जो व्यक्ति झूठ बोलता है लोग उसे पसन्द नही करते है। लेकिन लोगो को झूठ बहुत पसंद आता है। उदाहरण के लिए एक फ़िल्म में कितना झूठ दिखाया जाता है, फिर भी लोग उस झूठ का आनन्द लेते है। सत्य अक्सर कड़वा होता है जिसे कोई सुनना नहीं चाहता है। इस दुनिया में कम या ज्यादा हर कोई झूठ बोलता है। जो कम झूठ बोलता है उसे ईमानदार कहते है और जो ज्यादा झूठ या अपने झूठ के द्वारा किसी को नुकसान पहुंचाता है उसे झूठा कहते हैं।
झूठ बोलने वाले को कैसे पहचाने
इंसान अपनी शिक्षा और अनुभव से किसी व्यक्ति का झूठ पकड़ सकता है। झूठ बोलने वाले के हाव-भाव और बॉडी लैंग्वेज से भी पहचाना जा सकता है। झूठ बोलने वाला आंखे चुराता है। बोलते वक़्त आत्मविश्वास की कमी होती है जिसके कारण वह रूक-रूक कर बोलता है। जो लोग बातों को ज्यादा बढ़ा-चढ़ाकर कहते है, वह अक्सर झूठ बोलते हैं। जो ज्यादा बोलता है उसकी ज्यादातर बातें झूठी होती है।
जो व्यक्ति सरल होता है वो सत्य बोलता है। झूठा व्यक्ति दिखावा बहुत ज्यादा करता है। क्योंकि मनुष्य का स्वभाव है जो दिखता है उसे वह सत्य मान लेता है। जो ज्यादा झूठ बोलता है उसके अंदर इतना आत्मविश्वास आ जाता है कि आप उसके झूठ को बॉडी लैंग्वेज से नही पहचान सकते है। ऐसे व्यक्तियों का झूठ आप अपने अनुभव से पकड़ सकते है।
झूठ पकड़ने के टिप्स -
वो व्यक्ति जिसको ज्यादा झूठ बोलने की आदत हैं और यह बात आपको मालूम है तो आप उससे सावधान रहेंगे और यदि आप ऐसे व्यक्ति से पहली बार मिलते हैं तो पता लगाना थोड़ा मुशिकल हो जाता है क्योंकि ऐसा व्यक्ति झूठ बोलने में माहिर हो जाता है। लेकिन फिर भी झूठ बोलने वाले व्यक्ति में बहुत से ऐसे बदलाव आते हैं जिनको आप पूरी एकाग्रता से देखें तो वो आपको महसूस हो जायेंगे। तो आज मैं यहाँ आपके साथ कुछ ऐसे तरीके शेयर कर रहा हूँ जिससे आपको मालूम पड़ जायेगा की सामने वाला व्यक्ति जूठ बोल रहा है।
आपसे नज़रे नहीं मिलाता –
जो व्यक्ति आपसे झूठ बोल रहा है वो लगातार आपसे नज़रे नहीं मिलाएगा। वो अपनी आखों को इधर उधर करेगा। जब आपको देखना हो की कहीं यह व्यक्ति आपसे झूठ तो नहीं बोल रहा तो आप उससे इसी बात से सम्बंधित कोई प्रश्न पूछे और उसका उत्तर भी वो अपनी आखो को इधर उधर करके दे रहा है तो समझ लें कि उसके दिमाग में कोई खिचड़ी पक रही है। यानी वो बाते बना बना कर बोल रहा है और आपसे नजरें नहीं मिला पा रहा है।
चेहरे के भाव बदलते हैं –
जो व्यक्ति आपसे झूठ बोल रहा है आप ध्यान से देखेंगे तो उसके चेहरे पर थोड़ा सा परिवर्तन आएगा। उसका चेहरा ज़रा सा सुकुड़ जायेगा। वो व्यक्ति अपनी भो को माथे के बीच सिकोडेगा। झूठ बोलते समय व्यक्ति रिलैक्स नहीं होता। वो झूठ तो बोलता है पर उसे एक भारीपन महसूस होता है जो उसके चेहरे पर दिखता है।
नाक और मुँह पर हाथ लगाना –
जो व्यक्ति ज्यादतर झूठ बोलता है वो अपनी नाक को बार टच करता है या अपने मुँह पर हाथ रख लेता है। जब कोई व्यक्ति ऐसा करे तो दो बातें हैं। पहली या तो उसकी आदत है। दुसरी वो झूठ बोल रहा है या आपसे कुछ छुपा रहा है।
चेहरे पर पसीना –
यदि आप ध्यान दे तो झूठ बोलते समय व्यक्ति के माथे पर पसीना दिखने लगता है। माथे पर पसीना घबराहट के काऱण भी आता है और यदि व्यक्ति जूठ बोलता है तो भी धोड़ी घबराहट तो होगी। अगर आप ध्यान से देखें तो उसके माथे पर थोड़ा पसीना तो दिखेगा।
