आजकल बिगड़ी जीवनशैली के कारण कई तरह की शारीरिक समस्याएं होने लगी है। खासकर मोटापे की परेशानी और जब मोटापा बढ़ता है, तो शरीर में कई तरह की समस्याएं होने लगती है। उन्हीं परेशानियों में से एक है थायराइड। एक सर्वेक्षण के अनुसार भारत में 4.2 करोड़ लोग थायराइड की समस्या झेल रहे हैं (1)। अब आप इस बात का अंदाजा तो लगा ही सकते हैं कि लोग दिन-प्रतिदिन कितने अस्वस्थ होते जा रहे हैं। ऐसे में थायराइड में आहार भी एक मुख्य भूमिका निभाता है। इस लेख में हम आपको थायराइड में आहार के के बारे में बताएंगे।
थायराइड क्या है?
कभी भी थायराइड को बीमारी समझने की भूल न करें। यह कोई बीमारी नहीं, बल्कि गले में आगे की तरफ तितली की आकार में पाए जाने वाली एक ग्रंथि है। शरीर की कई जरूरी गतिविधियां इस ग्रंथि द्वारा नियंत्रित होती है। थायराइड ग्रंथि कुछ हॉर्मोंस का निर्माण करती है, जो इस प्रकार है – टी3 यानी ट्राईआयोडोथायरोनिन (triiodothyronine), टी4 यानी थायरॉक्सिन (thyroxine) और कैल्सीटोनिन (calcitonin)। इन हार्मोंस का प्रभाव व्यक्ति के पाचन तंत्र, शरीर के तापमान, वजन, कोलेस्ट्रॉल और कई अन्य चीजों पर पड़ता है। जब यही हॉर्मोंस असुंतलित यानी ज्यादा या कम होते हैं, तो इससे न सिर्फ वजन पर असर पड़ता है, बल्कि शरीर के कई अन्य अंग भी प्रभावित होते है। इस अवस्था को ही थायराइड की समस्या कहते हैं ।
थायराइड के प्रकार –
थायराइड में आहार के बारे में जानने से पहले यह जान लें कि थायराइड कितने प्रकार के होते हैं? नीचे हम आपको उसी के बारे में बता रहे हैं।
- मुख्य रूप से थायराइड पांच प्रकार के होते हैं –
- हाइपोथायराइडिज्म
- हाइपरथायराइडिज्म
- आयोडीन की कमी के कारण होने वाले विकार जैसे गॉइटर
- हाशिमोटो थायराइडिटिस
- थायराइड कैंसर
इन पांचों में से हाइपोथायराइडिज्म और हाइपरथायराइडिज्म सबसे आम है। इस लेख में हम इन्हीं दोनों थाइराइड में आहार के डाइट चार्ट की बात कर रहे हैं।
आइए, अब थायराइड में आहार के सेवन के बारे में भी जान लेते हैं। हाइपोथायराइडिज्म और हाइपरथायराइडिज्म में क्या खाना चाहिए और क्या नहीं खाना चाहिए, उसकी सूची इस लेख के माध्यम से अलग-अलग आपके सामने रखेंगे।
हाइपोथायराइडिज्म क्या है ?
हाइपो थायराइड वो होता है, जब थायराइड ग्रंथि जरूरत से कम T3, T4 हार्मोन का निर्माण करती है। इसका असर धीरे-धीरे व्यक्ति के शरीर पर पड़ने लगता है। इसके कारण मासिक धर्म की समस्या, वजन का बढ़ना, रूखी त्वचा, बाल का झड़ना, धीमी ह्रदय गति, उच्च कोलेस्ट्रॉल, चेहरे पर सूजन, गोइटर, मांसपेशियों की परेशानी और कब्ज जैसी समस्याएं होने लगती है। ऐसे में दवाइयों के सेवन साथ-साथ आहार का भी सही ध्यान रखना जरूरी है।
हाइपोथायराइडिज्म के लिए आहार चार्ट –
हाइपोथायराइडिज्म में क्या खाएं –
आगे हम कुछ खाद्य पदार्थों के नाम बताएंगे, जिन्हें हाइपोथायराइडिज्म में खाया जा सकता है।
1. आयोडीन नमक
अमेरिकन थायराइड एसोसिएशन के अनुसार, थायरॉयड हार्मोन के उत्पादन के लिए आयोडीन की आवश्यकता होती है। आयोडीन की कमी से हाइपोथायरायडिज्म और गॉइटर हो सकता है । चूंकि, आपका शरीर स्वाभाविक रूप से आयोडीन का उत्पादन नहीं कर सकता है, तो आपको ऐसे खाद्य पदार्थों का सेवन करना चाहिए, जिनमें आयोडीन की अच्छी मात्रा हो। इसका सबसे अच्छा तरीका आयोडीन युक्त नमक का सेवन करना है।
