हमारे संपूर्ण स्वास्थ्य के लिए व्यायाम बहुत आवश्यक है, यह जानते हुए भी ज्यादातर लोग वर्कआउट के लिए समय नहीं निकाल पाते हैं। व्यायाम न सिर्फ हमारे शारीरिक बल्कि मानसिक स्वास्थ्य के लिए भी काफी महत्वपूर्ण होता है, इसका कोई और विकल्प नहीं हो सकता है। इसी को ध्यान में रखते हुए विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने अपने नए दिशानिर्देशों में स्वास्थ्य को बेहतर बनाए रखने के लिए शारीरिक गतिविधियों की न्यूनतम सीमा निर्धारित की है। इन व्यायामों के माध्यम से हृदय रोग और टाइप-2 मधुमेह जैसी क्रोनिक बीमारियों के साथ शारीरिक निष्क्रियता या अपर्याप्त गतिविधि के कारण होने वाली समस्याओं से बचा जा सकता है।
25 नवंबर 2020 को डब्ल्यूएचओ ने फिजिकल एक्टिविटी एंड सेडन्टेरी बिहेवियर को लेकर दिशानिर्देश जारी किए हैं। इसमें संस्था ने निम्नलिखित गतिविधियों और उनकी सीमा की सलाह दी है।
बच्चे और किशोर : दिन में 60 मिनट
वयस्क (गर्भवती महिलाएं और क्रोनिक बीमारियों वाले लोग भी शमिल) : एक्टिव रहें
सभी वयस्कों के लिए : सप्ताह में 150 से 300 मिनट मध्यम तीव्रता के व्यायाम या 75 से 150 मिनट के तीव्र स्तर के व्यायाम।
शारीरिक गतिविधि बनाम व्यायाम -
आमतौर पर लोग शारीरिक गतिविधि और व्यायाम में फर्क नहीं कर पाते हैं, जबकि दोनों ही अलग अलग संर्दभ को वर्णित करते हैं। आइए दोनों में अंतर को समझते हैं।
ऐसा कोई भी कार्य जिसमें मांसपेशियों का प्रयोग होने के साथ कैलोरी बर्न होती हैं, वह शारीरिक गतिविधि के रूप में जानी जाती हैं। यहां मांसपेशियों के प्रयोग से तात्पर्य उन मांसपेशियों से है, जिनपर हमारा नियंत्रण होता है। इस परिभाषा के अनुसार, जिन चीजों को शारीरिक गतिविधि के रूप माना जा सकता है वह हैं - घर के काम, भारी वस्तुओं को उठाना, खेलना, नाचना, सफाई करना, बागवानी, सीढ़ियों से चढ़ना और उतरना, साइकिल चलाना आदि।
इसके विपरीत, व्यायाम की परिभाषा सीमित है। इसमें आमतौर पर उन्हीं गतिविधियों को शामिल किया जाता है, जिन्हें विशेष रूप से शरीर के विशिष्ट अंगों को मजबूती देने के लिए डिज़ाइन किया गया है। डब्ल्यूएचओ के अनुसार व्यायाम, शारीरिक गतिविधि की एक सबकैटेगरी है।
शारीरिक गतिविधियों के लाभ -
डब्ल्यूएचओ के आंकड़े बताते हैं कि दुनियाभर में हर चार में से एक वयस्क पर्याप्त रूप से शारीरिक गतिविधियां नहीं करता है। विशेषज्ञों का मानना है कि अपर्याप्त शारीरिक गतिविधियों के कारण हृदय रोग, टाइप-2 मधुमेह और यहां तक कि कैंसर जैसी स्वास्थ्य समस्याओं का खतरा बढ़ जाता है। डब्ल्यूएचओ का यह भी मानना है कि यदि लोग शारीरिक रूप से सक्रिय हो जाएं तो दुनियाभर में हर साल लगभग 50 लाख लोगों की मृत्यु को रोका जा सकता है।
ऐसा नहीं है कि इन फायदों के बारे में हम जानते नहीं हैं। हम सभी को अच्छी तरह से मालूम है कि गतिहीन जीवन और लंबे समय तक बैठे रहने से स्वास्थ्य पर बुरा प्रभाव पड़ सकता है। इन्हीं बातों को ध्यान में रखते हुए कुछ लोग घर और दफ्तर के कार्यों के साथ साप्ताहिक व्यायाम के लिए समय निकालते हैं।
हाल ही में डब्ल्यूएचओ ने अपने नए दिशानिर्देश में गतिविधियों के स्तर और उनके विकल्पों के बारे में स्पष्ट किया है। दिशानिर्देश में निम्न बातों को लेकर भी सलाह दी गई है।
- महिलाओं को गर्भावस्था के दौरान और प्रसव के बाद भी शारीरिक सक्रियता पर ध्यान देना चाहिए।
- दिव्यांगजनों को भी उन तरीकों से शारीरिक सक्रियता बनाई रखनी चाहिए जो उनके लिए उपयुक्त हों।
चूंकि बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक, सभी के लिए उपयुक्त मात्रा में शारीरिक रूप से सक्रिय रहने की आवश्यकता होती है। इस बात को ध्यान में रखते हुए 65 वर्ष और उससे अधिक आयु के लोगों को शारीरिक संतुलन, समन्वय और मांसपेशियों की शक्ति में सुधार करने वाली गतिविधियों पर ध्यान देना चाहिए। ऐसा करने से बुजुर्गों के गिरने के जोखिम को कम करने के साथ उनके स्वास्थ्य में सुधार करने में मदद मिलती है।
