जींस में छोटी पॉकेट को हमारे इतिहास से सम्बंधित बताया जाता है। जानकारी के अनुसार लेवी स्ट्रॉस नाम की कपंनी ने सबसे पहले जींस में छाटी जेब की शुरूआत की थी। बता दें कि लेवी स्ट्रॉस की इस कपंनी को अब लिवाइस के नाम से जाना जाता है। आपने देखा होगा कि जींस की दाईं ओर एक छोटी से पॉकेट होती है जिसमें एक दो सिक्कों के अलावा शायद ही कुछ रखा जा सकता है।
हम आपको बता दें कि इस Pocket का नाम है वॉच Pocket और इसे खासतौर पर काउबॉयज़ के लिए बनाया गया था. 18वीं शताब्दी में काउबॉयज अपने वेस्टकोट पर चेन वाली घड़ियां पहनते थे। इन घड़ियों को रखने के लिए ये पॉकेट बनाई गईं थीं। इसके लिए घड़ियों को टूटने से बचाने के लिए लिवाइस ने यह छोटी पॉकेट जींस में देना शुरू कर दिया था।
हालांकि अब कई लोग इस Pocket को कॉइन, टिकट पॉकेट के नाम से जानते हैं। आपको शायद ही पता होगा कि जिस जींस को हम अपने लुक्स को बेहतर बनाने के लिए पहनते हैं दरअसल इस जींस का आविष्कार मजदूरों के लिए किया गया था। इस लिए जींस की डिजाइन भी उनके काम के अनुसार ही की गई है।
वहीं अगर जींस की जेब पर लगे छोटे बटन के बारे में बात करें तो ये बटन भी मजदूरों को ध्यान में रखकर ही लगाए जाते थे। क्योंकि मजदूर भारी भरकम काम करते हैं, इसलिए इन बटनों को लगाया जाता है जिससे इनकी सिलाई मजबूत रहे और जींस कई दिनों तक काम में लाईं जा सके, लेकिन अब इन बटनों को जींस का डिजाइन मान लिया गया है।
करीब 18 वी सदी में चैन वाली छोटी घड़ियाँ चलती थी जिन्हें रखने के लिए लेवी स्ट्रॉस नाम की कंपनी ने ही इस जेब की शुरुआत की थी। ताकि छोटी घड़ियाँ सुरक्षित रखी रहें। बता दें कि लेवी स्ट्रॉस नाम की इस कंपनी को अब लेवीस के नाम से जाना जाता है। चुकीं अब छोटी घड़ियों का चलन बंद हो गया है लेकिन जीन्स को स्टाइलिश दिखने के लिए इस पॉकेट को अभी भी रखा जाता है।

