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गोण्डा-इस्तीफा नहीं, पेपर लीक रोकने की स्थायी नीति बनाए सरकार: धनंजय सिंह



-बोले--सिर्फ मंत्री बदलने से नहीं रुकेगा खेल, केंद्र और राज्यों को मिलकर एक एजेंसी से करानी चाहिए परीक्षाएं।

गोण्डा। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद जारी सियासी बहस के बीच गोंडा पहुंचे जौनपुर के पूर्व सांसद धनंजय सिंह ने सरकार से परीक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार की मांग की। उन्होंने कहा कि सिर्फ इस्तीफे से समस्या का समाधान नहीं होगा, बल्कि पेपर लीक रोकने के लिए केंद्र और राज्यों को मिलकर स्थायी नीति बनानी होगी।

     एक कार्यक्रम में शामिल होने गोंडा आए धनंजय सिंह ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि देश में वर्षों से प्रतियोगी परीक्षाओं के प्रश्नपत्र लीक होने की घटनाएं सामने आती रही हैं। उन्होंने कहा कि 30-35 वर्षों से यह स्थिति देख रहा हूं। यदि ठोस व्यवस्था नहीं बनाई गई तो आगे भी पेपर लीक होते रहेंगे।

     उन्होंने सुझाव दिया कि केंद्र सरकार सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ बैठक कर परीक्षा प्रणाली के लिए एक समान नीति बनाए। उनका कहना था कि वर्तमान में अलग-अलग एजेंसियों द्वारा परीक्षाएं कराए जाने से अनियमितताओं की संभावना बढ़ जाती है। सभी प्रमुख प्रतियोगी परीक्षाओं का संचालन एक सक्षम केंद्रीय एजेंसी के माध्यम से किया जाए, ताकि पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित हो सके।

       धनंजय सिंह ने कहा कि सीडीएस और एनडीए जैसी सैन्य परीक्षाओं में प्रश्नपत्र लीक की घटनाएं लगभग नहीं सुनाई देतीं, इसलिए उसी तरह की सुरक्षित व्यवस्था अन्य परीक्षाओं में भी लागू की जानी चाहिए।

      उन्होंने स्पष्ट कहा कि "आज धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफा दे दिया, लेकिन क्या इससे पेपर लीक बंद हो जाएगा? नहीं। आज एक मंत्री जाएगा, कल दूसरे के इस्तीफे की मांग उठेगी। समाधान इस्तीफा नहीं, बल्कि मजबूत और स्थायी व्यवस्था है।"

       पूर्व सांसद ने सरकार के फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि जनभावनाओं का सम्मान करना लोकतंत्र की मजबूती है। सरकारें जनता की आवाज सुनती हैं, इसलिए सरकार को बधाई देता हूं कि उसने जनता की भावना का सम्मान किया। हालांकि उन्होंने दोहराया कि अब सबसे बड़ी जरूरत ऐसी नीति बनाने की है, जिससे भविष्य में पेपर लीक जैसी घटनाओं पर हमेशा के लिए रोक लग सके।

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