-कृमि से छुटकारा, सेहतमंद भविष्य हमारा’ की तर्ज पर आज मनाया जाएगा राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस
- 1-19 साल के 16.74 लाख बच्चों और किशोर-किशोरियों को स्कूलों और आंगनवाड़ी पर निःशुल्क खिलाई जाएगी दवाई
गोण्डा। बच्चों में पेट के कीड़ों की वजह से होने वाली शारीरिक कमजोरी को दूर करने के लिए बुधवार 20 जुलाई को राष्ट्रीय किशोर स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस (एनडीडी) मनाया जाएगा। इस अवसर पर सभी स्कूलों और आंगनवाड़ी केन्द्रों पर एक से 19 साल तक के बच्चों और किशोर-किशोरियों को कृमि नियंत्रण की दवा निःशुल्क खिलाई जाएगी। जो बच्चे किसी कारणवश इस दिन दवा खाने वंचित रह जायेंगे, उनके लिए 25 से 27 जुलाई के मध्य मॉपअप राउंड चलाकर घर-घर दवा खिलाई जाएगी। सीएमओ डॉ रश्मि वर्मा ने बताया कि जिले के सभी आंगनबाड़ी केन्द्रों, शासकीय/अशासकीय विद्यालयों व मदरसों में कुल 16 लाख 74 हजार 652 बच्चों को दवा खिलाये जाने की कार्ययोजना विभाग द्वारा बनाई गयी है। इसके लिए गोंडा अर्बन समेत सभी 17 ब्लॉकों में 10 प्रतिशत बफर सहित कुल 18 लाख 42 हजार 117 गोलियों का वितरण सम्बंधित सीएचसी/पीएचसी को कर दिया गया है। सीएमओ ने जनपदवासियों से अपील करते हुए कहा कि बच्चों के उज्जवल भविष्य के लिए अभिभावक इस कार्यक्रम में उत्साहपूर्वक भागीदार बनें और दवा का सेवन करायें। एसीएमओ व कार्यक्रम के नोडल अधिकारी डॉ एपी सिंह ने बताया कि पेट के कीड़े निकालने के लिए 1 से 3 वर्ष के बच्चों को गोली पीसकर खिलाई जाएगी एवं 3 वर्ष से 19 वर्ष तक के बच्चे गोली चबाकर खाएंगे। बच्चों को खाली पेट दवा का सेवन नहीं करना है। अभियान में लगे सभी कर्मियों के साथ-साथ अभिभावक भी इसका ध्यान रखें। साथ ही उन्होंने बताया कि यदि दवा सेवन के बाद बच्चों को घबराहट या बेचौनी हो, तो ओआरएस का घोल पिलाएं।
क्या कहते हैं चिकित्सक-
जिला चिकित्सालय के बाल रोग विशेषज्ञ डॉ अमित कुमार के अनुसार, कृमि परजीवी होते हैं, जो जीवित रहने के लिए मनुष्य की आंत में रहते हैं। बच्चों में आमतौर पर तीन तरह के कृमि क्रमशः राउंड कृमि, व्हिप कृमि और हुक कृमि पाए जाते हैं। कृमि नंगे पैर खेलने से, बिना हाथ धोये कुछ खाने से, खुले में शौंच करने से तथा साफ-सफाई न रखने आदि कारणों से बच्चों के पेट में पहुँच जाते हैं। कृमि संक्रमण की वजह से बच्चों में खून की कमी (एनीमिया), कुपोषण, भूख न लगना, कमजोरी और बेचौनी, पेट में दर्द, जी मचलना, उल्टी और दस्त आना तथा वजन में कमी आना जैसे हानिकारक प्रभाव देखने को मिलते है।
बच्चों को कृमि नियंत्रण के फायदे-
राष्ट्रीय किशोर स्वास्थ्य कार्यक्रम के जिला समन्वयक रंजीत सिंह राठौर का कहना है कि कृमि नियंत्रण के लिए खिलाई जाने वाली एल्बेंडाजॉल गोली से खून की कमी में सुधार व बेहतर पोषण स्तर के सीधे फायदे तथा स्कूल और आंगनवाड़ी केन्द्रों में बच्चों की उपस्थति एवं उनके सीखने की क्षमता में सुधार लाने में मदद, भविष्य में बच्चों की कार्यक्षमता और औसत आय में बढ़ोत्तरी व वातावरण में कृमि की संख्या कम होने पर समुदाय को लाभ मिलने के अनुमानिक फायदे हैं।