साँसे तेज़ चलना –
आप ध्यान से देखे तो झूठ बोलने वाले व्यक्ति की सांसें सामान्य से थोड़ी तेज़ चलने लगती हैं। क्योंकि झूठ बोलने वाला व्यक्ति थोड़ा डरा हुआ होता है उसे डर होता है कि कही उसका झूठ पकड़ा न जाए।
आखें लेफ्ट या राइट गुमाना –
झूठ बोलते समय व्यक्ति अपनी आखों को या तो राइट साइड में कर लेता है या फिर लेफ्ट साइड में। यदि व्यक्ति लेफ्ट हैंडी (यानि उल्टे हाथ से काम करने वाला) है तो वो अपनी आखों को लेफ्ट की तरह ज्यादा ले जाता है और यदि व्यक्ति राइट हैंडी (सीधे हाँथ से काम करने वाला) है तो राइट की तरफ अपनी आखों को ले जाता है।
व्यक्ति की आवाज़ बदलती है –
जो व्यक्ति झूठ बोल रहा है उसकी आवाज़ उसकी नार्मल आवाज़ से या तो तेज़ होती है या धीमी। हालाँकि व्यक्ति की मानसिक और शारारिक अवस्था में भी थोड़ा बहुत आवाज़ में चेंज आता है जैसे जब व्यक्ति खुश होता है तब थोड़ा तेज़ बोलता है और जब दुखी होता है तो तोड़ा धीरे। यदि नार्मल अवस्था में भी व्यक्ति की आवाज़ तेज़ या धीमी हो जाये तो समझो व्यक्ति जूठ बोल रहा है।
बातों को कुछ घुमा कर बोलना –
झूठ बोलने वाला व्यक्ति सीधे सीधे अपनी बात न बोलकर थोड़ा घुमा फिरा कर या जितना बोलना चाहिएं उससे ज्यादा बोलता है। आप समझने की कोशिश करें की व्यक्ति थोड़ा अधिक जोर देकर आपको बात बता रहा है यानि वो आप पर अपनी बात को थोपने की कोशिश करता है।
दुवारा बोलने के लिए कहें –
यदि कोई व्यक्ति आपको कुछ बताता है और आपको लगता है की कही यह झूठ तो नहीं बोल रहा तो आप उससे यह बात दुबारा बोलने के लिए कह सकते हैं। यदि वो पहले तरीके और शब्दों में बात कर रहा है तो वो सच बोल रहा है और यदि वो बातों को घुमाकर या दूसरे तरीके से बोल रहा है तो वो झूठ बोल रहा है।
उसके पैरों के पोस्चर पर ध्यान रखना-
यदि बातचीत करने वाला आपके सामने बैठा है तो उसके पैरों के पोस्चर पर ध्यान रखना है यदि वो पैरों को हिला रहा है तो ये भी झूठ बोलने का संकेत है इसके अलावा पैरों को फोल्ड करके बैठा है तथा कुछ घबराया,डरा हुआ और जल्दी से बातचीत खत्म करने के लिए उत्सुक है तो ये भी झूठ बोलने का संकेत है।
स्त्री बिना कुछ किये पुरुष को अपनी तरफ आकर्षित कर लेती है। स्त्री अगर कुछ कहती तो उस पर पुरुष को जल्दी विश्वास हो जाता है और उसे सत्य मान लेता है। इसीलिए जब स्त्रियों के झूठ का पता चलता है तब पुरुष को सबसे ज्यादा दुख होता है। स्त्री के झूठ को पकड़ना पुरुष के लिए सबसे कठिन होता है।
जिसका झूठ पकड़ना है उससे विनम्र और शालीन होकर बात करें वो अपनी बात का जो तथ्य प्रस्तुत करे उसे स्वयं दोहराएं, और गहराई से उसके बारे में दो चार प्रश्न पूछें यदि वो झूठ बोल रहा है तो उपर्युक्त लक्षण जरूर दिखाई पड़ेगा। आप इन बातों को ध्यान रखेंगे तो निश्चित रूप से सामने वाले का झूठ पकड़ सकेंगे।
इस प्रकार व्यक्ति की बॉडी लैंग्वेज से जान सकते हैं की वो व्यक्ति झूठ बोल रहा है या सच।
नोट – लेकिन यह बात ध्यान देने वाली है की यदि किसी व्यक्ति में ऊपर लिखे बदलाव दिखते है तो जरूरी भी नहीं है की व्यक्ति झूठ ही बोल रहा हों। कुछ व्यक्तियों की ऐसी आदत होती है जैसे बार बार नाक पर हाथ लगाना आदि। ऊपर लिखी बातों के आधार पर आप किसी पर झूठा होने का इल्ज़ाम नहीं लगा सकते। फिर भी हम इन अनुभवों से कम से कम सावधान तो हो ही सकते हैं।

