-18.75 लाख बच्चों को दवा खिलाने का लक्ष्य, पहले दिन करीब 15.32 लाख बच्चों तक पहुंची खुराक।
गोण्डा । राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस के अवसर पर सोमवार को जनपद में बच्चों को एल्बेंडाजोल की खुराक खिलाकर अभियान की शुरुआत की गई। जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन ने राजकीय बालिका इण्टर कालेज (जीजीआईसी), में छात्राओं को दवा खिलाकर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।
राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस के अवसर पर जनपद में बच्चों को एल्बेंडाजोल की खुराक खिलाकर अभियान की शुरुआत की गई। जिले में कुल 18,75,236 बच्चों व किशोर-किशोरियों को दवा खिलाने का लक्ष्य रखा गया है, जिसके तहत सोमवार को करीब 15,32,674 बच्चों को एल्बेंडाजोल की खुराक खिलाई गई। जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन ने राजकीय बालिका इण्टर कालेज (जीजीआईसी) में छात्राओं को दवा खिलाकर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।
इस अवसार पर जिलाधिकारी ने कहा कि कृमि संक्रमण केवल पेट की समस्या नहीं है, बल्कि यह शरीर को भोजन से मिलने वाले पोषण का पूरा लाभ लेने से रोकता है, जिससे बच्चों व किशोर-किशोरियों में कमजोरी और खून की कमी जैसी समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं। उन्होंने बताया कि आंतों में कृमि होने पर शरीर को भोजन से मिलने वाले पोषक तत्वों का पूरा लाभ नहीं मिल पाता, इसीलिए हर छह माह में एल्बेंडाजोल की खुराक दी जाती है।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. संतलाल पटेल ने इस दौरान बच्चों को साफ-सफाई की आदतें अपनाने की सलाह दी, उन्होंने कहा भोजन से पहले व शौच के बाद साबुन से हाथ धोना, साफ पानी पीना, फल-सब्जियां धोकर खाना, नाखून छोटे व साफ रखना तथा खुले में शौच से बचना। साथ ही यह भी स्पष्ट किया कि एल्बेंडाजोल की खुराक खाली पेट नहीं लेनी चाहिए।
5,182 स्कूल और 3,095 आंगनबाड़ी केंद्रों पर चला अभियान-
जनपद में इस अभियान के तहत कुल 18,75,236 बच्चों व किशोर-किशोरियों को एल्बेंडाजोल की खुराक खिलाने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए जिले के 5,182 स्कूलों और 3,095 आंगनबाड़ी केंद्रों पर दवा खिलाई गई। पहले दिन करीब 15,32,674 बच्चों को दवा की खुराक दी गई।
छूटे बच्चों को मॉप-अप दिवस पर मिलेगी खुराक-
जिला सलाहकार (राष्ट्रीय किशोर स्वास्थ्य कार्यक्रम) रंजीत कुमार ने बताया कि जो बच्चे किसी कारणवश पहले दिन दवा लेने से छूट गए हैं, उन्हें मॉप-अप दिवस पर संबंधित स्कूल, आंगनबाड़ी केंद्र या निर्धारित केंद्र पर दवा उपलब्ध कराई जाएगी। अभियान का उद्देश्य एक से 19 वर्ष तक के सभी पात्र बच्चों और किशोर-किशोरियों तक कृमि नियंत्रण की दवा पहुंचाना है।
इस मौके पर इस मौके पर एसीएमओ डॉ. सीके वर्मा, डॉ आदित्य वर्मा, डिप्टी सीएमओ डॉ जीएम चिश्ती, डीपीएम अमरनाथ, डीसीपीएम डॉ आरसी सिंह परिवार नियोजन सलाहकार सलाहउद्दीन लारी, राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम से उमाशंकर वर्मा आदि उपस्थित रहे।

