रिपोर्ट-पवन कुमार द्विवेदी
इटिंयाथोक-गोण्डा। खबर है गोंडा जनपद के इटियाथोक क्षेत्र की जहां ग्राम पंचायत में बिना कार्य कराए करो का धन आहरण करने का मामला प्रकाश में आया जिसकी शिकायत ग्रामीणों ने डीएम गोंडा से कर कार्यवाही की मांग की है । आपको बता दें ग्राम पंचायत में कई कार्य ऐसे हैं जिनको कराया ही नहीं गया है और उनका पैसा निकाल लिया गया है जब शिकायत की गई कार्याे को कराने का प्रयास हो रहा है इससे यह बात प्रमाणित होती है कि विभागीय मिलीभगत से करोड़ों का धन आहरण किया गया है अब अधिकारी कर्मचारी व ग्राम पंचायत प्रतिनिधि के द्वारा उस कमी को छुपाने के लिए कार्य को कराया जा रहा है इसकी एक अस्पष्ट बानी साफ दिखाई दे रही है केवल कोतवाली व उसके आसपास विकास के नाम पर 1100000 से अधिक की धनराशि का आहरण कर लिया गया है जब ग्रामीणों ने इसकी शिकायत की तब आनन-फानन में कोतवाली के सामने इंटरलॉकिंग का कार्य प्रगति पर है एक तरफ योगी सरकार भ्रष्टाचार को समाप्त करके साफ स्वच्छ कार्य करने का प्रयास कर रही है वहीं उसके ही मातहत अधिकारी कर्मचारी वह ग्राम प्रधान मिलकर योगी सरकार के मंसूबों पर पानी फेर में कोई कोर कसर नहीं छोड़ रहे हैं जिसकी एक ग्राम पंचायत ग्राम पंचायत उनका लिया गया है लेकिन मौके पर उन कार्यों को नहीं कराया गया है दूसरी पंचवर्षीय योजना शुरू हुई है ग्राम प्रधानी उसी व्यक्ति के पास है जिसके पास पहले से थी अब शिकायत करने के बाद उन कार्यों पर त्वरित कार्य करने का प्रयास किया जा रहा है क्या हो सकता है। एक तरफ जिलाधिकारी मीटिंग में भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्यवाही करने की बात करते हैं लेकिन अभी तक उनके द्वारा किसी भ्रष्टाचारी पर कोई कार्यवाही नहीं की गई है इससे साफ स्पष्ट है भ्रष्टाचारियों के खिलाफ दिशा-निर्देश ही क्यों जारी हो रहा है कार्यवाही नहीं हो रही है जिससे भ्रष्टाचारियों के हौसले बुलंद हैं जिलाधिकारी गोंडा अपने आप को ईमानदार बताते हैं तो भ्रष्टाचार पर कार्यवाही करें ना कि दिशानिर्देश दे शिकायती पत्र पर सीडीओ गोंडा को जांच करने का आदेश दिया गया है अब देखना है सीडीओ गोंडा को कब समय मिलता है जांच करने का तब तक भ्रष्टाचारी अपने भ्रष्टाचार को धरातल पर लाने के लिए दिन रात एक किए हुए हैं।