2. ब्राजील नट्स
ब्राजील नट्स को खनिज सेलेनियम का अहम स्रोत माना गया है। यह निष्क्रिय थायराइड हार्मोन में सुधार या परिवर्तन कर उन्हें सक्रिय करने में मदद करता है। वैज्ञानिकों ने भी माना है कि ब्राजील नट युक्त सप्लीमेंट्स थायराइड हार्मोन के स्तर में सुधार करते हैं । सेलेनियम सूजन को कम करने में मदद करता है और कैंसर कोशिका को फैलने से रोकता है। आप अपने डॉक्टर या किसी विशेषज्ञ से राय-परामर्श कर एक नियमित मात्रा में ब्राजील नट्स का सेवन कर सकते हैं। ध्यान रहे कि आप इसे अधिक न खाएं, क्योंकि इससे मतली, दस्त और उल्टी हो सकती है।
3. मछली
मछली ओमेगा-3 फैटी एसिड और सेलेनियम से भरपूर होती है । ओमेगा -3 फैटी एसिड एलडीएल यानी खराब कोलेस्ट्रॉल को कम करने में मदद कर सकता है , जबकि सेलेनियम आपके थायराइड हार्मोन को सुधारता है । हाइपोथायरायडिज्म में साल्मन और टूना मछली का सेवन करना चाहिए। आप हर रोज एक संतुलित मात्रा में मछली का सेवन कर सकते हैं, लेकिन ध्यान रहे कि आप जरूरत से ज्यादा मछली को पकाये नहीं।
4. अंडे
‘संडे हो या मंडे रोज खाओ अंडे’ यह कहावत तो आपने सुनी ही होगी। यही अंडा आपको थाइराइड से भी काफी आराम दिलाएगा। अंडा आयोडीन और प्रोटीन का अहम स्रोत है और इसका सेवन हाइपोथायरायडिज्म व हाइपरथायरायडिज्म दोनों में ही किया जा सकता है । आप दो अंडे एक दिन में खा सकते हैं, लेकिन यह आपके शरीर पर निर्भर करता है, क्योंकि सभी का शरीर एक जैसा नहीं होता है। अगर आपका पहले से ही कोलेस्ट्रॉल बढ़ा हुआ है, तो आप अंडे की जर्दी का सेवन न करें। अंडे से न सिर्फ आपके शरीर को ऊर्जा और मजबूती मिलेगी, बल्कि आपका थाइराइड भी ठीक रहेगा।
5. शोरबा या सूप
हाइपोथायरायडिज्म की वजह से आपकी हड्डियां कमजोर हो सकती है या फ्रैक्चर हो सकती हैं, ऐसे में हड्डियों का शोरबा आपकी हड्डियों को मजबूत करने में मदद कर सकता है (9)। इसके अलावा, शोरबा में ग्लाइसिन और प्रोलाइन नामक अमीनो एसिड होता है, जो पाचन तंत्र को ठीक करने और हाइपोथायरायडिज्म में सुधार करने में मदद करता है। आप लंच या डिनर के लिए एक कप शोरबा का सेवन कर सकते हैं। आप इसमें कुछ सब्जियां भी डाल सकते हैं, लेकिन ध्यान रहे कि आप सब्जियों को अच्छे से पका लें, क्योंकि कुछ सब्जियां ऐसी होती है, जिसे अगर कच्चा खाया जाए, तो वो हाइपोथायरायडिज्म को बढ़ावा दे सकती हैं।
6. अलसी के बीज
अलसी के बीज ओमेगा-3 फैटी एसिड, जिंक, सेलेनियम और आयोडीन के अच्छे स्रोत हैं । यह कई बीमारियों से बचाव करता है और उन्हीं में से एक है आयोडीन की कमी से होने वाली बीमारी। आप अपने स्मूदी या नाश्ते में अलसी के बीज के पाउडर का उपयोग कर सकते हैं, या फिर खाना पकाने के लिए अलसी के बीज के तेल का उपयोग कर सकते हैं। आप सुरक्षित रूप से प्रतिदिन दो-तीन बड़े चम्मच जमीन सन बीज पाउडर और दो बड़े चम्मच अलसी के बीज का तेल ले सकते हैं। इसका सेवन करने से पहले एक बार डॉक्टर से बात कर लें, क्योंकि जरूरी नहीं कि अलसी का बीज हर किसी को सूट करे, सबकी पाचन शक्ति अलग-अलग होती है।
