रिर्पोट-पवन कुमार द्विवेदी
इटियाथोक-गोण्डा। शनिवार को आयोजित होने वाला समाधान दिवस मजाक बनकर रह गया है समाधान दिवस में आने वाले मामले निस्तारित ना होने के कारण केवल खानापूर्ति बनकर रह गया है। समाधान दिवस में इटियाथोक थाना कोतवाली पर एसडीएम सदर व सीओ सदर ने पहुंचकर फरियादियों की फरियाद सुनी निस्तारण के दिशा निर्देश दिए लेकिन अधिकतर फरियादियों का कहना है कई बार से समाधान दिवस में प्रार्थना पत्र दे रहे हैं लेकिन सुनवाई नहीं हो रही है। जबकि शासन व प्रशासन की मंशा यह है कि छोटे-छोटे जमीनी मामलों का निस्तारण समाधान दिवस में कर दिया जाए लेकिन राजस्व कर्मियों व प्रशासनिक अधिकारियों की हीलाहवाली से समाधान दिवस प्रार्थना पत्र तक सीमित रह गया है यदि वास्तव में शासन या प्रशासन समाधान दिवस की प्रासंगिकता बचा कर रखना चाहते हैं समाधान दिवस में आए हुए मामलों का निस्तारण होना ही चाहिए इसको निर्धारित करके समाधान दिवस में अधिकारियों को मामला निस्तारण करने के लिए प्रस्ताव पारित करना होगा तभी समाधान दिवस वास्तविकता साकार होगी नहीं तो इसी प्रकार समाधान दिवस होता रहेगा मामले आते रहेंगे और निस्तारण ना होने से फरियादियों का मोह इससे भंग हो जाएगा । इटियाथोक समाधान दिवस में कुल 36 मामले प्रकाश में आए जिनमें से 26 मामले राजस्व विभाग, 10 मामले पुलिस से संबंधित प्रकाश में आए।

