काबुल: पंजशीर पर कब्जा करने के लिए तालिबान संघर्ष करने में लगा हुआ है, लेकिन उसके लड़ाकों को घाटी पर कब्ज़ा करने में अभी तक कोई सफलता नहीं मिली है। हालांकि उसका कुछ महत्वपूर्ण इलाकों पर कब्ज़ा ज़रूर हो गया है। लेकिन नॉर्दन अलायंस ने खुलासा करते हुए कहा है कि इस लड़ाई में तालिबान का साथ पाकिस्तान की सेना दे रही है।
मिली जानकारी के अनुसार, पाकिस्तान आर्मी की 11th कोर इस वक़्त पंजशीर में लड़ रही है। खासकर पाक आर्मी के पश्तून अफसर और जवान उतारे गए हैं। पाकिस्तान आर्मी फील्ड आर्टिलरी गन का प्रयोग कर रही है और इसके फायर के बाद पीछे से तालिबानी लड़ाके आगे बढ़ रहे हैं ।
ताजिक और अफगान आर्मी के कुछ लड़ाके के नॉर्दन अलायंस के साथ शामिल होने के बाद पाकिस्तान आर्मी ने पैराट्रूपर्स को उतारने का मन बनाया है। पाक आर्मी की ख्वाहिश थी कि काबुल में नई सरकार की घोषणा से पहले पंजशीर पर कब्ज़ा हो जाये। लेकिन ऐसा होता नहीं दिख रहा।
सामने आए सबूत
पेंटागन ने कहा था कि उसके पास उन रिपोर्टों को सत्यापित करने के लिए कोई सबूत नहीं है कि पाकिस्तानी अफगानिस्तान में तालिबान के साथ लड़ रही है। अब सबूत सामने आए हैं कि पाकिस्तानी सेना के जवान भी तालिबानियों के साथ पंजशीर घाटी पर कब्जा करने के लिए लड़ रहे हैं।
पंजशीर में प्रतिरोध बलों द्वारा जवाबी हमले में मारे गए पाकिस्तानी सैनिकों में से एक के पास से एक पहचान पत्र बरामद हुआ है। आईडी कथित तौर पर मोहम्मद वसीम नाम के एक पाकिस्तानी नागरिक की है।
नॉर्दन अलायंस ने ट्वीट करते हुए कहा, ''पाकिस्तानी विशेष बल तालिबान की मदद कर रहे हैं। रात को पंजशीर पर अल कायदा, आईएसआईएस, जिहाद अल नुसरा जैसे आतंकवादी संगठनों के गठबंधन और तालिबान और पाकिस्तान के नेतृत्व में हमला किया गया था। अंतरराष्ट्रीय आतंकवाद बनाम अहमदम सूद फोर्स?
इसके साथ ही नॉर्दन अलायंस ने एक वीडियो भी जारी किया है, जिसमें उसने कहा, ''पंजशीर में आपका स्वागत है। पिछले 24 घंटे में 1 हजार से तालिबानी लड़ाकों को ढेर किया गया है।'' इस वीडियो में उसने तालिब और पाकिस्तान लड़ाकों की लाशों को भी दिखाया है।

