आजकल की जीवनशैली की वजह से कमर दर्द और पेट दर्द की समस्या आम बन गयी है। ऐसे में हंसासन का अभ्यास आपके शरीर के लिए और दर्द से तुरंत आराम देने में बेहद लाभदायक है। इस आसन को करते समय आपके शरीर की अवस्था हंस जैसी हो जाती है। इसलिए इसे हंसासन कहा जाता है। इसका रोज अभ्यास करने से आपको यह आसन बेहद आसान लगने लगेगा। लेकिन इसकी शुरुआत करने के लिए किसी योग ट्रेनर की मदद जरूर लें।
इस लेख में हंसासन करने के तरीके व उससे होने वाले लाभों के बारे में बताया गया है। साथ ही लेख में यह भी बतायाा गया है कि हंसासन के दौरान क्या सावधानी बरतनी चाहिए।
हंसासन के फायदे -
हंसासन के लाभ कुछ इस प्रकार हैं -
- हंसासन पेट के सभी अंगों और मांसपेशियों की मालिश करता है और उन्हें उत्तेजित करता है।
- यह कब्ज और पेट की गैस को दूर करता है। साथ ही लीवर और गुर्दे की कार्य करने की क्षमता को तेज करता है।
- इस आसन से पेट और आँतों के कीड़ों को भी बाहर निकालने में मदद मिलती है।
- इस आसन का अभ्यास लगातार करते रहने से भूख बढ़ती है और पेचिश की समस्या से छुटकारा मिलता है।
हंसासन करने का तरीका -
हंसासन करने का तरीका हम यहाँ विस्तार से दे रहे हैं, इसे ध्यानपूर्वक पढ़ें -
- सबसे पहले घुटनों के बल जमीन पर बैठ जाएं। दोनों पंजों को साथ में रखें और घुटनों को अलग रखें। हथेलियों को जमीन पर रखें और उंगलियों को पैरों की ओर रखें।
- फिर दोनों हाथों की कलाइयों को एक दूसरे से सटा लें और भुजाओं के आगे के भाग को शरीर से चिपका लें।
- अब आगे की ओर इस प्रकार झुकें कि पेट आपकी कोहनियों के ऊपर रहे और छाती भुजाओं के ऊपर भाग पर रहे।
- संतुलन बनाये रखें और पैरों को धीरे-धीरे पीछे की ओर सीधा कर लें।
- पंजों को एक साथ रखें और पैरों की उंगलियों को जमीन पर टिका दें।
- सिर को ऊपर उठायें और नज़रे एकदम सामने रखें।
- आखिर में अपने शरीर का भार हाथों और पैरों की उंगलियों पर होना चाहिए।
- अपनी क्षमता के अनुसार इस अवस्था को बनाये रखें। ध्यान रखें हाथों या पैरों की उंगलियों पर ज्यादा जोर न लगाएं।
- फिर घुटनों को जमीन पर लें आएं और वज्रासन में बैठ जाएं।
- इस आसन को कम से कम दस मिनट तक करें।
हंसासन का आसान रूपांतर -
इस आसान को आप या तो इस प्रकार कर सकते हैं या फिर मयूरासन में भी कर सकते हैं। मयूरासन करते समय आपको पेरों को उपर की तरफ उठाना है, बाकि पूरी प्रक्रिया ऐसे ही रहेगी। अपनी क्षमता के अनुसार आप इन आसनों का चयन कर सकते हैं।
हंसासन करने में क्या सावधानी बरती जाए -
हंसासन में बरतने वाली सावधानियां कुछ इस प्रकार हैं -
- पेप्टिक अल्सर, अधिक अम्लता, हर्निया या उच्च रक्तचाप के रोगियों को यह आसन नही करना चाहिए।
- गर्भवती महिलायें कभी इस आसन को न करें।
- अगर इस आसन को करते समय आपको हाथों में दर्द या पैरों में ऐंठन महसूस होती है तो तभी इस आसन को रोक दें।
- कुछ देर आराम से बैठ जाएं और फिर से इस आसन को करने की कोशिश करें।
- अगर यह समस्या फिर से महसूस होती है तो अपने योग ट्रेनर को जरूर बताएं।


No comments:
Post a Comment
कमेन्ट पालिसी
नोट-अपने वास्तविक नाम व सम्बन्धित आर्टिकल से रिलेटेड कमेन्ट ही करे। नाइस,थैक्स,अवेसम जैसे शार्ट कमेन्ट का प्रयोग न करे। कमेन्ट सेक्शन में किसी भी प्रकार का लिंक डालने की कोशिश ना करे। कमेन्ट बॉक्स में किसी भी प्रकार के अभद्र भाषा का प्रयोग न करे । यदि आप कमेन्ट पालिसी के नियमो का प्रयोग नही करेगें तो ऐसे में आपका कमेन्ट स्पैम समझ कर डिलेट कर दिया जायेगा।
अस्वीकरण ( Disclaimer )
गोण्डा न्यूज लाइव एक हिंदी समुदाय है जहाँ आप ऑनलाइन समाचार, विभिन्न लेख, इतिहास, भूगोल, गणित, विज्ञान, हिन्दी साहित्य, सामान्य ज्ञान, ज्ञान विज्ञानं, अविष्कार , धर्म, फिटनेस, नारी ब्यूटी , नारी सेहत ,स्वास्थ्य ,शिक्षा ,18 + ,कृषि ,व्यापार, ब्लॉगटिप्स, सोशल टिप्स, योग, आयुर्वेद, अमर बलिदानी , फूड रेसिपी , वाद्ययंत्र-संगीत आदि के बारे में सम्पूर्ण जानकारी केवल पाठकगणो की जानकारी और ज्ञानवर्धन के लिए दिया गया है। ऐसे में हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि आप किसी भी सलाह,उपाय , उपयोग , को आजमाने से पहले एक बार अपने विषय विशेषज्ञ से अवश्य सम्पर्क करे। विभिन्न विषयो से सम्बन्धित ब्लाग/वेबसाइट का एक मात्र उद्देश आपको आपके स्वास्थ्य सहित विभिन्न विषयो के प्रति जागरूक करना और विभिन्न विषयो से जुडी जानकारी उपलब्ध कराना है। आपके विषय विशेषज्ञ को आपके सेहत व् ज्ञान के बारे में बेहतर जानकारी होती है और उनके सलाह का कोई अन्य विकल्प नही। गोण्डा लाइव न्यूज़ किसी भी त्रुटि, चूक या मिथ्या निरूपण के लिए जिम्मेदार नहीं है। आपके द्वारा इस साइट का उपयोग यह दर्शाता है कि आप उपयोग की शर्तों से बंधे होने के लिए सहमत हैं।