प्राचीन काल से ही बड़ी सी बड़ी बीमारी के लिए घरेलू उपचारों का प्रयोग किया जाता रहा है। इनकी खास बात यह होती है कि इनका कोई साइड इफ़ेक्ट नहीं पड़ता और आप इन उपपायों को अपने सामान्य चिकित्सा के साथ भी अपना सकते हैं। ऐसे में यह घरेलु उपचार प्रोस्टेट कैंसर को रोकने में बहुत ही महत्वपूर्ण भूमिका अदा करते हैं।
आइये जानते हैं किन घरेलु उपायों को अपनाकर प्रोस्टेट कैंसर को रोकने में मदद मिल सकती है :
- एलोवेरा : अलोवेरा को प्रोस्टेट कैंसर के उपचार के लिए सबसे अच्छा माना जाता है। प्रोस्टेट कैंसर से ग्रस्त मरीजों को नियमित रूप से एलोवेरा का सेवन करना चाहिए। एलोवेरा में कैंसररोधी तत्व पाये जाते हैं जो कि कैंसर की कोशिकाओं को बढ़ने से रोकते हैं।
- सीताफल के बीज: सीताफल के बीज इस प्रोस्टेट संबंधी बीमारी में बेहद लाभदायक होते हैं। सीताफल के कच्चे बीज को अगर हर दिन भोजन में उपयोग किया जाए, तो यह काफी हद तक यह प्रोस्टेट की समस्या से बचाव करने में मददगार होता है। इन बीजों में ऐसे ‘प्लांट केमिकल’ होते हैं, जो शरीर में जाकर टेस्टोस्टेरोन को डिहाइड्रोटेस्टोस्टेरोन में बदलने से रोकते हैं, जिससे प्रोस्टेट कोशिकाएं नहीं बन पातीं।
- ज़िंक : ज़िंक की उचित मात्रा में खुराक लेना बढ़े हुए प्रोस्टेट कैंसर को कम करने में मददगार होता है। मुर्गी, समुद्री भोजन और कई प्रकार के बीज और नट्स, जैसे तिल और कद्दू में जिंक उचित मात्रा में पाया जाता है।
- ब्रोकोली: ब्रोकोली के अंकुरों में मौजूद फायटोकेमिकल कैंसर की कोशाणुओं से लड़ने में सहायता करते हैं। यह एंटी ऑक्सीडेंट का भी काम करते हैं और खून को शुद्ध भी करते हैं। प्रोस्टेंट कैंसर होने पर ब्रोकोली का सेवन करना चाहिए।
- विटामिन डी: विटामिन डी की उचित मात्रा होने से प्रोस्टेट कैंसर होने का खतरा नहीं रहता। यह न केवल प्रोस्टेट कैंसर से रक्षा करता है बल्कि होने के बाद इससे उपचार भी संभव है। फोर्टिफाइड दालें और ठंडे पानी में रहने वाली मछलियां विटामिन डी की अच्छी स्त्रोत होती हैं। इसके साथ ही आप विटामिन डी 3 के सप्लीमेंट भी ले सकते हैं।
- ग्रीन टी : ग्रीन टी एक ऐसी हर्ब है जिसमें बहुत से गुण होते हैं और यह प्रोस्टेट कैंसर के उपचार में भी सहायक है। ग्रीन टी में पोलीफिनोल्स उचित मात्रा में होते हैं जो कैंसर पैदा करने वाले सेल्स को नस्ट कर देते हैं।
- लहसुन: लहसुन में औषधीय गुण होते हैं। लहसुन में बहुत ही शक्तिशाली एंटी-ऑक्सीडेंट होते हैं जैसे – एलीसिन, सेलेनियम, विटामिन सी, विटामिन बी। इसके कारण कैंसर से बचाव होता है और कैंसर होने पर लहसुन का प्रयोग करने से कैंसर बढ़ता नही है।


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