हमने आपको हमारी वेबसाइट के ऊपर बहुत सी चीजों के बारे में जानकारी दी है और वह सभी जानकारी आपको अलग अलग चीजों के बारे में दी है हमने किसी विशेष चीज के बारे में जानकारी जरुरी है लेकिन किसी एक ही टॉपिक पर हमने सभी जानकारी नहीं दी है हमने आपको अलग अलग तरह से जानकारी हमारी पोस्टों में बताइए जैसे कि किसी चीज के आविष्कार के बारे में बताया है किसी स्वास्थ्य की चीज के बारे में बताया है या किसी टेक्निकल ट्रिक्स के बारे में बताया है तो इसे पिछली पोस्ट में हमने आपको स्वास्थ्य से संबंधित कुछ जानकारी दी थी लेकिन इस पोस्ट में हम आपको एक महत्वपूर्ण और रोचक जानकारी बताएंगे हम इस पोस्ट में आपको टूथब्रश के आविष्कार और इतिहास के बारे में पूर्ण जानकारी देंगे यह जानकारी आपके लिए बहुत ही आवश्यक है
और यह जानकारी शायद आपने पहले कभी नहीं सुनी होगी या नही कभी देखी होगी और टूथ ब्रश हमारे हर रोज कमाने वाली एक बहुत ही अच्छी चीज है जो कि हमारी साफ-सफाई को ध्यान में रखते हुए हमारे जीवन का एक हिस्सा है क्योंकि अगर टूथ ब्रश नहीं होता. तो हम हमारे दांतो की सफाई नहीं कर पाते और हमारे दांत बिल्कुल गंदे हो जाएंगे और जिस से हमारे दांत बहुत जल्दी खत्म भी हो जाते हैं क्योंकि जब हम खाना खाते हैं तो हमारे दांतो के बीच में जो जगह होती है उसके बीच में खाना अटक जाता है और वह खाना अगर हम साफ नहीं कर पाते हैं तो हमारे मुंह से बदबू आने लगती है और उसको साफ करने के लिए हम टूथ ब्रश का इस्तेमाल करते हैं जिससे कि हमारे दांतों के बीच फंसा हुआ खाना आसानी से निकल जाता है तो नीचे हम आपको टूथब्रश के बारे में जानकारी दे रहे हैं इसे आप अच्छी तरह से पढ़िए तो देखिए.
टूथब्रश का आविष्कार किसने किया
आज के समय में तो बहुत ही अलग अलग तरह की बीमारी आ चुकी है जो कि हमारे दांतो को बस कुछ ही दिनों में खत्म कर देती है इसलिए उस दृष्टिकोण से भी हमारे दांतो के लिए टूथ ब्रश महत्व बहुत बढ़ जाता है. क्योंकि टूथ ब्रश अगर हम हर रोज टूथ ब्रश करते हैं तो हमारे दांतो में जो बीमारी होती है वह जल्दी नहीं लग पाएगी क्योंकि आजकल बहुत ही अच्छे अच्छे तरह के टूथपेस्ट भी आते हैं जो कि हमारे दांतो की रक्षा करते हैं इसलिए टूथब्रश का हमारे दांतो के लिए होना बहुत ही आवश्यक है.
माना जाता है कि सबसे पहले 2800 B.C में बाबूलियो ने टूथ ब्रश का इस्तेमाल किया था. उस समय में वह एक लकड़ी के टुकड़े को लेकर उसे अपने दांतो के बीच में दबाकर आगे से और उसके जैसा बनाते थे और पीछे की तरफ से भी उस लकड़ी के टुकड़े को बिल्कुल नुकीला बनाते थे.जिससे कि पिछली तरफ से वे उस लकड़ी के टुकड़े से अपने दांतो में फंसे हुए खाने को निकाल सके. लगभग 1600 बीसीसी, चीनी ने “चबाने वाली छड़ें” विकसित की जो सुगंधित वृक्ष टहनियों से सांस को ताज़ा करने के लिए बनाई गई थी.
