गोण्डा लाइव न्यूज एक प्रोफेशनल वेब मीडिया है। जो समाज में घटित किसी भी घटना-दुघर्टना "✿" समसामायिक घटना"✿" राजनैतिक घटनाक्रम "✿" भ्रष्ट्राचार "✿" सामाजिक समस्या "✿" खोजी खबरे "✿" संपादकीय "✿" ब्लाग "✿" सामाजिक "✿" हास्य "✿" व्यंग "✿" लेख "✿" खेल "✿" मनोरंजन "✿" स्वास्थ्य "✿" शिक्षा एंव किसान जागरूकता सम्बन्धित लेख आदि से सम्बन्धित खबरे ही निःशुल्क प्रकाशित करती है। एवं राजनैतिक , समाजसेवी , निजी खबरे आदि जैसी खबरो का एक निश्चित शुल्क भुगतान के उपरान्त ही खबरो का प्रकाशन किया जाता है। पोर्टल हिंदी क्षेत्र के साथ-साथ विदेशों में हिंदी भाषी क्षेत्रों के लोगों के बीच बहुत लोकप्रिय है और भारत में उत्तर प्रदेश गोण्डा जनपद में स्थित है। पोर्टल का फोकस राजनीतिक और सामाजिक मुद्दों को उठाना है और आम लोगों की आवाज बनना है जो अपने अधिकारों से वंचित हैं। यदि आप अपना नाम पत्रकारिता के क्षेत्र में देश-दुनिया में विश्व स्तर पर ख्याति स्थापित करना चाहते है। अपने अन्दर की छुपी हुई प्रतिभा को उजागर कर एक नई पहचान देना चाहते है। तो ऐसे में आप आज से ही नही बल्कि अभी से ही बनिये गोण्डा लाइव न्यूज के एक सशक्त सहयोगी। अपने आस-पास घटित होने वाले किसी भी प्रकार की घटनाक्रम पर रखे पैनी नजर। और उसे झट लिख भेजिए गोण्डा लाइव न्यूज के Email-gondalivenews@gmail.com पर या दूरभाष-8303799009 -पर सम्पर्क करें।

आंजन धाम मान्यता है की यही माँ अंजनी ने दिया था हनुमान को जन्म

Image SEO Friendly

मान्यता है की यही माँ अंजनी ने दिया था हनुमान को जन्म – भगवान हनुमान जी के जन्म का इतिहास झारखंड के गुमला जिले के उत्तरी क्षेत्र में अवस्थित आंजन ग्राम से जुड़ा हुआ है। मान्यता है क‍ि यही माता अंजनी ने भगवान हनुमान को जन्म दिया था। माता अंजनी के नाम से ही इस गांव का नाम आंजन पड़ा। यह गांव जिला मुख्यालय से लगभग 22 किमी की दूरी पर अवस्थित है। साथ ही देश के अंदर यह ऐसा पहला मंदिर है, जहां स्थापित मूर्ति में बाल हनुमान माता अंजनी की गाेद में बैठे हुए हैं।

कहां है आंजनधाम
Image SEO Friendly
यहां के लोग मानते हैं कि हनुमान का जन्म गुमला जिले के आंजनधाम में स्थित पहाड़ी की गुफा में हुआ था। आंजनधाम गुमला शहर से 20 किमी दूर जंगलों के बीच है। जिस गुफा में हनुमान जी का जन्म हुआ था, उसका दरवाजा कलयुग में अपने आप बंद हो गया। कहते हैं दरवाजे को हनुमान की माता अंजनी ने स्वयं बंद कर लिया क्योंकि स्थानीय लोगों द्वारा वहां दी गई बलि से वे नाराज थीं। आज भी यह गुफा आंजन धाम में मौजूद है।

1953 में बना मंदिर-
Image SEO Friendly

पंपापुर सरोवर भी है यहीं
आंजनधाम से जुड़ी और भी पौराणिक गाथाएं जुड़ी हैं। कहते हैं, गुमला जिले के पालकोट प्रखंड में बालि व सुग्रीव का राज्य था। पंपापुर सरोवर भी यहीं है, जहां भगवान राम और भ्राता लक्ष्मण ने रुककर स्नान भी किया था।

”go"