सलाद, शिकंजी या सैंडविच कुछ भी बनाना हो, अगर काली मिर्च ऊपर से छिड़की जाए, तो स्वाद लाजवाब हो जाता है। हालांकि, काली मिर्च केवल इन्हीं चीजों का जायका नहीं बढ़ाती, बल्कि यह आपके किसी भी खाने का स्वाद बढ़ाने का काम करती है। एक छोटी-सी काली मिर्च न जाने कितने फायदे करती है, जानकर वाकई में हैरानी होती है।
यह लेख खास काली मिर्च के विषय पर है। इस लेख में हम काली मिर्च के फायदे, काली मिर्च के उपयोग व काली मिर्च के औषधीय गुण आदि के बारे में विस्तार से जानेंगे। सबसे पहले जानेंगे कि आखिर काली मिर्च होती क्या है।
काली मिर्च क्या है –
जगह के हिसाब से काली मिर्च के अलग-अलग नाम हैं। तेलुगू में इसे नाला मिरियालु, तमिल में करूमिलाकु व कन्नड़ में कारे मनसु कहा जाता है। आपको बता दें कि काली मिर्च एक फूल वाली बेल है, जिसकी खेती इसके फल के लिए की जाती है। वैज्ञानिक रूप से इसे पाइपर नाइग्रम कहा जाता है। जब इस बेल का फल सूख जाता है, तो इसे मसाले के तौर पर इस्तेमाल किया जाता है। इसी मसाले को काली मिर्च कहा जाता है। इसे पेपरकॉर्न भी कहा जाता है।
काली मिर्च के फायदे –
काली मिर्च स्वास्थ्य के साथ-साथ त्वचा और बालों पर सकारात्मक असर दिखाती है। कई लोग काली मिर्च के टोटके अपनाते हैं, जो धन प्राप्ति या फिर शनि के प्रकोप से बचने में कारगर माने गए हैं। काली मिर्च के टोटके वैज्ञानिक रूप से सही हैं या नहीं हम इसकी पुष्टि नहीं करते। पहले हम स्वास्थ्य के लिए काली मिर्च के फायदे बताएंगे :
सेहत के लिए काली मिर्च के फायदे –
1. पाचन
काली मिर्च पाचन रस और एंजाइम को उत्तेजित करती है, जिससे पाचन शक्ति में सुधार आता है। जब आप खाने के साथ काली मिर्च का सेवन करते हैं, तो इसका असर पाचन शक्ति पर ज्यादा पड़ता है। एक रिसर्च में यह साबित हो चुका है कि काली मिर्च पेनक्रिएटिक एंजाइम पर सकारात्मक असर डालती है, जिससे पूरी पाचन प्रक्रिया बेहतर तरीके से काम करती है।
2. सर्दी-खांसी
सर्दी-खांसी के लिए काली मिर्च का सेवन प्राचीन समय से किया जा रहा है। इसमें एंटीबैक्टीरिल गुण होते हैं , जो आपको सर्दी-खांसी से राहत दिलाने में मदद करते हैं। अगर आप शहद में थोड़ी-सी काली मिर्च का पाउडर मिलाकर सेवन करते हैं, तो आपको सर्दी-खांसी से राहत मिल सकती है।
3. इंफेक्शन
काली मिर्च में एंटीबैक्टीरियल तत्व होते हैं, जो आपको इंफेक्शन से बचाने में मदद करते हैं। एक दक्षिण अफ्रीकी अध्ययन के अनुसार, काली मिर्च में मौजूद लार्विसाइडल प्रभाव मच्छरों से होने वाले संक्रमण को फैलने से रोकने में मदद करता है ।
4. कैंसर
अध्ययनों से पता चला है कि काली मिर्च में मौजूद पिपेरिन कई तरह के कैंसर से बचाने में मदद करता है। पिपेरिन आपकी आंतों में सेलेनियम, करक्यूमिन, बीटा-कैरोटीन और बी विटामिन जैसे कई पोषक तत्वों के अवशोषण को बढ़ाता है। ये ऐसे पोषक तत्व हैं, जो आंत के स्वास्थ्य और कैंसर की रोकथाम के लिए जरूरी हैं ।
5. मुंह के लिए
काली मिर्च का सेवन आपके मुंह के स्वास्थ्य के लिए भी फायदेमंद है। इसमें मौजूद पिपेरिन के एंटीबैक्टीरियल गुण मुंह में संक्रमण से बचाते हैं। इसके अलावा, इसमें एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण भी होते हैं, जो मसूड़ों की सूजन से राहत दिलाते हैं। अगर आपको मसूड़ों में सूजन है, तो काली मिर्च के पाउडर में थोड़ा-सा नमक व पानी मिलाएं और इस पेस्ट से धीरे-धीरे मसूड़ों की मालिश करें। इसके अलावा, अगर आपको दांतों में दर्द है, तो लौंग के तेल में काली मिर्च पाउडर मिलाकर दांतों की मालिश करने से राहत मिलेगी।
