कर्नलगंज-गोण्डा। मंदिरों की संपत्तियों पर भू माफियाओं की निगाहें जम गई है। नगर के बालकराम पुरवा ठाकुर श्री राम जानकी चतुर्भुजी मंदिर की जमीन पर भू माफियाओं की निगाहें जमी हुई थी। सर्वराकारी को लेकर उपजे विवाद होने के चलते जिलाधिकारी स्वयं इस मंदिर के प्रशासक बन गए हैं। वहीं नगर के दूसरे एक राधा कृष्ण राधेश्याम मंदिर की बेशकीमती भूमि पर भू माफियाओं ने अपना पैर जमाना शुरू कर दिया है। राधा कृष्ण राधे श्याम मंदिर गाड़ी बाजार की तमाम बेशकीमती जमीन करनैलगंज नगर क्षेत्र में मौजूद है। मंदिर की संपत्तियों में तमाम दुकानें बनी हुई हैं। जिसमें करीब एक दर्जन से अधिक किराएदार हैं। जो बिना किराया अदा किए हैं जमीन मंदिर की दुकानों में कब्जा जमाए हुए हुए हैं। किराए के तौर पर 5 रुपये और 6 रुपये महीने भी देना वह मुनासिब नहीं समझ रहे हैं। जिससे मंदिर में पूजा आरती के लिए भी कहीं से धन नहीं आ रहा है। मंदिर भी जीर्ण शीर्ण अवस्था मे है। इसी राधा कृष्ण राधे श्याम मंदिर की भूमि गाड़ी बाजार में मौजूद है। जिसके सर्बराकार कृष्ण गोपाल पुत्र हनुमान प्रसाद बताए जाते हैं। मंदिर की जमीन पर भू माफियाओं ने अपना दबदबा कायम कर दिया है। मंदिर के स्वामित्व की भूमि गाटा संख्या 1289ध्2 क्षेत्रफल 0.4050 हेक्टेयर जिसमें 9 पेड़ पुराने नीम, शीशम व आम के लगे थे। जिसे भू माफियाओं ने बिना किसी अनुमति या परमिशन के ही पेड़ों को कटवा दिया और अब प्लाटिंग करने की तैयारी में है। इसकी शिकायत नगर के हेतराम मौर्य निवासी मौर्य नगर द्वारा की गई है। शिकायत उप जिलाधिकारी, जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक, सीओ व कोतवाल को भेजी गई है। जिसमें मंदिर की बेशकीमती भूमि को बिक्री होने एवं अवैध रूप से कब्जा या प्लाटिंग होने से बचाने की मांग की गई है। एसडीएम शत्रुघ्न पाठक का कहना है कि शिकायत संज्ञान में है मंदिर की संपत्ति को किसी भी व्यक्ति को बेंचने या छिन्न भिन्न करने का अधिकार नही है। मंदिर की भूमि पर किसी का कब्जा या दखल नही होने दिया जाएगा। यदि उसके सर्बराकार द्वारा ही जमीन पर कब्जेदारी या बिक्री की जाती है तो उनके विरुद्ध भी कार्रवाई होगी। पूरे मामले की जाँच कराई जा रही है।