हाइपोथायराइडिज्म में क्या नहीं खाना चाहिए –
हाइपरथायराइडिज्म में किन-किन चीजों का सेवन नहीं करना चाहिए, उस बारे में हम नीचे बता रहे हैं।
- ज्यादा आयोडीन व सेलेनियम वाले खाद्य पदार्थ न खाएं।
- शुगर या चीनी युक्त पेय या खाद्य पदार्थ जैसे – कोल्ड ड्रिंक, चॉकलेट, कैंडी और ऐसे ही कई अन्य चीजों का सेवन न करें। आप चीनी की जगह शहद को अपनी डाइट में शामिल कर सकते हैं।
- ब्रेड, चावल, पास्ता, नान व बिस्कुट जैसे खाद्य पदार्थों से बचें।
- जंक फूड जैसे – बर्गर, फ्राइज व रोल जैसे खाद्य पदार्थों का सेवन न करें।
- फलों के रस का सेवन न करें, उसके बदले आप फल खाएं।
अभी तक हमने आपको बताया कि थाइराइड (हाइपोथायराइडिज्म) में क्या खाना चाहिए। अब हम आपको यह बताएंगे कि क्या नहीं खाना चाहिए।
- अत्यधिक ग्रीन टी का सेवन थाइराइड में नुकसानदायक साबित हो सकता है। ग्रीन टी में मौजूद कैटेकिन (catechin) एंटी-थाइराइड एजेंट की तरह काम कर सकता है, जिससे थाइराइड में परेशानी हो सकती है।
- सोयाबीन और सोया युक्त खाद्य पदार्थों से भी हाइपोथायरायडिज्म होने की आशंका हो सकती है । इसलिए, जो लोग सोया खाद्य पदार्थों का सेवन कर रहे हैं, उन्हें अपने आयोडीन के सेवन पर भी ध्यान रखने की जरूरत है।
- थायराइड में हरी सब्जियों का सेवन कर सकते हैं, लेकिन थोड़ा संभलकर। कच्ची या आधी पकी हुई हरी पत्तेदार सब्जी जैसे – ब्रोकोली, पालक, फूलगोभी और कई अन्य सब्जियां और फल थायराइड हार्मोन के उत्पादन में बाधा डाल सकते हैं, जिसे गोईट्रोजेन (goitrogens) कहते हैं ।
- जितना हो सके ग्लूटेन फूड से दूर रहें, क्योंकि ग्लूटेन फ्री फूड के सेवन से थाइराइड काफी हद तक ठीक या संतुलित हो सकता है ।
- जंक फूड जैसे – तली-भूनी, मसालेदार चीजें, फ्रेंच फ्राइज, नूडल्स और ऐसी ही अन्य कई चीजों का सेवन न करें, क्योंकि ऐसे खाद्य पदार्थों में आयोडीन और पोषक तत्वों की कमी होती है। ऐसे खाद्य पदार्थों से आपका कोलेस्ट्रॉल बढ़ने का खतरा रहता है।
हाइपरथायराइडिज्म के लिए आहार चार्ट –
सबसे पहले सवाल यह उठता है कि हाइपरथायराइडिज्म क्या है? हाइपरथायराइडिज्म उस दशा को कहते हैं, जब थायराइड ग्रंथि द्वारा जरूरत से ज्यादा हार्मोंस का निर्माण होता है। यह ग्रेव डिजीज के कारण भी होता है, जो एक प्रकार की ऑटोइम्यून समस्या है। इसके कारण थायराइड ग्रंथि ज्यादा थायराइड हार्मोन का उत्पादन करती है। इसमें वजन कम होना, हृदय गति में वृद्धि, चिंता, चिड़चिड़ापन, अनियमित पीरियड, अनिद्रा, ध्यान केंद्रित करने में कठिनाई, भूख में वृद्धि और नम त्वचा की समस्या शुरू हो जाती है। ऐसे में डॉक्टरी उपचार के साथ-साथ सही खान-पान का ध्यान रखना भी जरूरी है।
हाइपरथायराइडिज्म के लिए आहार चार्ट –
हाइपरथायराइडिज्म में क्या खाएं –
1. हरी सब्जियां
हरी सब्जियों का सेवन करें जैसे – पालक, ब्रोकली, पत्ता गोभी, गाजर, फूलगोभी व मूली। इसके अलावा, आप सलाद का सेवन कर सकते हैं, जिसमें आप टमाटर, खीरा व शिमला मिर्च शामिल करें ।
2. फल
