-खाता पुर्नजीवित कर पेशन का शीघ्र भुगतान कराने के साथ ही दोषी कर्मी को दण्डित किये जाने हेतु अपर निदेशक कोषागार एवं पेशन से लगाई गुहार
गोण्डा। वैसे तो बैंक कर्मियो द्वारा उपभोक्ताआ को अकारण परेशान करने क मामले अक्सर आया करते हैं पर एक प्रकरण ऐसा प्रकाश में आया है जिसमें एक पेंशनर का खाता अकारण बंद कर दिया गया। ज्ञात हो कि पंतनगर निवासी पेंशनर शेर बहादुर सिंह ( सेवानिवृत अवर अभियता) लोक निर्माण विभाग से सेवानिवृत होकर जिला कोषागार गोण्डा से पेंशन प्राप्त कर अपना जीवन निर्वाह करता है। भारतीय स्टेट की गोण्डा शाखा में खाता सख्या 11192419327 है जिसमें पेशन आहरित होती थी और उसी से परिवार का भरण-पोषण करता था। दिनाक 30 मई को मेरा उक्त खाता बिना कोई कारण बताए मनमाने ढंग सेे बद कर दिया गया।जब मैने बैंक जार मुख्य प्रबंधक से अपना खाता बंद होने का कारण जानना चाहा तो वो संतोषजनक जवाब नही दे सके आर आज-कल करके पखवारेभर से बैंक का चक्कर लगवा रहे हैं। माह मई की पेशन कोषागार द्वारा भेजी गयी पर पेंशन धनराशि खाता बंद होने के कारण आहरित नही हो सकी और वापस हो गयीं जिस कारण आथिक संकट उत्पन्न हे गया है। अस्वस्थ और वृद्वावस्था के बावजूद बैंक के चक्कर लगाना पड़ रहा है। इस सब से पी़िड़त पेंशनर शेर बहादुर सिंह ने अपर निदेशक कोषागार एवं पेशन, देवीपाटन मण्डल, गोण्डा को पत्र दिया है जिसमें खाता पुर्नजीवित कर पेशन का शीघ्र भुगतान कराने के साथ ही दोषी कर्मी को दण्डित कियेे जाने की माग की है।

