गोण्डा। प्रयाग डिपो रोडवेज के चालक द्वारा नवाबगंज कोल्ड स्टोर चौराहे पर रात्रि मे बस रोककर डीजल बेचने का मामला प्रकाश मे आया है,. जिसकी शिकायत होने पर विभाग द्वारा रोडवेज चालक की संविदा रद कर कार्यवाही शुरू कर दी गयी है। बीते 6 सितम्बर प्रयाग डिपो रोडवेज बस गोण्डा से प्रयाग के लिए निकली। रात्रि करीब 9 बजे के आस पास चालक द्वारा नवाबगंज मे कोल्ड स्टोर के पास स्थित रायल फैमली ढाबे पर बस रोक दी गयी। सफर कर रहे अधिवक्ता ज्ञानेंद्र कुमार शर्मा सहित अन्य लोगो ने इस पर सवाल किया तो चालक द्वारा भोजन करने की बात बताई गयी किन्तु सरकारी रोडवेज बसों का ठहराव अधिकृत स्थानों पर होता है. और उक्त ढाबे पर बस रोकने का कोई औचित्य ही नहीं था। चालक द्वारा बस को सड़क के समीप ना खडी करके बिलकुल अंदर ले जाकर रोका गया। जब तक चालक व परिचालक ने भोजन किया तब तक बस से 20 लीटर के करीब डीजल ढाबा संचालको द्वारा गइलन व पाइप के सहारे निकाल लिया गया।. इसके एवज मे खाना खिलाने के साथ ही ढाबा संचालक द्वारा बस चालक को रूपये भी दिए गए। इस दृश्य को कैमरे मे कैद करने के साथ ही अधिवक्ता द्वारा इसका विरोध किया गया जिस पर बस चालक दिनेश कुमार पाल व ढाबा मालिक के साथियो ने अधिवक्ता को धमकाने का प्रयास किया,. किन्तु अधिवक्ता द्वारा कड़ा विरोध करने पर बस चालक ने बस चढ़ाने का भी प्रयास किया। इसी बीच अधिवक्ता द्वारा डायल 100 को जब सूचना दी गयी तब जाकर सभी डर कर शांत हुए और बस अयोध्या के लिए रवाना हुई। अयोध्या पहुँचते ही अधिवक्ता द्वारा इसकी शिकायत रोडवेज विभाग के उच्चाधिकारियो से गयी जिस पर मामले को संज्ञान मे लेते हुए विभाग द्वारा वाहन मे डीजल की माप के साथ अन्य जाँच की गयी,. शिकायत के तथ्य सही मिलने पर विभाग ने संविदा चालक की समस्त देय राशि रोकते हुए संविदा को समाप्त कर दिया है. वही परिचालक ने भी इन सभी घटनाओ की पुष्टि करते हुए विभाग को गवाह के रूप मे जानकारी प्रदान की। फिलहाल अब देखना है की नवाबगंज मे संचालित रायल फैमली ढाबे पर विभाग क्या कार्यवाही करता है।. इस प्रकार से सरकारी ईधन की चोरी मे संलिप्त ढाबे के संचालक पर भी कड़ी कार्यवाही और रिक्वेरी होनी चाहिए।.
गोण्डा-डीजल चोरी करने वाले रोडवेज चालक पर हुई कार्यवाही
गोण्डा। प्रयाग डिपो रोडवेज के चालक द्वारा नवाबगंज कोल्ड स्टोर चौराहे पर रात्रि मे बस रोककर डीजल बेचने का मामला प्रकाश मे आया है,. जिसकी शिकायत होने पर विभाग द्वारा रोडवेज चालक की संविदा रद कर कार्यवाही शुरू कर दी गयी है। बीते 6 सितम्बर प्रयाग डिपो रोडवेज बस गोण्डा से प्रयाग के लिए निकली। रात्रि करीब 9 बजे के आस पास चालक द्वारा नवाबगंज मे कोल्ड स्टोर के पास स्थित रायल फैमली ढाबे पर बस रोक दी गयी। सफर कर रहे अधिवक्ता ज्ञानेंद्र कुमार शर्मा सहित अन्य लोगो ने इस पर सवाल किया तो चालक द्वारा भोजन करने की बात बताई गयी किन्तु सरकारी रोडवेज बसों का ठहराव अधिकृत स्थानों पर होता है. और उक्त ढाबे पर बस रोकने का कोई औचित्य ही नहीं था। चालक द्वारा बस को सड़क के समीप ना खडी करके बिलकुल अंदर ले जाकर रोका गया। जब तक चालक व परिचालक ने भोजन किया तब तक बस से 20 लीटर के करीब डीजल ढाबा संचालको द्वारा गइलन व पाइप के सहारे निकाल लिया गया।. इसके एवज मे खाना खिलाने के साथ ही ढाबा संचालक द्वारा बस चालक को रूपये भी दिए गए। इस दृश्य को कैमरे मे कैद करने के साथ ही अधिवक्ता द्वारा इसका विरोध किया गया जिस पर बस चालक दिनेश कुमार पाल व ढाबा मालिक के साथियो ने अधिवक्ता को धमकाने का प्रयास किया,. किन्तु अधिवक्ता द्वारा कड़ा विरोध करने पर बस चालक ने बस चढ़ाने का भी प्रयास किया। इसी बीच अधिवक्ता द्वारा डायल 100 को जब सूचना दी गयी तब जाकर सभी डर कर शांत हुए और बस अयोध्या के लिए रवाना हुई। अयोध्या पहुँचते ही अधिवक्ता द्वारा इसकी शिकायत रोडवेज विभाग के उच्चाधिकारियो से गयी जिस पर मामले को संज्ञान मे लेते हुए विभाग द्वारा वाहन मे डीजल की माप के साथ अन्य जाँच की गयी,. शिकायत के तथ्य सही मिलने पर विभाग ने संविदा चालक की समस्त देय राशि रोकते हुए संविदा को समाप्त कर दिया है. वही परिचालक ने भी इन सभी घटनाओ की पुष्टि करते हुए विभाग को गवाह के रूप मे जानकारी प्रदान की। फिलहाल अब देखना है की नवाबगंज मे संचालित रायल फैमली ढाबे पर विभाग क्या कार्यवाही करता है।. इस प्रकार से सरकारी ईधन की चोरी मे संलिप्त ढाबे के संचालक पर भी कड़ी कार्यवाही और रिक्वेरी होनी चाहिए।.
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