हमेशा मौसमी फलों का सेवन करें। कई बार बाजार में आपको वो फल भी दिख जाते होंगे, जिनका मौसम नहीं हैं। ऐसे में उन फलों का सेवन न करें। अगर स्ट्रॉबेरी, नाशपाती व आड़ू का मौसम हो, तो उनका सेवन करें, क्योंकि इसमें ऐसे तत्व होते हैं, जो अत्यधिक थायराइड हॉर्मोन के निर्माण को बाधित कर सकते हैं। फल कई तरह के विटामिन्स व मिनरल्स से भरपूर होते हैं। वहीं, अनार, सेब, संतरे व चेरी जैसे फलों में एंटीऑक्सीडेंट गुण मौजूद होते हैं। वहीं, एवोकाडो में प्रचुर मात्रा में प्रोटीन, ओमेगा-3 फैटी एसिड, विटामिन्स, सेलेनियम व जिंक मौजूद होता है, जो सूजन व दिल की बीमारी से भी बचा सकता है। साथ ही आप आम व अमरूद जैसे फलों का भी सेवन कर सकते हैं ।
3. अंडा
आप खाने में अंडे का भी सेवन कर सकते हैं, लेकिन ध्यान रहे कि आप अंडे के सफेद हिस्से का सेवन करें। अंडे की जर्दी में आयोडीन की मात्रा ज्यादा होती है, इसलिए उसके सेवन से बचें ।
4. ग्रीन टी
आप नियमित मात्रा में ग्रीन टी का भी सेवन कर सकते हैं। यह थायराइड ग्रंथि द्वारा हॉर्मोन के निर्माण में रोक लगा सकता है (। इसमें एंटी-थायराइड गुण पाए जाते हैं।
5. डेयरी उत्पाद
आप डेयरी उत्पाद का भी सेवन कर सकते हैं। आप दूध, दही और संतुलित मात्रा में चीज का भी सेवन कर सकते हैं। अगर आपको दूध उत्पाद नहीं पचते, तो आप बादाम दूध का भी सेवन कर सकते हैं ।
6. मीट-मछली, चिकन
अगर आप मांसाहारी हैं, तो मछली का सेवन कर सकते हैं, लेकिन ध्यान रखें कि समुद्री मछली का सेवन न करें, क्योंकि उसमें आयोडीन की मात्रा ज्यादा होती है। इसके अलावा आप चिकन या मीट का भी सेवन कर सकते हैं।
आप ड्राय फ्रूट्स जैसे – पिस्ता, बादाम व अखरोट आदि का सेवन कर सकते हैं। आप तुलसी व अजवाइन जैसी देसी जड़ी-बूटियों को भी अपने आहार में शामिल कर सकते हैं। साथ ही बाजरा और ब्राउन राइस का भी सेवन किया जा सकता है।
हाइपरथायराइडिज्म में क्या नहीं खाना चाहिए –
हाइपरथायराइडिज्म में किन-किन चीजों का सेवन नहीं करना चाहिए, उस बारे में हम नीचे बता रहे हैं।
थायराइड के लिए कुछ और डायट टिप्स –
1. हरी सब्जियां
हरी सब्जियों का सेवन करें जैसे – पालक, ब्रोकली, पत्ता गोभी, गाजर, फूलगोभी व मूली। इसके अलावा, आप सलाद का सेवन कर सकते हैं, जिसमें आप टमाटर, खीरा व शिमला मिर्च शामिल करें ।
2. फल
हमेशा मौसमी फलों का सेवन करें। कई बार बाजार में आपको वो फल भी दिख जाते होंगे, जिनका मौसम नहीं हैं। ऐसे में उन फलों का सेवन न करें। अगर स्ट्रॉबेरी, नाशपाती व आड़ू का मौसम हो, तो उनका सेवन करें, क्योंकि इसमें ऐसे तत्व होते हैं, जो अत्यधिक थायराइड हॉर्मोन के निर्माण को बाधित कर सकते हैं। फल कई तरह के विटामिन्स व मिनरल्स से भरपूर होते हैं। वहीं, अनार, सेब, संतरे व चेरी जैसे फलों में एंटीऑक्सीडेंट गुण मौजूद होते हैं। वहीं, एवोकाडो में प्रचुर मात्रा में प्रोटीन, ओमेगा-3 फैटी एसिड, विटामिन्स, सेलेनियम व जिंक मौजूद होता है, जो सूजन व दिल की बीमारी से भी बचा सकता है। साथ ही आप आम व अमरूद जैसे फलों का भी सेवन कर सकते हैं ।
3. अंडा
आप खाने में अंडे का भी सेवन कर सकते हैं, लेकिन ध्यान रहे कि आप अंडे के सफेद हिस्से का सेवन करें। अंडे की जर्दी में आयोडीन की मात्रा ज्यादा होती है, इसलिए उसके सेवन से बचें ।