6. वजन कम करे
काली मिर्च वजन कम करने में भी मदद करती है। काली मिर्च में फाइटोन्यूट्रिएंट्स होते हैं, जो फैट सेल को तोड़ने का काम करते हैं। इसके अलावा, यह मेटाबॉलिज्म को भी दुरुस्त करते हैं।
7. गैस
काली मिर्च में कार्मिनेटिव गुण होते हैं, जो गैस की समस्या से राहत दिलाने में मदद करते हैं। यह पेट फूलना और पेट के दर्द में भी कारगर होती है। गैस जैसी समस्या होने पर आप अपने खाने में काली मिर्च का सेवन कर सकते हैं।
8. भूख बढ़ाए
कई अध्ययनों में यह सामने आया है कि काली मिर्च की गंध भर ही भूख को बढ़ाने का काम करती है। जिन लोगों को भूख न लगने की समस्या है, उनके लिए काली मिर्च बेहद फायदेमंद हो सकती है। इसके लिए आप आधा चम्मच काली मिर्च और गुड़ का पाउडर मिलाएं और इस्तेमाल करें।
9. तनाव और डिप्रेशन
काली मिर्च तनाव और डिप्रेशन में भी फायदेमंद साबित हो सकती है। काली मिर्च में पिपेरिन होता है, जो सेरोटोनिन (दिमाग को शांत रखने वाला केमिकल) के उत्पादन को बढ़ावा देता है। सेरोटोनिन तनाव और अवसाद को कम करने में सहायक हो सकता है। इसके अलावा, यह मस्तिष्क में बीटा-एंडोर्फिन को भी बढ़ाता है, जो प्राकृतिक दर्द निवारक और मूड ठीक करने का काम करता है ।
10. डायबिटीज और ब्लड शुगर
काली मिर्च में एंटीऑक्सीडेंट गुण होता है , जो रक्त शर्करा के स्तर को संतुलित करने में मदद कर सकता है। काली मिर्च हाइपरग्लेसेमिया को भी नियंत्रित करती है, जिससे मधुमेह के उपचार में सहायता मिलती है ।
11. जोड़ों का दर्द
काली मिर्च खाने के फायदे आपको जोड़ों के दर्द में भी हो सकते हैं। अगर आपको जोड़ों का दर्द या अर्थराइटिस जैसी समस्या है, तो काली मिर्च का सेवन आपके लिए फायेदमंद साबित हो सकता है। काली मिर्च में एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं, जो इस समस्या से राहत दिलाने में मदद करते हैं ।
12. एंटीऑक्सीडेंट
काली मिर्च में एंटीऑक्सीडेंट गुण होते हैं, जो आपके स्वास्थ्य के लिए काफी लाभदायक होते हैं। एंटीऑक्सीडेंट गुण शरीर में पैदा होने वाले फ्री-रेडिकल्स से लड़ने में मदद करते हैं और रोग-प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाते हैं।
13. मस्तिष्क के लिए
काली मिर्च मस्तिष्क के स्वास्थ्य के लिए भी फायेदमंद है। काली मिर्च में पिपेरिन होता है, जो सेरोटोनिन (दिमाग को शांत रखने वाला केमिकल) को तोड़ने वाले एंजाइम को रोकने में मदद करता है। इसके अलावा, यह याद्दाश्त बढ़ाने में भी मदद करती है ।
14. धूम्रपान छोड़ने में मदद करे
स्टडी में यह बात सामने आई है कि काली मिर्च धूम्रपान छोड़ने में मदद कर सकती है। इस वैज्ञानिक अध्ययन के अनुसार, अगर काली मिर्च की भांप ली जाए, तो धूम्रपान की तलब को धीरे-धीरे नियंत्रित किया जा सकता है।
त्वचा के लिए काली मिर्च के फायदे –
आपको जानकर हैरानी होगी कि काली मिर्च न सिर्फ स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद है, बल्कि यह त्वचा के लिए भी काफी गुणकारी है। नीचे हम त्वचा के लिए काली मिर्च के फायदे बता रहे हैं :
1. झुर्रियां
काली मिर्च समय से पहले चेहरे पर पड़ने वाली झुर्रियां रोकने में मदद करती है। इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट गुण फ्री रेडिकल्स से लड़ने में मदद करते हैं, जो झुर्रियां पैदा करते हैं।
कैसे इस्तेमाल करें?
