-आठ माह से शासन-प्रशासन से लगाता रहा गुहार, फिर भी हो गयी बेटी की हत्या
गोंडा 29 जून। लगभग आठ माह पहले से एसपी से लेकर मुख्यमत्री पोर्टल तक पीड़ित बाप गोहार लगाता रा कि कोई हमारी बेटी को बचा लो, वरना विपक्षी उसकी हत्या कर देंगे, परन्तु पी़िड़त को न सिर्फ कोतवाली देहात से भगाया गया बल्कि उल्टे मुकदमें में फंसा देने की धमकी तक कोतवाली देहात पुलिस द्वारा दी गयी। नतीजन गत 18 जून दिन शुक्रवार को पीड़ित राममूरत की बेटी को मारा-पीटा गया, इलाज के दौरान उसकी मृत्यु हो गयी और 22 जून दिन मंगलवार को पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद कोतवाली देहात पुलिस ने अन्र्तगत धारा 304 के तहत मुकदमा दर्ज किया। प्राप्त समाचार के अनुसार राममूरत निवासी मधईपुर थाना कोतवाली देहात गोण्डा से उनके साढू संतोष कुमार पुत्र कृष्ण नरायण निवासी पिढ़ैैइया भगहर बुलन्द थाना कोतवाली देहात ने 8 बीघा 3 विस्वा जमीन नशा कराकर एवं बहला-फुसला कर बैनामा करा लिया था और इसकेे बदले में राममूरत की लड़की निशा की शादी करानेे एवं राममूरत का घर बनवाने का वादा किया था। बैनामे के बाद दाखिल खारिज में कोई परेशानी न आवे इसलिये संतोष कुमार ने अपने साढू को 3 महीने तक अपने घर में रखा। तत्पश्चात् भगा दिया और लड़की निशा को बहला-फुसला कर अपने पास रखे रहे। राममूरत ने 3 नवम्बर 2020 को पुलिस अधीक्षक गोण्डा एंवं जन सुनवाई पोर्टल पर वं पुनः 21 नवम्बर 2020 को पुलिस अधीक्षक गोण्डा से जरिए प्रार्थना-पत्र गुहार लगाई जिसमे साफ-साफ आशंका जताया गया कि हमारी बेटी निशा को दबाव मे लेकर अपने पक्ष में बयान करवा रहे हैं और भविष्य में मेरी बेटी की हत्या हो सकती है, परन्तुुुुुुुुुु पुलिस ने एक न सुनी और देहात कोतवाली से डांटं कर भगा दिया। साथ में उल्टा मुकदमें में फ़साने की धमकी तक दे दिया। जन सुनवाई का निस्तारण भी निशा के बयान के आधार पर पुलिस ने कर दियां। नतीजन विपक्षियों के हौसले बुलन्द हो गए और शादी में खर्च से बचने की नियत से निशा को उसके मौसा संतोष ने मारा-पीटा जिससे इलाज के दौरान उंसकी मृत्यु हो गयी। बतौर वादी मुकदमा मृत्यु के उपरान्त निशा की लाश लावारिस अवस्था मे छो़ड़कर उसके मौसा व अन्य घर वाले फरार हो गए। मामले पर विवेचक केदार राम से उनके मोबाइल नम्बर 9838011635 पर जब बात की गयी तो उन्होंने बताया कि अभी तक न कोई गिरफ्तारी हुई है और न ही गिरफ्तारी का प्रयास किया गया है। अभी मात्र साक्ष्य एकत्र किये जा रहे हैं। बाकी विवेचना की सारी बातें हम नही बता सकते।
वादी ने लगाया प्राईवेट डाक्टर पर गंभीर आरोप
मृतका के पिता रामरमूूूूरत ने 26 जून दिन शनिवार को एसपी को दिए प्रार्थना-पत्र में मेडिसिन हास्पिटल के डा0 इरफान पर गंभीर आरोप लगाये है। अपने प्रार्थना-पत्र में रामूरत ने बताया कि जिला अपतल से पहले मेडिसिन हास्पिटल में डा0 इरफान ने निशा का इलाज किया जहां पर डाक्टर ने एनिमिया, पीलिया जैसे रोग का इलाज कर रिपोर्ट तैयार कर विपक्षियो से मिलीभगत करके उन्हे बचाने की कोशिश की है। जबकि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में शरीर में चोट की पुष्टि हुई है। जहां एक ओर वादी मुकदमा राममूरत ने डा0 इरफान पर अपराधियों का साथ देेेेेने के लिए कार्यवाही की मांग पुलिस अधीक्षक गोण्डा से की है। वहीं डा0 इरफान से मुलाकात के दौरान उन्होने बताया कि उनके यहां निशा 17 जून दिन गुरूवार की रात 8 बजकर 16 मिनट पर भर्ती हुई। इस दौरान उनके पास डा0 महमूद की जांच रिपोर्ट थी उसी आधार पर मने उपचार शुरू किया। उनके पास मौजदूा रिपोर्ट में हीमोग्लोबिन 2, टीएलसी 28410 जो काफी बढ़ा हुआ था, प्लेटलेेटस 25000 था, पीलिया 5 से उपर था जो काफी बढ़ा हुआ था फिर भी डा0 इरफान का कहना है कि मरीज स्वयं उठकर गया था। मैने 18 जून को हायर सेंटर के लिए रिफर किया।

