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JNU शुरू करेगा आतंकवाद रोधी कोर्स, एग्जीक्यूटिव काउंसिल ने दी मंजूरी, लेकिन उठ रहे सवाल

 
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दिल्ली का जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी एक बार फिर विवादों में है. इस बार मामला नये जेएनयू के एक कोर्स से जुड़ा है. दरअसल जेएनयू ने इंजीनियरिंग ड्यूल डिग्री प्रोग्राम में एक आतंकवाद रोधी कोर्स को मंजूरी दी है. लेकिन, अब यह कोर्स विवाद का कारण बन गया है. बता दें, एग्जीक्यूटिव काउंसिल की तरफ से भी इस कोर्स को मंजूरी दे दी गई है. लेकिन, अब इस फैसले के खिलाफ शिक्षकों और छात्रों मे खासी नाराजगी है.

शिक्षक और छात्र कर रहे हैं विरोध: बता दें, इस कोर्स के तहत जेएनयू में छात्रों को आतंकवाद से निपटने के तरीको के बारे में पढ़ाया जाएगा. इसके अलावा उन्हें आतंकवाद से जुड़ी अन् जानकारी भी दी जाएंगी. लेकिन छात्र इस कोर्स को हटाने की मांग कर रहे हैं. इधर, जेएनयू के वाइस चांसलर का कहना है कि, कुछ छात्र और शिक्षक बिना इस कोर्स के बारे में जानें इसपर विवाद कर रहे हैं. वहीं, एक अन्य शिक्षक का कहना है कि, आतंकवाद के बढ़ते कदम को देखते हुए ऐसा कोर्स जरूरी है.

कोर्स के पक्ष में दी जा रही है ये दलील: इस कोर्स के जो लोग पक्ष में उनकी दलीली है कि दुनिया आतंक के साये में घिरती जा रही है. उन्होंने इसका ताजा उदाहरण तालिबान का दिया है. उनका कहना है कि जिस तरह तालिबान ने अफगानिस्तान पर कब्जा कर लिया है, वैसे में इस तरह के कोर्स की मान्यता और बढ़ जाती है. उन्होंने कही कि, इसका विरोध करना ठीक नहीं है.

कुलपति ने कही ये बात: जेएनयू के कुलपति प्रोफेसर एम जगदीश कुमार का ये भी कहना है कि, आज आतंकवाद से पूरी दुनिया कराह रही है. दुनियाभर के देश और उसके निवासी इससे परेशान हैं. ऐसे में छात्रों को इसकी जानकारी देना कोई गलत नहीं है. उनका ये भी कहना है कि इस कोर्स को विशेषज्ञों की टीम ने तैयार किया है. साथ ही एग्जीक्यूटिव काउंसिल में इसे पास भी कराया गया है.


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