गोण्डा । करनैलगंज क्षेत्र में अवैध खनन रोकने गई खनन टीम पर जानलेवा हमले के मामले में पुलिस ने 3 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, लेकिन घटना का मुख्य साजिशकर्ता और ट्रैक्टर-ट्रॉली मालिक अब भी पुलिस की पकड़ से दूर हैं।
विदित हो कि गुरुवार देर रात करीब 1 बजे जिला खान अधिकारी डॉ. अभय रंजन की टीम को बटौरा बख्तावर सिंह उर्फ राजापुर गांव में अवैध खनन की सूचना मिली थी। टीम वहां पहुंची तो एक जेसीबी और दो ट्रैक्टर-ट्रॉलियां मिट्टी लादकर खड़ी थीं। दस्तावेज मांगने पर कोई वैध अनुमति नहीं मिली। आरोप है कि कार्रवाई शुरू होते ही खनन माफियाओं ने हमला बोल दिया। जेसीबी चालक ने खान अधिकारी को कुचलने की कोशिश की। इस दौरान खान अधिकारी डॉ. अभय रंजन करीब 2 किलोमीटर तक जेसीबी के गेट पर लटके रहे। हमलावरों ने सरकारी बोलेरो को भी घेरकर तोड़फोड़ का प्रयास किया। पुलिस की घेराबंदी के बाद चालक जेसीबी छोड़कर भाग निकला। जेसीबी को सीज कर लिया गया। घटना का वीडियो वायरल होने के बाद करनैलगंज पुलिस ने सोमवार शाम एजाज अहमद, वसीर खान उर्फ सोनू और फजलुर्रहमान को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।
3 गिरफ्तार, असली आरोपी और ट्रैक्टर मालिक फरार
अब सवाल ये है कि अवैध खनन में लगी दो ट्रैक्टर-ट्रॉलियां और उनके मालिक-ड्राइवर कहां हैं? सूत्रों के मुताबिक पुलिस ने सिर्फ छोटे मोहरों को पकड़ा है, जबकि खनन का बड़ा खेल चलाने वाले अब भी खुलेआम घूम रहे हैं और पुलिस की पकड़ से बाहर बताये जाते हैं।
प्रभारी निरीक्षक नरेंद्र प्रताप राय ने बताया कि आरोपियों पर अवैध खनन, सरकारी कार्य में बाधा, गाली-गलौज और जान से मारने की नीयत से वाहन चढ़ाने जैसी गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज है। मामले की जांच जारी है।
स्थानीय लोगों में आक्रोश
ग्रामीणों का आरोप है कि करनैलगंज क्षेत्र में खनन माफियाओं को खुली छूट मिली हुई है। कार्रवाई के नाम पर कभी कभार सिर्फ एक दो मशीनें सीज होती हैं, लेकिन माफिया और पैसों का खेल बंद नहीं होता। लोगों ने डीएम से मांग की है कि खनन माफिया और ट्रैक्टर मालिकों पर भी गैंगस्टर की कार्रवाई हो।

