-डायरिया से डरने नहीं बल्कि सतर्क रहने की जरूरत : सीएमओ
गोण्डा । विश्व ओआरएस (ओरल रिहाड्रेशन साल्यूशन) दिवस पर बुधवार को स्वास्थ्य विभाग के तत्वावधान में मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय में जागरूकता गोष्ठी आयोजित की गयी। पापुलेशन सर्विसेज इंटरनेशनल इंडिया (पीएसआई इंडिया) और केनव्यू के सहयोग से “डायरिया से डर नहीं” कार्यक्रम के तहत आयोजित गोष्ठी की अध्यक्षता करते हुए मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. संत लाल पटेल ने कहा कि डायरिया से डरने नहीं बल्कि सतर्क रहने की जरूरत है, क्योंकि इसका उपचार पूरी तरह संभव है। बच्चे को दिन में दो-तीन बार पतली दस्त हो तो ओआरएस का घोल और जिंक जरूर दें, क्योंकि यही इसका सही उपचार है।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने कहा कि “डायरिया से डर नहीं” कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य शून्य से पांच साल तक के बच्चों की डायरिया के कारण होने वाली मृत्यु दर को शून्य करना और दस्त प्रबंधन को बढ़ावा देना है। इसके लिए समुदाय में डायरिया के प्रति जनजागरूकता को बढ़ावा देना अति आवश्यक है। अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. सी. के. वर्मा ने ओआरएस का घोल तैयार करने की सही विधि के बारे में बताया।
गोष्ठी में पीएसआई इंडिया के पंकज पाठक ने स्टॉप डायरिया कैंपेन के दौरान जिले में आयोजित की जा रहीं गतिविधियों, जैसे- प्रचार वाहनों का संचालन, स्कूलों में आयोजित की जा रहीं गतिविधियों के बारे में चर्चा की। इसके साथ ही नगर पालिका द्वारा संचालित कूड़ा कलेक्शन गाड़ियों के माध्यम से भी डायरिया से संबंधित जागरूकता संदेशों का प्रसारण कर कैंपेन में सहयोग किया जा रहा है। बैठक में आईसीडीएस, नगर पालिका और माध्यमिक शिक्षा विभाग के प्रतिनिधि के साथ ही जिला कार्यक्रम प्रबन्धक (डीपीएम) अमरनाथ, डीसीपीएम डॉ. आर. पी. सिंह, पीएसआई इंडिया से अवध कुमार आदि उपस्थित रहे।

