-जिलाधिकारी की अध्यक्षता में लाभार्थियों को वितरित किए गए स्वीकृति प्रमाण पत्र एवं डेमो चेक
गोण्डा । जिला पंचायत सभागार में जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन की अध्यक्षता में दुग्ध विभाग द्वारा जनपद स्तरीय डेयरी कॉन्क्लेव कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा देना, पशुपालकों को आत्मनिर्भर बनाना तथा विभाग द्वारा संचालित विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का लाभ अधिक से अधिक पात्र लाभार्थियों तक पहुंचाना। कार्यक्रम के दौरान जिलाधिकारी ने डेयरी क्षेत्र को ग्रामीण अर्थव्यवस्था की मजबूत आधारशिला बताते हुए कहा कि सरकार की योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन किसानों एवं पशुपालकों की आय बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को योजनाओं के प्रचार-प्रसार एवं समयबद्ध क्रियान्वयन के निर्देश भी दिए।
मुख्यमंत्री स्वदेशी गौ संवर्धन एवं नन्द बाबा दुग्ध मिशन योजनाओं से लाभान्वित हुए पशुपालक
कार्यक्रम के दौरान विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं के चयनित लाभार्थियों को स्वीकृति प्रमाण पत्र एवं डेमो चेक वितरित किए गए। मुख्यमंत्री स्वदेशी गौ संवर्धन योजना के अंतर्गत 28 लाभार्थियों को स्वीकृति प्रमाण पत्र प्रदान किए गए, जबकि 7 लाभार्थियों को 80-80 हजार रुपये के डेमो चेक वितरित किए गए। इसके अतिरिक्त नन्द बाबा दुग्ध मिशन योजना के अंतर्गत संचालित मिनी नन्दिनी कृषक समृद्धि योजना में चयनित 3 लाभार्थियों को प्रति लाभार्थी 5 लाख 90 हजार रुपये के डेमो चेक प्रदान किए गए।
इस अवसर पर उपस्थित लाभार्थियों ने सरकार एवं दुग्ध विभाग के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इन योजनाओं से डेयरी व्यवसाय को नई दिशा मिलेगी तथा ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार एवं आय के अवसर बढ़ेंगे।
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित पशुपालकों, किसानों एवं अन्य प्रतिभागियों को दुग्ध विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं, पात्रता, आवेदन प्रक्रिया तथा मिलने वाले लाभों के संबंध में विस्तारपूर्वक जानकारी प्रदान की गई। अधिकारियों ने बताया कि योजनाओं का उद्देश्य आधुनिक डेयरी विकास को बढ़ावा देना, दुग्ध उत्पादन में वृद्धि करना तथा पशुपालकों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है। कार्यक्रम का संचालन अंजनि कुमार दूबे द्वारा किया गया।
इस अवसर पर जिला विकास अधिकारी आदित्य तिवारी, महाप्रबंधक दुग्ध विभाग, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी, अग्रणी जिला प्रबंधक (एलडीएम), उप निदेशक कृषि, कृषि वैज्ञानिक गोपाल ग्राम सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं बड़ी संख्या में किसान, पशुपालक एवं लाभार्थी उपस्थित रहे।

