-क्योकि महालेखाकार प्रयागराज द्वारा सरयू परियोजना के समस्त खंडो की आडिट जल्द ही की जानी है
गोण्डा। सरयू नहर खण्ड-2, गोंडा मे बीते 18 अप्रैल 2022 को रात्रि मे महत्वपूर्ण अभिलेख राख हो गये। विश्वस्त सूत्रो से ज्ञात हुआ है कि जिस रात्रि मे आग लगी उसी दिन रात्रि के साढे नौ बजे तक कार्यालय के कर्मचारी उपस्थित थे उनके जाने के कुछ मिनटो के बाद ही आग लगना सजिश की ओर इशारा कर रही है क्योकि महालेखाकार प्रयागराज द्वारा सरयू परियोजना के समस्त खंडो की आडिट की जानी है। ये खण्ड पूर्व से ही विवादित है। भूमि बैनामे मे इस खण्ड के अधिकरियो/कर्मचारियो द्वारा करोडो रुपये की हेराफेरी की गई जिसपर जांच शासन/विभागीय स्तर पर लंबित है। इसी कारण भूमि बैनामे मे कृषको को भुगतान इस खण्ड से हटाकर सरयू नहर खण्ड अयोध्या को अधिकृत कर दिया गया था। फर्जी अभिलेख को छुपाये जाने के लिये अभिलेखो के आग मे जलने की कहानी लिखी गई जो की सन्धिक्ता के घेरे मे है। यदि स्वतंत्र जांच एजेसी द्वारा जांच की जाये तो इस अग्नि काण्ड मे खण्ड के कई अधिकारी कर्मचारी जांच मे दोषी पाये जाएगा। कार्यवाही के नाम पर अधिसासी अभियंता द्वारा सहायक अभियंता की बलि दे दी गई जो की काफी सरल और सीधे बताये जाते है र्पंतु अन्य कर्मचारियो के ऊपर कोई कार्यवाही न करना संदेहास्पद परिस्थितियों को परिलक्षित करता है। नाम न छापने के शर्त पर सिचाई कालोनी के निवासी एव कार्यालय के कर्मचारियो द्वारा अवगत कराया गया कि यहा के कर्मचारियो द्वारा कार्यालय मे रात्रि मे शराब आदि की पार्टी होना आम बात है। उक्त अग्निकांड मे जिम्मेदार अधिकारी मौन धारण किये हुए है जिससे प्रतीत होता है सभी के जानकारी एव सहमति से इस कांड को धरातल पर उतारा गया है। योगी सरकार पार्ट-2 मे इस खण्ड मे कार्यरत अधिकारी/कर्मचारियो पर क्या कार्यवाही होती है ये देखने लायक बात है क्योकी जिस प्रकार प्रदेश की सत्ताधारी पार्टी भ्रष्टचार मुक्त प्रदेश होने का दावा कर रही है वो वास्तविकता मे है अथवा जांच के नाम पर जांच एजेन्सियो को मैनेज कर प्रकरण को ठन्डे बस्ते मे डाल दिया जाएगा जो की भविष्य के गर्भ मे है।

