ब्रिक्स देशों के 13वें शिखर सम्मेलन का गुरुवार को आयोजन किया गया। जिसकी अध्यक्षता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने की। कोरोना महामारी की वजह से सभी देशों ने इसे वर्चुअल माध्यम से करवाने पर सहमति जताई थी। पीएम मोदी के मुताबिक ब्रिक्स की अध्यक्षता के दौरान भारत को सभी सदस्यों से पूरा सहयोग मिला है। जिस वजह से वे सभी राष्ट्राध्यक्षों को धन्यवाद देना चाहते हैं।
पीएम मोदी ने कहा कि हमें ये सुनिश्चित करना होगा कि ब्रिक्स 15 वर्षों में और अधिक अच्छे रिजल्ट प्राप्त करे। भारत ने अपनी अध्यक्षता के लिए जिस विषय को चुना है, वो इस प्राथमिकता को दर्शाता है। इस वर्ष कोविड की स्थिति के बावजूद, 150 से अधिक BRICS बैठकें और कार्यक्रम आयोजित किए गए। इनमें से 20 से अधिक मंत्री स्तर के थे। हमने ब्रिक्स एजेंडा का विस्तार करने की कोशिश की। ब्रिक्स ने इस साल कई उपलब्धियां हासिल की।
पीएम ने आगे कहा कि हाल ही में पहले ब्रिक्स डिजिटल हेल्थ सम्मेलन का आयोजन हुआ। तकनीक की मदद से स्वास्थ्य तक पहुंच बढ़ाने के लिए ये एक नया कदम है। नवंबर में हमारे जल संसाधन मंत्री ब्रिक्स फॉर्मेट में पहली बार मिलेंगे।
अफगानिस्तान का मुद्दा उठा
वहीं रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने बैठक के दौरान अफगानिस्तान का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि अफगानिस्तान से अमेरिकी सेना और उसके सहयोगियों की वापसी ने एक नया संकट पैदा कर दिया है, और ये अभी भी स्पष्ट नहीं है कि यह वैश्विक और क्षेत्रीय सुरक्षा को कैसे प्रभावित करेगा। यह अच्छे कारण के लिए है कि हमारे देशों ने इस मुद्दे पर विशेष ध्यान दिया है।

