गोण्डा लाइव न्यूज एक प्रोफेशनल वेब मीडिया है। जो समाज में घटित किसी भी घटना-दुघर्टना "✿" समसामायिक घटना"✿" राजनैतिक घटनाक्रम "✿" भ्रष्ट्राचार "✿" सामाजिक समस्या "✿" खोजी खबरे "✿" संपादकीय "✿" ब्लाग "✿" सामाजिक "✿" हास्य "✿" व्यंग "✿" लेख "✿" खेल "✿" मनोरंजन "✿" स्वास्थ्य "✿" शिक्षा एंव किसान जागरूकता सम्बन्धित लेख आदि से सम्बन्धित खबरे ही निःशुल्क प्रकाशित करती है। एवं राजनैतिक , समाजसेवी , निजी खबरे आदि जैसी खबरो का एक निश्चित शुल्क भुगतान के उपरान्त ही खबरो का प्रकाशन किया जाता है। पोर्टल हिंदी क्षेत्र के साथ-साथ विदेशों में हिंदी भाषी क्षेत्रों के लोगों के बीच बहुत लोकप्रिय है और भारत में उत्तर प्रदेश गोण्डा जनपद में स्थित है। पोर्टल का फोकस राजनीतिक और सामाजिक मुद्दों को उठाना है और आम लोगों की आवाज बनना है जो अपने अधिकारों से वंचित हैं। यदि आप अपना नाम पत्रकारिता के क्षेत्र में देश-दुनिया में विश्व स्तर पर ख्याति स्थापित करना चाहते है। अपने अन्दर की छुपी हुई प्रतिभा को उजागर कर एक नई पहचान देना चाहते है। तो ऐसे में आप आज से ही नही बल्कि अभी से ही बनिये गोण्डा लाइव न्यूज के एक सशक्त सहयोगी। अपने आस-पास घटित होने वाले किसी भी प्रकार की घटनाक्रम पर रखे पैनी नजर। और उसे झट लिख भेजिए गोण्डा लाइव न्यूज के Email-gondalivenews@gmail.com पर या दूरभाष-8303799009 -पर सम्पर्क करें।

ईसा मसीह की जन्मभूमि खतरे में

 
eesa-maseeh

संयुक्तराष्ट्र के सांस्कृतिक निकाय यूनेस्को ने फ‍िल‍िस्तीनी शहर बेथलेहम स्थित चर्च ऑफ नेटिविटी को खतरे में पड़े विश्व धरोहरों की सूची में डाल दिया है।

गौरतलब है कि बेथलेहम स्थित चर्च ऑफ नेटिविटी को ईसा मसीह की जन्मस्थली माना जाता है।

यूनेस्को ने कहा कि जिस स्थान पर यह चर्च है, उसे ईसाई परंपरा के अनुसार ईसा मसीह का जन्म स्थल माना जाता है। पानी के रिसाव के कारण वहां जाने वाला तीर्थमार्ग क्षतिग्रस्त है।

यहां पर सबसे पहले 339 ईस्वी में एक चर्च पूरा किया गया था और छठी शताब्दी में आग लगने के बाद जिस इमारत ने उसकी जगह ली है, उसमें मूल इमारत के फर्श पर विस्तृत पच्चीकारी को बरकरार रखा गया है।

यह स्थल यरूशलम से 10 किलोमीटर दक्षिण में स्थित है। इसमें लातिन, ग्रीक आथरेडॉक्स, फ्रांसिस्कन और आर्मीनियन कॉन्वेंट और गिरजाघरों के साथ-साथ घंटाघर और बगीचे भी शामिल हैं।

फ‍िल‍िस्तीनियों ने रूस के सेंट पीटर्सबर्ग में 21 राष्ट्रों वाली विश्व विरासत समिति की बैठक में तीर्थ मार्ग और चर्च को खतरे में पड़ी धरोहरों की सूची में डालने के लिए दबाव डाला था।

विश्व धरोहरों की सूची का उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय समुदाय को असाधारण वैश्विक महत्व की संपत्तियों के खतरे में पड़े होने के बारे में सूचित करना और सुधारात्मक कार्रवाई के लिए प्रोत्साहित करना है।

यूनेस्को की विश्व विरासत समिति ने इसराइल, पलाउ, इंडोनेशिया, मोरक्को, चीन, सेनेगल और कोटे डी ल्वॉयरे के महत्वपूर्ण स्थलों को भी विश्व विरासत सूची में शामिल किया है। (भाषा)

”go"