"शीतली" शब्द का अर्थ है "ठंडा करने वाला", यानी वह प्रक्रिया जो हमारे शरीर को शांत कर सकती है और शीतलता की भावना दे सकती है। शीतली शब्द को मूल रूप से "शीतल" शब्द से लिया गया है जिसका अर्थ है ठंडा या सुखदायक। शीतली प्राणायाम का दैनिक अभ्यास शरीर के साथ मन को शांत करता है। शीतली प्राणायाम का मूल उद्देश्य शरीर के तापमान को करना होता जिससे हमारे तंत्रिका तंत्र और अंतःस्रावी ग्रंथियों पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता है। इस प्राणायाम का अभ्यास करने से व्यक्ति युवा और आकर्षक हो जाता है और इसका दैनिक अभ्यास प्यास और भूख को नियंत्रित करने में आपको सक्षम बनाता है। शीतली प्राणायाम कुछ हद तक शीतकारी प्राणायाम के जैसा है और दोनो का ही उल्लेख प्राचीन पाठ "हठ योग प्रदीपिका" में किया गया है।
इस लेख में शीतली प्राणायाम के आसन को करने के तरीके और उससे होने वाले लाभों ंके बारे में बताया गया है। साथ में यह भी बताया गया है कि प्राणायाम करने के दौरान क्या सावधानी बरतें। लेख के अंत में एक वीडियो भी शेयर किया गया है।
शीतली प्राणायाम के फायदे -
शीतली प्राणायाम के लाभ इस प्रकार हैं:
- शीतली प्राणायाम शरीर और दिमाग को शीतलता प्रदान करता है।
- यह जैविक ऊर्जा और तापमान विनियमन से जुड़े महत्वपूर्ण मस्तिष्क केन्द्रों को प्रभावित करता है।
- शीतली प्राणायाम मानसिक और भावनात्मक उत्तेजना को शांत करता है, और पूरे शरीर में प्राण के प्रवाह को प्रोत्साहित करता है।
- यह मांसपेशियों को शिथिल करता है, मानसिक शांति प्रदान करता है।
- सोने से पहले इसे प्रशांतक के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है।
- शीतली प्राणायाम भूख और प्यास पर नियंत्रण देता है, जिससे तृप्ति की भावना पैदा होती है।
- रक्तचाप और उदार की अम्लता को कम करने में मदद करता है शीतली प्राणायाम।
शीतली प्राणायाम करने से पहले यह आसन करें -
शीतली प्राणायाम को अपने बाकी सभी ऐसे आसन और प्राणायाम अभ्यास के बाद करें जो शरीर का तापमान बढ़ाते हैं। इन अभ्यासों के बाद शीतली प्राणायाम का अभ्यास शारीरिक तापमान को संतुलित करने में मदद करेगा।
शीतली प्राणायाम करने का तरीका -
शीतली प्राणायाम करने का तरीका इस प्रकार है:
- किसी भी आरामदायक ध्यान करने के आसन में बैठ जायें। हाथों को चिन या ज्ञान मुद्रा में घुटनों पर रख ले।
- आँखें बंद कर लें और पूरे शरीर को शिथिल करने की कोशिश करें।
- जहां तक संभव हो सके तनाव के बिना जीभ को मुंह के बाहर बढ़ाएं।जीभ के किनारों को रोल करें ताकि यह एक ट्यूब या नालिका जैसी बन जाए। इस ट्यूब के माध्यम से साँस अंदर लें।
- साँस लेने के अंत में, जीभ को मुंह में वापिस अंदर ले लें और औसे बंद कर लें। नाक के माध्यम से साँस छोड़ें।
- श्वास लेते समय तेज हवा के समान ध्वनि उत्पन्न होनी चाहिए।
- जीभ और मुंह की छत पर बर्फ़ीली शीतलता का अनुभव होगा।
- यह एक चक्र है।
- 9 चक्र करें।
शीतली प्राणायाम करने में क्या सावधानी बरती जाए -
- कम रक्तचाप या श्वसन विकार जैसे अस्थमा, ब्रोंकाइटिस और अत्यधिक बलगम से पीड़ित लोगों को इस प्राणायाम का अभ्यास नहीं करना चाहिए।
- जिन्हे हृदय रोग हो, उन्हे शीतली प्राणायाम के अभ्यास में श्वास नहीं रोकना चाहिए।
- यह अभ्यास कम ऊर्जा केंद्रों के कार्यों को मंद करता है, इसलिए, पुरानी कब्ज से पीड़ित लोगों को शीतली प्राणायाम का अभ्यास नहीं करना चाहिए।
- आम तौर पर, इस प्राणायाम को सर्दियों में या ठंडी जलवायु में नहीं करना चाहिए।
शीतली प्रणायामक रने के बाद आसन-
शीतली प्रणायामक े बाद आप शवासन कर सकते है।


No comments:
Post a Comment
कमेन्ट पालिसी
नोट-अपने वास्तविक नाम व सम्बन्धित आर्टिकल से रिलेटेड कमेन्ट ही करे। नाइस,थैक्स,अवेसम जैसे शार्ट कमेन्ट का प्रयोग न करे। कमेन्ट सेक्शन में किसी भी प्रकार का लिंक डालने की कोशिश ना करे। कमेन्ट बॉक्स में किसी भी प्रकार के अभद्र भाषा का प्रयोग न करे । यदि आप कमेन्ट पालिसी के नियमो का प्रयोग नही करेगें तो ऐसे में आपका कमेन्ट स्पैम समझ कर डिलेट कर दिया जायेगा।
अस्वीकरण ( Disclaimer )
गोण्डा न्यूज लाइव एक हिंदी समुदाय है जहाँ आप ऑनलाइन समाचार, विभिन्न लेख, इतिहास, भूगोल, गणित, विज्ञान, हिन्दी साहित्य, सामान्य ज्ञान, ज्ञान विज्ञानं, अविष्कार , धर्म, फिटनेस, नारी ब्यूटी , नारी सेहत ,स्वास्थ्य ,शिक्षा ,18 + ,कृषि ,व्यापार, ब्लॉगटिप्स, सोशल टिप्स, योग, आयुर्वेद, अमर बलिदानी , फूड रेसिपी , वाद्ययंत्र-संगीत आदि के बारे में सम्पूर्ण जानकारी केवल पाठकगणो की जानकारी और ज्ञानवर्धन के लिए दिया गया है। ऐसे में हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि आप किसी भी सलाह,उपाय , उपयोग , को आजमाने से पहले एक बार अपने विषय विशेषज्ञ से अवश्य सम्पर्क करे। विभिन्न विषयो से सम्बन्धित ब्लाग/वेबसाइट का एक मात्र उद्देश आपको आपके स्वास्थ्य सहित विभिन्न विषयो के प्रति जागरूक करना और विभिन्न विषयो से जुडी जानकारी उपलब्ध कराना है। आपके विषय विशेषज्ञ को आपके सेहत व् ज्ञान के बारे में बेहतर जानकारी होती है और उनके सलाह का कोई अन्य विकल्प नही। गोण्डा लाइव न्यूज़ किसी भी त्रुटि, चूक या मिथ्या निरूपण के लिए जिम्मेदार नहीं है। आपके द्वारा इस साइट का उपयोग यह दर्शाता है कि आप उपयोग की शर्तों से बंधे होने के लिए सहमत हैं।