फिर उसके बाद सबसे पहली बार टूथब्रश का अविष्कार भी चाइना में ही हुआ था. सबसे पहली बार चीन में सूअरों के बाल के साथ टूथ ब्रश का आविष्कार किया गया क्योंकि वहां के मौसम के कारण उनके जानवरों के बाल बहुत सख्त होते थे इसलिए उन बालों को बांस और हड्डी की छड़ी में बारीक छेद करके टूथ ब्रश तैयार किया गया था और फिर उसके बाद यह टूथ ब्रश चाइना से यूरोप में ले जाया गया और जो यूरोप के लोग जो चाइना में रहते थे उन लोगो ने इस टूथ ब्रश को चाइना से यूरोप तक पहुंचाया क्योंकि सिर्फ उस समय दांत को साफ़ करने के लिए यही एक नमूना था और इसी कारण इंग्लैंड ने चाइना से 20 शताब्दी तक इन टूथ ब्रश को खरीदा.
यदि आज के आधुनिक युग में हम जिस टूथ ब्रश इस्तेमाल करते हैं उसकी बात करें तो आज के आधुनिक युग के टूथब्रश का आविष्कार एक कैदी ने किया था और यह बात आप जानकर बहुत हैरान होंगे कि एक कैदी टूथ ब्रश का अविष्कार कैसे कर सकता है लेकिन यह बात सच है इस टूथब्रश का आविष्कार एक कैदी ने किया था 1780 में इंग्लैंड के विलियम एडीस जेल अपने दातो को साफ करने के लिए नमक राख जैसी चीजों का इस्तेमाल करते थे. लेकिन उसके बाद भी उसके दांत कितने साफ नहीं हो पाए और फिर उसने एक दिन अपने खाने में आई हुई एक हड्डी को लिया और उसके अंदर छेद किए और फिर उसको जानवर के बालों के साथ चिपका दिया और जब विलियम एडीस जेल से रिहा हुए तो इसी तरह के बहुत से टूथब्रश बनाकर बेचना शुरू किया और अपनी एक कंपनी भी शुरू की. और वह कंपनी शुरू करने के बाद एक बहुत ही बड़ा आदमी और अमीर आदमी बन गया और बहुत बड़े पैमाने पर उसका व्यापार शुरू हो गया 1808 में उनके सबसे बड़े बेटे को अपार के वसीयत में मृत्यु हो गई और यह है 1996 तक परिवार के स्वामित्व में ही रहा. और आज विस्डम टूथब्रश नाम के तहत, कंपनी अब प्रति वर्ष 70 मिलियन टूथब्रश बनाती है.
1857 में यूनाइटेड स्टेट्स ने इस अविष्कार का पहला पेटेंट H.N Wordsworth. को दिया लेकिन उस समय यूनाइटेड स्टेट में ब्रश करने वालों की संख्या बहुत कम थी लेकिन दूसरे विश्व युद्ध के दौरान जब सैनिक वापस घर लौटे तो उन्होंने ब्रश करने की आदत सभी लोगों में डाल दी. ब्रश करने की आदत आम लोगों में भी हो गई.
फिर उसके लगभग बहुत सालों के बाद नायलॉन का आविष्कार किया गया और जब नायलॉन का अविष्कार हुआ तो उस समय में टूथब्रश के ऊपर से जानवरों के बालों को हटाकर नायलॉन लगा दिए गया. और 1938 में यह एक बिना जानवरों के बालों का टूथब्रश तैयार किया गया और 1950 में नरमे नायलॉन की रस्सी बनाई गई थी. क्योंकि लोग इन्हें बहुत पसंद करते थे पहला इलेक्ट्रिक टूथब्रश 1939 में बनाया गया था और 1960 में अमेरिका में पहला इलेक्ट्रिक टूथब्रश ब्रोक्सोडेंट था.

