गोण्डा लाइव न्यूज एक प्रोफेशनल वेब मीडिया है। जो समाज में घटित किसी भी घटना-दुघर्टना "✿" समसामायिक घटना"✿" राजनैतिक घटनाक्रम "✿" भ्रष्ट्राचार "✿" सामाजिक समस्या "✿" खोजी खबरे "✿" संपादकीय "✿" ब्लाग "✿" सामाजिक "✿" हास्य "✿" व्यंग "✿" लेख "✿" खेल "✿" मनोरंजन "✿" स्वास्थ्य "✿" शिक्षा एंव किसान जागरूकता सम्बन्धित लेख आदि से सम्बन्धित खबरे ही निःशुल्क प्रकाशित करती है। एवं राजनैतिक , समाजसेवी , निजी खबरे आदि जैसी खबरो का एक निश्चित शुल्क भुगतान के उपरान्त ही खबरो का प्रकाशन किया जाता है। पोर्टल हिंदी क्षेत्र के साथ-साथ विदेशों में हिंदी भाषी क्षेत्रों के लोगों के बीच बहुत लोकप्रिय है और भारत में उत्तर प्रदेश गोण्डा जनपद में स्थित है। पोर्टल का फोकस राजनीतिक और सामाजिक मुद्दों को उठाना है और आम लोगों की आवाज बनना है जो अपने अधिकारों से वंचित हैं। यदि आप अपना नाम पत्रकारिता के क्षेत्र में देश-दुनिया में विश्व स्तर पर ख्याति स्थापित करना चाहते है। अपने अन्दर की छुपी हुई प्रतिभा को उजागर कर एक नई पहचान देना चाहते है। तो ऐसे में आप आज से ही नही बल्कि अभी से ही बनिये गोण्डा लाइव न्यूज के एक सशक्त सहयोगी। अपने आस-पास घटित होने वाले किसी भी प्रकार की घटनाक्रम पर रखे पैनी नजर। और उसे झट लिख भेजिए गोण्डा लाइव न्यूज के Email-gondalivenews@gmail.com पर या दूरभाष-8303799009 -पर सम्पर्क करें।

गोण्डा-डा. बीके गुप्ता और डा. एसके मौर्य पर पैसा लेकर आपरेशन करने का आरोप

karane-ka-aarop

-शिकायतकर्ता के पास रिकार्डिंग मौजूद         
                 

गोण्डा। जिला चिकित्सालय गोण्डा में पैसा लेकर आपरेशन करना, बाहर की दवाइयां लिखना  और पैसा ना देने वाले तीमारदारों के मरीजों के इलाज में लापरवाही करना आम बात हो गई है। आये दिन जिला चिकित्सालय एवं जिला महिला चिकित्सालय में ऐसी शिकायतें आती रहती है। शिकायतों पर जांच बैठा कर खानापूर्ति कर दी जाती है और भ्रष्टाचार पहले से ज्यादा बढ़ जाता है, क्यों कि जांच अधिकारी अपने डाक्टरों को बचाने का प्रयास करके उन्हें क्लीन चिट दे देते हैं। जुलाई अंतिम सप्ताह में आपरेशन के लिए भर्ती सरिता देवी से डाक्टर बी के गुप्ता ने पैसे की मांग किया। पैसा लेने के बाद उनका स्थानांतरण हो जाने से फिर डाक्टर सुधीर कुमार मौर्य सर्जन ने भी उनसे पैसा मांगा। मामले की शिकायत सरिता के देवर उमेश कुमार वर्मा एवं उनके मित्र शिवशरण पाण्डेय ने मुख्यमंत्री, स्वास्थ्य मंत्री सीएमओ एवं जिलाधिकारी गोण्डा को किया । शिकायती पत्र पर डाक्टर एपी सिंह ओर डाक्टर आदित्य कुमार अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी को जांच अधिकारी बनाया गया। शिकायतकर्ता के अनुसार दौरान जांच जांच अधिकारी डाक्टर एपी सिंह और डाक्टर आदित्य कुमार ने पीड़ित शिकायतकर्ता को ही उल्टा फंसाने की धमकी दे डाली। ऐसा तब है जबकि पीड़ित उमेश वर्मा द्वारा जांच अधिकारी को डाक्टर बीके गुप्ता और डाक्टर सुधीर कुमार मौर्य  द्वारा रिश्वत मांगने की  और रिश्वत लेने की पूरी रिकॉर्डिंग उपलब्ध कराई गई। जबकि आम आदमी जिसके पास कोई सबूत या रिकार्डिंग नहीं हो । उसके शोषण पर कैसे कार्यवाही होगी, उसकी बात का कौन विश्वास करेगा इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है। प्रकरण पर   जब डाक्टर बीके गुप्ता से उनके मोबाइल नंबर 9839034964 पर बात की गई तो उन्होंने सीधे कहा कि वो पैसा लौटा दिया गया था। इस सवाल पर कि कितना वापस किया था। डाक्टर बीके गुप्ता बोले कि उन्होंने (शिकायतकर्ता) फोन किया था कि हमारा पैसा रख लो अस्पताल में कहीं गायब ना हो जाए। मैं उस समय बाहर था। मैंने कहा कैण्टीन वाले के पास रख दो। अब 8000 रुपए खो जाने के डर से मरीज के तीमारदार द्वारा डाक्टर के पास रखने और डाक्टर गुप्ता के कहने से कैण्टीन पर रखने की बात हजम नहीं होती है। प्रकरण पर डाक्टर सुधीर कुमार मौर्य ने कहा कि सारे आरोप निराधार है। मैंने जांच अधिकारी को अपना बयान दे दिया है। ये लोग वसूली करने के लिए ऐसा काम करते रहते हैं। ये लोग जांच अधिकारी को भी ब्लेकमेल कर रहे हैं। जबकि जांच अधिकारी डा एपी सिंह ने बताया कि जांच रिपोर्ट मुख्य चिकित्सा अधिकारी को सौंप दी गई है। मामले में शिकायतकर्ता ही दोषी है। फोन पर ज्यादा बात नहीं हो सकती। जबकि शिवशरण पाण्डेय पत्रकार (शिकायतकर्ता) से बात चीत के दौरान डाक्टर एपी सिंह ने बताया कि जांच में साल भर लग सकता है।


”go"