मंगलवार को संयुक्त संघों अध्यक्षों राजेश मिश्रा व दीनानाथ त्रिपाठी के नेतृत्व और महामंत्री अनुज प्रकाश श्रीवास्तव व मनोज कुमार सिंह के संयुक्त संचालन में सुबह साढ़े दस बजे ग्राम न्यायालय के विरुद्ध वकीलों ने कलेक्ट्रेट से जुलूस प्रदर्शन किया। इसके बाद वकील सिविल कोर्ट पहुंचे और जिला जज के अदालत के बाहर जमकर नारेबाजी की। वकीलों का गुस्सा यहीं नहीं थमा, वकीलों ने अंबेडकर चौराहे पर घेराव कर रोड जाम किया।
मुंसिफ कोर्ट का तहसीलों में स्थानांतरण किये जाने के विरोध में सैकडों वकीलों ने जबरदस्त धरना प्रदर्शन व नारेबाजी कर अपना विरोध जताया। वकीलों ने कहा कि न्याय प्रशासन की तानाशाही रवैये से बार व बेंच में आये दिन टकराव की स्थिति उत्पन्न हो जाती है। जिससे न्यायिक प्रक्रिया बाधित होती है और वादकारी परेशान होते हैं। विंदेश्वरी प्रसाद दूबे, कौशल किशोर पांडेय, भगौती प्रसाद पांडेय, विजय प्रकाश त्रिपाठी, विनय मिश्रा, गोकरननाथ पांडेय, विवेकमणि श्रीवास्तव, उपेंद्र कुमार मिश्रा, राम बुझारथ द्विवेदी, गौरीशंकर चतुर्वेदी, रीतेश यादव, बृजेश कुमार मिश्रा, आशीष तिवारी, चंद्र मणि तिवारी, राजेंद्र प्रसाद रहे।
छावनी में तब्दील रहा सिविल कोर्ट- वकीलों के हड़ताल को लेकर पुलिस प्रशासन मुस्तैदी से डटा रहा। जिसके कारण गेट नंबर दो व तीन छावनी में तब्दील रहा। सुरक्षाकर्मियों की प्रत्येक गतिविधि पर वकीलों की पैनी नजर थी और किसी भी तरह की कार्यवाही के लिए वह पूर्णतः तैयार थे। वैसे वकीलों की ललकार पुलिस प्रशासन की धुकधुकी बढ़ा रही थी।

