बैरेटा (छोटी पिस्तौल) की उत्पत्ति का मूल स्थान पहले यू.एस.ए. (यूनाइटेड स्टेट ऑफ अमेरिका) बाद में इटली बना। यह 20 कैलिवर की सबसे छोटी पिस्तौल थी जिसका अमेरिका के मेरीलैण्ड राज्य (उपनिवेश) के ऐकोकीक शहर में सन् 1985 तक उत्पादन हुआ क्योंकि 1984 से इटली की बैरेटा कम्पनी ने इसके उन्नत मॉडल का बैरेटा 21-A बॉबकैट के नाम से उत्पादन शुरू कर दिया था इसलिये अमरीका की यह सबसे छोटी पिस्तौल दुर्लभ शस्त्र की श्रेणी में आ गयी।
आसानी से मनुष्य की हथेली में आ जाने वाली यह पिस्तौल जेब में भी आराम से रखी जा सकती है। वैसे तो अमूमन आजकल सभी पिस्तौलों की नली फिक्स न होकर एक अलग चैम्बर में आगे-पीछे की ओर को खिसकती है और ऐसा कारतूस के फटने से उत्पन्न गैस के अत्यधिक दबाव के कारण होता है।
परन्तु सभी पिस्तौलों की लीक से हटकर इसकी नाल या बैरेल आगे की तरफ से रिवॉल्वर की भांति स्टील की एक कील में पिरोयी हुई होती है। नाल के ऊपर उठते ही इसका एक-एक कारतूस दगने के बाद उसका पीतल वाला खोखा, अपने आप बाहर आ जाता है और ऊपर की ओर उछल जाता है। फायर हो जाने के बाद नाल पुनः अपनी पूर्व स्थिति में आ जाती है। इसके साथ ही इसके नीचे लगी मैगजीन में से दूसरा भरा हुआ कारतूस फायर करने हेतु नाली में अपने आप चला जाता है।
इस प्रकार एक के बाद एक लगातार आठ फायर इस पिस्तौल से किये जा सकते हैं। इसके अलावा इसमें फायर करते समय झटका बिल्कुल नहीं लगता और निशाना ठीक लगता है।