व्यायामों की तीव्रता का निर्धारण -
डब्ल्यूएचओ ने सभी वयस्कों के लिए एक सप्ताह में 150-300 मिनट की मध्यम स्तरीय शारीरिक गतिविधि या सप्ताह में 75-150 मिनट की तीव्र स्तरीय गतिविधि की सलाह दी है। उदाहरण के तौर पर वॉकिंग जैसी सरल गतिविधियों को देखते हैं। दैनिक रूप से वॉकिंग करने मात्र से आप कई प्रकार के लाभ प्राप्त कर सकते हैं। यह मध्यम और तीव्र दोनों प्रकार का हो सकता है। यदि आप मध्यम स्तर से वॉक करते हैं तो यह मानसिक स्तर से सुकून देता है वहीं चलने की गति को बढ़ा देने से हृदय की गति बढ़ जाती है।
इसी तरह से योग में भी कई मध्यम और तीव्र स्तर की गतिविधियां हैं। उदाहरण के लिए मयूरासन (मयूर मुद्रा) के लिए शरीर में बहुत अधिक ताकत और स्थिरता की आवश्यकता होती है। वहीं कुछ ऐसे भी व्यायाम हैं, जिन्हें आप बहुत आसानी से करके अपनी मध्यम स्तरीय गतिविधियों की सीमा को प्राप्त कर सकते हैं।
घर पर सामान्य रूप से किए जाने वाले कार्य भी मध्यम और तीव्र स्तरीय गतिविधियों वाले हो सकते हैं। उदाहरण के लिए पौधों को पानी देना जहां मध्यम स्तरीय गतिविधि है वहीं फर्श पर पोछा लगाने को तीव्र स्तरीय गतिविधि माना जाता है। अक्सर हम यह नहीं समझ पाते हैं कि जो कार्य कर रहे हैं वह मध्यम स्तरीय है या फिर तीव्र स्तरीय। इसे अमेरिका स्थिति रोग नियंत्रण और रोकथाम केंद्र (सीडीसी) ने स्पष्ट किया है। आइए समझते हैं।
मध्यम तीव्रता वाली गतिविधियां : जिन गतिविधियों के दौरान आप बात तो कर सकते हैं लेकिन गाना नहीं गा सकते हैं, ऐसी गतिविधियों को मध्यम तीव्रता वाली गतिविधियां माना जाता है। उदाहरणों में ब्रिस्क वॉकिंग (5-6 किमी प्रति घंटा), वाटर एरोबिक्स और 16 किमी प्रति
घंटा या उससे कम पर साइकिलिंग करना आदि।
तीव्रता वाली गतिविधियां : जिन गतिविधियों के दौरान कुछ शब्द बोलने के बाद सांस लेने या ब्रेक लेने की आवश्यकता होती है, उसे तीव्रता वाली गतिविधियों की श्रेणी में रखा जाता है। उदाहरण के लिए जॉगिंग, रनिंग, एरोबिक डांसिंग, स्किपिंग रोप आदि।
इन उदाहरणों के माध्यम से आप अपनी क्षमता को समझते हुए देखें कि आप अपनी साप्ताहिक गतिविधि/ व्यायाम के समय को कैसे बढ़ा सकते हैं।
अच्छे स्वास्थ्य के लिए आवश्यक गतिविधि : निष्कर्ष
आप बेहतर फिटनेस कैसे हासिल कर सकते हैं, इस पर बहुत शोध किए जा चुके हैं। उदाहरण के लिए सितंबर 2020 में सर्कुलेशन जर्नल में प्रकाशित शोध में बताया गया है कि कम तीव्रता वाले व्यायाम से भी मेटाबॉलिज्म संबंधी लॉन्ग लास्टिंग लाभ प्राप्त किए जा सकते हैं। व्यायाम, इंसुलिन प्रतिरोध से जुड़े मेटाबोलाइट्स के स्तर को कम करने के साथ लिपोलाइसिस (ट्राइग्लिसराइड्स का ब्रेक डाउन) से जुड़े मेटाबोलाइट्स के स्तर को बढ़ाने में मदद करता है।
नियमित रूप से व्यायाम करने से बढ़ती उम्र की रफ्तार को कम करने और मोटापा, हृदय रोग व टाइप-2 मधुमेह जैसी स्वास्थ्य समस्याओं को रोकने में मदद मिल सकती है। डब्ल्यूएचओ ने अपने नए दिशानिर्देश में उन लोगों पर भी ध्यान केंद्रित किया है जो किसी भी कारण से नियमित रूप से व्यायाम नहीं कर पा रहे हैं। डब्ल्यूएचओ डायरेक्टर-जनरल डॉ. टेड्रोस एडहैनम घेब्रेयसस ने नए दिशानिर्देशों के लॉन्च के दौरान एक प्रेस विज्ञप्ति में कहा, "शारीरिक रूप से स्वस्थ और सक्रिय रहना सभी के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। यह आपके जीवन को लंबा करने में भी मददगार है। हमारा हर कदम मायने रखता है, हमें हर दिन सुरक्षित और रचनात्मक रूप से आगे बढ़ना चाहिए और शरीर को स्वस्थ रखने के प्रयास करते रहना चाहिए।''