4. ग्रीन टी
आप नियमित मात्रा में ग्रीन टी का भी सेवन कर सकते हैं। यह थायराइड ग्रंथि द्वारा हॉर्मोन के निर्माण में रोक लगा सकता है (। इसमें एंटी-थायराइड गुण पाए जाते हैं।
5. डेयरी उत्पाद
आप डेयरी उत्पाद का भी सेवन कर सकते हैं। आप दूध, दही और संतुलित मात्रा में चीज का भी सेवन कर सकते हैं। अगर आपको दूध उत्पाद नहीं पचते, तो आप बादाम दूध का भी सेवन कर सकते हैं ।
6. मीट-मछली, चिकन
अगर आप मांसाहारी हैं, तो मछली का सेवन कर सकते हैं, लेकिन ध्यान रखें कि समुद्री मछली का सेवन न करें, क्योंकि उसमें आयोडीन की मात्रा ज्यादा होती है। इसके अलावा आप चिकन या मीट का भी सेवन कर सकते हैं।
आप ड्राय फ्रूट्स जैसे – पिस्ता, बादाम व अखरोट आदि का सेवन कर सकते हैं। आप तुलसी व अजवाइन जैसी देसी जड़ी-बूटियों को भी अपने आहार में शामिल कर सकते हैं। साथ ही बाजरा और ब्राउन राइस का भी सेवन किया जा सकता है।
हाइपरथायराइडिज्म में क्या नहीं खाना चाहिए –
हाइपरथायराइडिज्म में किन-किन चीजों का सेवन नहीं करना चाहिए, उस बारे में हम नीचे बता रहे हैं।
- ज्यादा आयोडीन व सेलेनियम वाले खाद्य पदार्थ न खाएं।
- शुगर या चीनी युक्त पेय या खाद्य पदार्थ जैसे – कोल्ड ड्रिंक, चॉकलेट, कैंडी और ऐसे ही कई अन्य चीजों का सेवन न करें। आप चीनी की जगह शहद को अपनी डाइट में शामिल कर सकते हैं।
- ब्रेड, चावल, पास्ता, नान व बिस्कुट जैसे खाद्य पदार्थों से बचें।
- जंक फूड जैसे – बर्गर, फ्राइज व रोल जैसे खाद्य पदार्थों का सेवन न करें।
- फलों के रस का सेवन न करें, उसके बदले आप फल खाएं।
थायराइड के लिए कुछ और डायट टिप्स –
हम कुछ और डाइट टिप्स भी आपको दे रहे हैं, जिनका आप पालन कर सकते हैं। सिर्फ डाइट बदलना ही नहीं काफी नहीं है, बल्कि सही तरीके से डाइट का पालन करना और अन्य छोटी-छोटी बातों का ध्यान रखना भी जरूरी है।
- अपने रोज के आहार में स्वस्थ फैट को शामिल करें।
- खाने के तुरंत बाद पानी न पिएं या खाते-खाते पानी न पिएं।
- विटामिन्स और मिनरल्स का सेवन करें, लेकिन इस बारे में पहले डॉक्टर से परामर्श कर लें।
- खूब पानी पिएं।
- ज्यादा मसालेदार और तला-भूना खाना न खाएं।
थायराइड में आहार बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है, लेकिन कुछ भोजन ऐसे होते हैं, जो हाइपोथायरायडिज्म और हाइपरथायरायडिज्म दोनों पर ही प्रभाव डाल सकते हैं। यहां तक कि इस दौरान ली जा रहीं दवाइयों पर भी असर करते हैं। इसलिए, यहां बताए गए किसी भी खाद्य पदार्थ का सेवन करने से पहले आप अपने डॉक्टर से बात कर लें।
हाइपोथायरायडिज्म और हाइपरथायरायडिज्म दोनों ही गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं हैं, इसलिए इनकी अनदेखी न करें। अगर आपको कभी भी अपने स्वास्थ्य में असामान्य या असहज महसूस हो, तो तुरंत डॉक्टर से मिलें और अपनी परेशानी बताएं। इसके अलावा, ऊपर दिए गई बातों और खाद्य पदार्थों का ध्यान रखें और अपने अनुभव हमारे साथ साझा करें। अगर आपको भी थायराइड में आहार के संबंध में कोई जानकारी है, तो उसे नीचे दिए कमेंट बॉक्स में हमारे साथ शेयर करें।