आप काली मिर्च पाउडर में शहद या हल्दी और थोड़ा पानी मिलाकर पेस्ट बनाएं। आप इस मास्क को दिन में दो बार अपने चेहरे पर लगाएं।
2. एक्सफोलिएट
काली मिर्च को आप स्क्रब के तौर पर भी इस्तेमाल कर सकते हैं, जिससे आपकी त्वचा एक्सफोलिएट होती है।
कैसे इस्तेमाल करें?
आधा चम्मच काली मिर्च को कूटकर इसमें दही मिलाएं। फिर इसे चेहरे पर लगाकर हल्के हाथों से मालिश करें। फिर 15 मिनट बाद चेहरा धो लें।
नोट – चूंकि, काली मिर्च थोड़ी-सी जलन पैदा कर सकती है, इसलिए इसका इस्तेमाल करने से पहले हाथ पर पैच टेस्ट कर लें। अगर आपको असहनीय जलन हो रही है, तो चेहरे पर इस्तेमाल करने से बचें।
3. विटिलिगो
विटिलिगो एक ऐसी स्थिति है, जिसमें त्वचा अपनी प्राकृतिक रंगत खोने लगती है। इस कारण त्वचा पर जगह-जगह सफेद धब्बे नजर आने लगते हैं। रिसर्च की मानें, तो काली मिर्च में मौजूद पिपेरिन विटिलगो जैसे त्वचा संबंधी समस्या से राहत दिलाने में फायदेमंद साबित हो सकता है।
कैसे इस्तेमाल करें?
आप विटिलगो से राहत पाने के लिए काली मिर्च का तेल नियमित रूप से प्रभावित भाग पर लगाएं। लगातार ऐसा करने से आपको कुछ समय में फर्क नजर आने लगेगा।
बालों के लिए काली मिर्च के फायदे –
बालों के लिए भी काली मिर्च काफी फायदेमंद हो सकती है, जिसके बारे में ज्यादा लोगों को पता नहीं होता। इसलिए, नीचे हम बताएंगे कि कैसे यह बालों को फायदा पहुंचा सकती है :
1. बालों में जान लाए
काली मिर्च आपके मुरझाए बालों में जान लाती है। इसमें एंटीऑक्सीडेंट गुण, विटामिन-ए व कैरोटेनॉयड्स होते हैं, जो बालों के लिए फायदेमंद होते हैं।
कैसे इस्तेमाल करें?
आप काली मिर्च पाउडर में शहद मिलाकर अपने बालों में मिलाएं। फिर 15-20 मिनट बाद बालों को धो लें।
2. डैंड्रफ
अगर आपके बालों में डैंड्रफ है, तो काली मिर्च की मदद से इससे छुटकारा पा सकते हैं। डैंड्रफ के लिए काली मिर्च बेहतरीन उपचार हो सकता है।
कैसे इस्तेमाल करें?
