आज सीमेंट के बिना ऊँची अट्टालिकाओं, लम्बे पुलों और विशाल फैक्टरियों की कल्पना करना क्या संभव है? शायद नहीं। इस आधुनिक युग में सीमेंट एक महत्त्वपूर्ण वस्तु बन गयी है, जिसके बिना विश्व में विकास संभव ही नहीं है। क्या आपने कभी सोचा है कि सीमेंट कैसे बनता है? आइए, हम आपको बतलाते हैं।
ईसा से लगभग अढाई सौ वर्ष पूर्व सीमेंट का आविष्कार सबसे पहले रोम में हुआ था। रोम के लोग ज्वालामुखी से निकली हुई राख, चूना और बालू का मिश्रण भवन-निर्माण में प्रयुक्त करते थे। 'पोत्स्वाली' नामक एक स्थान से उन्हें यह सामग्री प्राप्त होती थी। इसी आधार पर वे लोग इस मिश्रण को 'पोत्स्वालाना' कहते थे। सीमेंट दुनिया में सबसे अधिक उपयोग की जाने वाली निर्माण सामग्री है जो लगभग हर प्रकार के निर्माण में प्रयोग की जाती है। ऐतिहासिक काल से ही ईंटों को बांध कर दीवार बनाने में सीमेंट के रूप में किसी न किसी लेप का उपयोग होता रहा है। इसी कमी को दूर करने के लिए सीमेंट का आविष्कार हुआ।
सीमेंट की खोज किसने किया -
सीमेंट की खोज 1824 में इंग्लैंड के जोसेफ एस्पिन (Joseph Aspdin) ने की थी। उन्होने 1811 से ही सीमेंट बनाने के लिए प्रयोग करने शुरू कर दिये थे। राजमिस्री का कार्य करने वाले जोसेफ एस्पिन ने जिस सीमेंट का आविष्कार किया था उसे पोर्टलैंड सीमेंट (Portland cement) का नाम दिया था। इस सीमेंट का उन्होने 21 October, 1824 में पेटेंट लिया था। जोसेफ एस्पिन ने सीमेंट बनाने के लिए चूना पत्थर, पानी और मिट्टी के एक निश्चित अनुपात को पीसकर फिर उस मिश्रण को क्लिंकर में जला कर अंतिम रूप से सीमेंट तैयार किया था।
जोसेफ आस्पडिन से पहले जान स्टीमन नामक व्यक्ति ने चूना-पत्थर (लाइन स्टोन) और मिट्टी के मिश्रण से सीमेंट बनाया था, जो 'पोत्स्वालाना' सीमेंट से अधिक बेहतर था। जोसेफ आस्पडिन ने इसी सीमेंट में पोर्टलैंड पत्थर का प्रयोग करके सीमेंट का स्वरूप ही बदल दिया। पोर्टलैंड पत्थर के प्रयुक्त होने से सीमेंट की मजबूती क्षमता पहले से कई गुना बढ़ गयी। यही सीमेंट पोर्टलैंड सीमेंट कहलाता है। आजकल भवन निर्माण में इस सीमेंट का उपयोग चरमोत्कर्ष पर है। यह सीमेंट स्लेटी रंग का पाउडर जो पानी के सम्पर्क में आकर पत्थर जैसा कड़ा और मजबूत बन जाता है। हालांकि जोसेफ एस्पिन द्वारा तैयार किया गया सीमेंट आजकल के पोर्टलैंड सीमेंट से काफ़ी अलग था, लेकिन उनके आविष्कार को बुनियाद बनाकर ही आधुनिक रूप से सीमेंट तैयार किया जाता है। इस पेटेंट और अपने सीमेंट के आविष्कार से जोसेफ एस्पिन को बहुत फायदा हुआ था।
इसके कुछ वर्षों बाद, 1845 में, आइजैक जॉनसन ने चाक और मिट्टी के मिश्रण को बहुत अधिक तापमान (1400-1500 डिग्री सेल्सियस) पर जला कर पहले आधुनिक पोर्टलैंड सीमेंट का निर्माण किया था।
जॉनसन ने पोर्टलैंड सीमेंट बनाने के लिए जिस सामाग्री का उपयोग किया था, वही चीज़ें आज भी सीमेंट बनाने के लिए प्रयोग में ली जाती हैं।

