकार का लिंक डालने की कोशिश ना करे। कमेन्ट बॉक्स में किसी भी प्रकार के अभद्र भाषा का प्रयोग न करे । यदि आप कमेन्ट पालिसी के नियमो का प्रयोग नही करेगें तो ऐसे में आपका कमेन्ट स्पैम समझ कर डिलेट कर दिया जायेगा।
अस्वीकरण ( Disclaimer )
गोण्डा न्यूज लाइव एक हिंदी समुदाय है जहाँ आप ऑनलाइन समाचार, विभिन्न लेख, इतिहास, भूगोल, गणित, विज्ञान, हिन्दी साहित्य, सामान्य ज्ञान, ज्ञान विज्ञानं, अविष्कार , धर्म, फिटनेस, नारी ब्यूटी , नारी सेहत ,स्वास्थ्य ,शिक्षा ,18 + ,कृषि ,व्यापार, ब्लॉगटिप्स, सोशल टिप्स, योग, आयुर्वेद, अमर बलिदानी , फूड रेसिपी , वाद्ययंत्र-संगीत आदि के बारे में सम्पूर्ण जानकारी केवल पाठकगणो की जानकारी और ज्ञानवर्धन के लिए दिया गया है। ऐसे में हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि आप किसी भी सलाह,उपाय , उपयोग , को आजमाने से पहले एक बार अपने विषय विशेषज्ञ से अवश्य सम्पर्क करे। विभिन्न विषयो से सम्बन्धित ब्लाग/वेबसाइट का एक मात्र उद्देश आपको आपके स्वास्थ्य सहित विभिन्न विषयो के प्रति जागरूक करना और विभिन्न विषयो से जुडी जानकारी उपलब्ध कराना है। आपके विषय विशेषज्ञ को आपके सेहत व् ज्ञान के बारे में बेहतर जानकारी होती है और उनके सलाह का कोई अन्य विकल्प नही। गोण्डा लाइव न्यूज़ किसी भी त्रुटि, चूक या मिथ्या निरूपण के लिए जिम्मेदार नहीं है। आपके द्वारा इस साइट का उपयोग यह दर्शाता है कि आप उपयोग की शर्तों से बंधे होने के लिए सहमत हैं।