गोण्डा। बीते शनिवार को दिन-दहाड़े हुए शिक्षिका के अपहरण के मामले में पुलिस 4 दिन बाद भी खाली हाथ नजर आ रही है। वहीं अपह्रत शिक्षिका के पिता का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा। वीडियो में शिक्षिका के पिता ने मुख्यमंत्री से न्याय और बेटी की सकुशल घर वापसी की गुहार लगायी है और स्थानीय पुलिस की कार्यशैली पर सवाल भी उठाए हैं। शिक्षिका के पिता का कहना है कि यदि शीघ्र ही अपहरणकर्ता की गिरफ्तारी और उनकी बिटिया की सकुशल घर वापसी नहीं हुई तो वह सपरिवार आत्महत्या करने के लिए मजबूर होंगे। बीते शनिवार की सुबह कस्बा निवासी एक शिक्षिका स्कूल जाते समय अयोध्या-गोंडा मार्ग पर थाना क्षेत्र के तुलसीपुर माझा निवासी प्रशांत सिंह पुत्र सुरेश सिंह द्वारा अपहरण कर लिया गया था। परिजनों ने स्थानीय थाने में तहरीर देकर अपहरण का मुकदमा भी दर्ज कराया था लेकिन मुकदमा दर्ज होने के 4 दिन बाद भी अपह्रत शिक्षिका और आरोपी का पुलिस कोई सुराग नहीं लगा सकी है। सूत्रों के अनुसार पुलिस ने आरोपी के 3 बैंक खातों को फ्रीज कर दिया है। इस मामले में अब एक नया मोड़ सामने आया है। अपहृत शिक्षिका के पिता का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है जिसमें आंखों में आंसू लिए और हाथ जोड़कर शिक्षिका के पिता अरविंद पांडे ने सूबे के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से अपनी बिटिया की सुरक्षित घर वापसी की गुहार लगायी गयी है। वायरल वीडियो में अपहृत शिक्षिका के पिता ने बताया कि उनके परिवार के लोग सदमे में हैं और न्याय के लिए दर-दर की ठोकर खा रहे हैं। उन्होंने बताया कि न्याय के लिए पुलिस अधीक्षक, डीआईजी देवीपाटन मंडल सहित कई आला अधिकारियों से मुलाकात की पर सिर्फ आश्वासन की घुट्टी के अलावा कुछ नहीं मिला। अपहरणकर्ता का पता लगाना तो दूर पुलिस घटना को अंजाम देने में प्रयोग की गई गाड़ी का भी पता नहीं लगा पाई है। घटनास्थल के आसपास के लोगों ने बताया कि उस गाड़ी में कमल का झंडा लगा हुआ था। शिक्षिका के पिता का कहना है कि अगर जल्द ही उनकी बिटिया की बरामदगी नहीं हुई तो वह सपरिवार आत्महत्या कर लेंगे।
नवाबगंज (गोण्डा) दिन-दहाड़े हुए अपरहण के इस मामले में सोशल मीडिया पर कुछ लोगों के द्वारा जहां अपहरणकर्ता का पक्ष लिया जा रहा है वहीं कुछ लोगों द्वारा भर्त्सना भी की जा रही है। कस्बे और क्षेत्र के लोगों द्वारा फिलहाल अपह्रत शिक्षिका और उसके परिवार के प्रति सहानुभूति दिखाई जा रही है तो वहीं कुछ लोगों द्वारा इस मामले को प्रेम-प्रसंग करार दिया जा रहा है। शिक्षिका की आधुनिकता पर निशाना साधते हुए परिजनों पर कटाक्ष किये जा रहे हैं। फिलहाल इस मामले में अभी तक किसी भी जनप्रतिनिधि ने अपह्रत शिक्षिका के परिवार से मिलकर न तो सहानुभूति जताई है और न ही न्याय का भरोसा दिलाया है। पूरा परिवार सदमे और डर के आगोश में बस सांस ले रहा है।

