संयुक्तराष्ट्र के सांस्कृतिक निकाय यूनेस्को ने फिलिस्तीनी शहर बेथलेहम स्थित चर्च ऑफ नेटिविटी को खतरे में पड़े विश्व धरोहरों की सूची में डाल दिया है।
गौरतलब है कि बेथलेहम स्थित चर्च ऑफ नेटिविटी को ईसा मसीह की जन्मस्थली माना जाता है।
यूनेस्को ने कहा कि जिस स्थान पर यह चर्च है, उसे ईसाई परंपरा के अनुसार ईसा मसीह का जन्म स्थल माना जाता है। पानी के रिसाव के कारण वहां जाने वाला तीर्थमार्ग क्षतिग्रस्त है।
यहां पर सबसे पहले 339 ईस्वी में एक चर्च पूरा किया गया था और छठी शताब्दी में आग लगने के बाद जिस इमारत ने उसकी जगह ली है, उसमें मूल इमारत के फर्श पर विस्तृत पच्चीकारी को बरकरार रखा गया है।
यह स्थल यरूशलम से 10 किलोमीटर दक्षिण में स्थित है। इसमें लातिन, ग्रीक आथरेडॉक्स, फ्रांसिस्कन और आर्मीनियन कॉन्वेंट और गिरजाघरों के साथ-साथ घंटाघर और बगीचे भी शामिल हैं।
फिलिस्तीनियों ने रूस के सेंट पीटर्सबर्ग में 21 राष्ट्रों वाली विश्व विरासत समिति की बैठक में तीर्थ मार्ग और चर्च को खतरे में पड़ी धरोहरों की सूची में डालने के लिए दबाव डाला था।
विश्व धरोहरों की सूची का उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय समुदाय को असाधारण वैश्विक महत्व की संपत्तियों के खतरे में पड़े होने के बारे में सूचित करना और सुधारात्मक कार्रवाई के लिए प्रोत्साहित करना है।
यूनेस्को की विश्व विरासत समिति ने इसराइल, पलाउ, इंडोनेशिया, मोरक्को, चीन, सेनेगल और कोटे डी ल्वॉयरे के महत्वपूर्ण स्थलों को भी विश्व विरासत सूची में शामिल किया है। (भाषा)