- एक कटोरी दही में एक चम्मच काली मिर्च का पाउडर मिलाएं। फिर इसे अपने सिर पर लगाएं और 30 मिनट तक लगा छोड़ दें।
- इसके बाद सिर्फ पानी से सिर धो लें। शैंपू का इस्तेमाल न करें। आप चाहें तो अगले दिन शैंपू कर सकते हैं।
काली मिर्च के पौष्टिक तत्व –
इसमें कोई दो राय नहीं है कि काली मिर्च गुणों का खजाना है। यह जानना काफी दिलचस्प होगा कि इसके पौष्टिक मूल्य क्या हैं। नीचे हम 100 ग्राम काली मिर्च के पौष्टिक मूल्य बता रहे हैं
काली मिर्च का उपयोग –
काली मिर्च का सेवन आप कई तरह से कर सकते हैं। नीचे हम आपको बताने जा रहे हैं कि आप किस-किस तरह से काली मिर्च का उपयोग कर सकते हैं :
1. काली मिर्च की चाय
सामग्री :
- 1 चम्मच ताजा पिसी हुई काली मिर्च
- 1 बड़ा चम्मच शहद
- 1 चम्मच नींबू का रस
- 1 चम्मच ताजा कटा हुआ अदरक
कैसे बनाएं?
- सबसे पहले पानी को उबाल लें।
- फिर इसमें सभी सामग्रियां डालें।
- अब गैस बंद कर दें और थोड़ी देर के लिए ऐसे ही छोड़ दें।
- फिर इस चाय को छानकर पी लें।
2. काली मिर्च की सॉस
सामग्री :
- 60 ग्राम कटा हुआ मक्खन
- 1/4 कप रेड वाइन
- 2 कप मासल बीफ स्टॉक
- 2 बारीक कटे हुए छोटे प्याज
- 2 चम्मच पिसी हुई काली मिर्च
कैसे बनाएं?
- एक पैन को मध्यम आंच रखकर उसमें आधा मक्खन डालें।
- जब मक्खन पिघल जाए, तो इसमें बारीक कटा प्याज डालें।
- प्याज को लगभग पांच मिनट तक चलाते हुए भूनें।
- फिर इसमें रेड वाइन डालें और उबाल लें।
- इसे करीब दो से तीन मिनट तक पकाएं।
- इसके बाद इसमें मासल बीफ स्टॉक और काली मिर्च डालें।
- जब यह उबलने लगे, तो आंच हल्की कर दें।
- इसे लगभग दस मिनट तक बीच-बीच में तब तक हिलाएं, जब तक यह गाढ़ा होकर आधा न हो जाए।
- फिर इसमें बाकी बचा हुआ मक्खन डालें।
- लीजिए, सॉस तैयार है।
काली मिर्च का चयन और लंबे समय तक सुरक्षित रखने का तरीका
चयन : काली मिर्च आपको साबुत और पिसी हुई दोनों ही रूप में बाहर मिल जाएगी। कोशिश करें कि आप साबुत काली मिर्च खरीदें, क्योंकि यह मिलावट रहित होती है। जब भी काली मिर्च खरीदें, तो ध्यान दें कि यह छोटी, भारी और साफ-सुथरी हो।
स्टोरेज : आप काली मिर्च को शीशे के जार में अच्छी तरह बंद करके रखें, ताकि उसमें हवा न जाए। इसके अलावा, काली मिर्च को फ्रीज करके भी लंबे समय तक सुरक्षित रखा जा सकता है।
काली मिर्च के नुकसान –
भले ही काली मिर्च खाने के फायदे काफी हैं, लेकिन कई बार काली मिर्च के नुकसान भी देखने को मिलते हैं। नीचे हम इन्हीं नुकसान के बारे में बता रहे हैं :
- काली मिर्च का अत्यधिक सेवन करने से पेट में जलन हो सकती है।
- काली मिर्च को आंख के संपर्क में न आने दें। इससे आंखों में जलन हो सकती है।
- जो लोग पेट में गैस संबंधी समस्या से पीड़ित हैं, उन्हें काली मिर्च का सेवन करने से बचना चाहिए।
- गर्मियों में काली मिर्च के अत्यधिक सेवन से नाक से खून आने की समस्या हो सकती है।
इस लेख में हमने काली मिर्च के फायदे बताने की कोशिश है। यह मिर्च इतनी गुणकारी है कि काली मिर्च के औषधीय गुण आयुर्वेद में भी काफी प्रचलित हैं। हम उम्मीद करते हैं कि आपको काली मिर्च खाने के फायदे समझ आए होंगे और आप सही तरीके से काली मिर्च का उपयोग कर सकेंगे।

