जलजीरा दो शब्दों “जल” और “जीरा” से मिलकर बना है। हिंदी में जल का अर्थ पानी होता है और जीरा का अर्थ (क्यूमिन) जीरा होता है, जलजीरा पेय मुख्य रूप से जीरा और पानी से ही बनाया जाता है। पोषक तत्वों से भरपूर होने के कारण जीरे का उपयोग पेट को शांत रखने के लिए किया जाता है, इसलिए इस पेय का उपयोग सामान्य रूप से गर्मी से बचने और गरिष्ठ (भारी) भोजन को पचाने के लिए किया जाता है। जलजीरा पेय को एक अच्छी सुगंध और फ्लेवर देने के लिए इसमें कुछ अन्य सामग्रियों की मिलावट की जाती है। मैंने अपना चटपटा जलजीरा पेय बनाने के लिए नींबू का रस, आमचूर और पुदीने की पत्तियों का इस्तेमाल किया। जलजीरा पेय को पीने (इस्तेमाल) के कुछ घंटे पहले बनाना अच्छा रहता है ताकि यह और अधिक स्वादिष्ट हो जाये। गर्मियों के मौसम में मैं हमेशा इसको बनाकर अपने फ्रिज में रखती हूँ, मेरे परिवार को हमेशा इसकी जरूरत रहती है जब मेरा परिवार तेज धूप में से घर आता है तो यह उनको ऊर्जा प्रदान करता है। मैं इसको भोजन के साथ पेय के रूप में भी परोसती हूँ। मुझे यकीन है कि आपने पहले से ही रेस्तरां और सड़क पर लगी दुकानों में जलजीरे का मजा लिया होगा, तो क्यों न इस मसालेदार जलजीरा रेसिपी को घर पर बनाया जाये।
आवश्यक सामग्री (4 व्यक्तियों के लिए)
| क्रम संख्या | नाम आवश्यक सामग्री | सामग्री मात्रा |
|---|---|---|
| 01 | पुदीने की पत्तियाँ | 1 कप |
| 02 | हरा धनिया | 1/2 कप |
| 03 | अदरक | 1 इंच का टुकड़ा |
| 04 | काला नमक | 1 चम्मच |
| 05 | सफेद नमक | 1 चम्मच |
| 06 | जीरा पाउडर | 1/2 चम्मच |
| 07 | आमचूर पाउडर | 2 चम्मच |
| 08 | नींबू का रस | 4 बड़े चम्मच |
| 09 | चीनी | 1 चम्मच |
| 09 | पानी | 6 कप |
| 11 | सजाने के लिए | बूंदी (रायते वाली) |
| 12 | इसमें मिलाने के लिए बर्फ के टुकड़े | (वैकल्पिक) |
तैयारी का समय-10 मिनट
बनाने का समय- 10 मिनट
अदरक को छोटे-छोटे टुकड़ों में काट लें और पुदीने की पत्तियाँ तथा हरा धनिया पीसकर चिकना पेस्ट बना लें।
तैयार पेस्ट में जीरा पाउडर, काला नमक, सफेद नमक, चीनी, नींबू का रस, आमचूर और पानी डालकर अच्छी तरह से मिलायें।
बूंदी डालकर अच्छी तरह से मिलाएं और 5-6 घंटे तक ठंडा करें।
ठण्डा-ठण्डा परोसें।

