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फैटी लिवर डाइट में क्या खाना चाहिए और क्या नहीं

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बिगड़ी दिनचर्या और असंतुलित खान-पान कई गंभीर रोगों को बुलावा दे सकता है। इन्हीं बीमारियों में से एक है फैटी लिवर, जो असमय और उल्टे-सीधे भोजन के कारण हो सकती है। बता दें कि लिवर का खराब होना पूरे शरीर की क्रियाशीलता और गतिविधियों को नुकसान पहुंचा सकता है। इसलिए, अगर आपको जरा भी आशंका हो कि आप फैटी लिवर की समस्या से ग्रस्त हो रहे हैं, तो तुरंत फैटी लिवर डाइट को सुधारें और डॉक्टर से चेकअप करवा के जरूरी टेस्ट करवाएं। इस आर्टिकल में हम बता रहे हैं कि आहारशैली में जरा-सा बदलाव आपको इस बीमारी के गंभीर परिणामों से बचा सकता है।

फैटी लिवर क्या है?
बता दें लीवर भोजन को पचाने में मदद करता है और शरीर को ऊर्जा देता है। किसी भी व्यक्ति के लिवर में वसा की मात्रा सामान्य से अधिक होने की स्थिति को फैटी लिवर कहा जाता है। फैटी लिवर की समस्या मुख्य रूप से दो प्रकार से होती है 
  • नॉन एल्कोहलिक फैटी लिवर डिजीज (NAFLD): असंतुलित आहार इसका मुख्य कारण हो सकता है। आहारशैली में सुधार न होने की स्थिति में नॉनक्लोरिक स्टीटोहेपेटाइटिस (एनएएसएच), फाइब्रोसिस, सिरोसिस या फिर लिवर कैंसर जैसी गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है।
  • एल्कोहलिक फैटी लिवर डिजीज (AFLD): अधिक शराब का सेवन इस समस्या का मुख्य कारण होता है। निरंतर लापरवाही भविष्य में एल्कोहलिक फैटी लिवर, एल्कोहलिक हेपेटाइटिस और सिरोसिस जैसी गंभीर बीमारियों का शिकार बना सकती है।
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फैटी लिवर में क्या खाना चाहिए – 
1. कॉफी
फैटी लिवर की समस्या से परेशान लोग फैटी लिवर डाइट में कॉफी का इस्तेमाल कर सकते हैं। कारण यह है कि कॉफी में क्लोरोजेनिक एसिड, पॉलीफेनोल, मेथिलक्सैन्थिन, कैफीन, कार्बोहाइड्रेट, लिपिड, नाइट्रोजन यौगिक, निकोटिनिक एसिड, पोटैशियम और मैग्नीशियम प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं। कॉफी में पाए जाने वाले ये तत्व डायबिटीज और मोटापे की समस्या को दूर करने में सहायक साबित होते हैं, जो फैटी लिवर से होने वाले खतरे को काफी हद तक कम कर सकते हैं। साथ ही एक शोध के माध्यम से इस बात को भी प्रमाणित किया गया है कि कॉफी का इस्तेमाल फैटी लिवर की समस्या से निजात दिलाने में सीधे तौर पर सहायक साबित हो सकता है । फिर भी ध्यान रहे कि कॉफी का सेवन सीमित मात्रा में ही किया जाए, वरना फायदे की जगह नुकसान हो सकता है।

2. फिश
फैटी लिवर की समस्या से जूझ रहे लोगों के लिए फैटी लिवर डाइट में फिश ऑयल का इस्तेमाल काफी लाभकारी साबित हो सकता है। बता दें कि फिश ऑयल में एन-3 पॉलीअनसैचुरेटेड फैटी एसिड पाया जाता है, जो फैटी लिवर की समस्या से निजात दिलाने में काफी मददगार साबित हो सकता है ।

3. ब्रोकली
फैटी लिवर डाइट में ब्रोकली का उपयोग फैटी लिवर की समस्या को न केवल बढ़ने से रोकता है, बल्कि उससे निजात दिलाने में भी कारगर साबित हो सकता है। कारण यह है कि ब्रोकली में कुछ ऐसे दुर्लभ तत्व पाए जाते हैं, जो शरीर में ट्राइग्लिसराइड की मात्रा को कम करने का काम करते हैं। इसका यह गुण इसे फैटी लिवर से ग्रस्त रोगी के लिए उपयोगी बना देता है ।

4. डेयरी प्रोडक्ट्स
एक शोध के माध्यम से इस बात का पता चलता है कि फैटी लिवर डाइट मेनू में डेयरी प्रोडक्ट्स को शामिल करना लाभकारी साबित हो सकता है। इनका उपयोग शरीर में इंसुलिन की सक्रियता को बढ़ाकर ग्लूकोज की मात्रा को कंट्रोल करने का काम करता है। इनमें पाया जाने वाला यह खास गुण डेयरी प्रोडक्ट्स को फैटी लिवर से ग्रसित रोगी के लिए उपयोगी बना देता है ।

5. ओटमील (दलिया)
ओटमील में बीटा-ग्लूकन भारी मात्रा में पाया जाता है। वैज्ञानिक शोध के जरिए इस बात को प्रमाणित किया गया है कि यह खास तत्व पाचन की प्रक्रिया को सक्रिय करता है। साथ ही मोटापे की समस्या को दूर करने में सहायक होता है। चूंकि, मोटापा फैटी लिवर का मुख्य कारण माना जाता है, इसलिए ऐसा कहा जा सकता है कि फैटी लिवर डाइट मेनू में ओटमील को शामिल करना इस बीमारी से निजात पाने में काफी मददगार साबित हो सकता है ।

6. अखरोट
अखरोट में ओमेगा-3, ओमेगा-6 और एंटीऑक्सीडेंट गुण पाए जाते हैं। साथ ही इसमें कैलोरी काफी कम मात्रा में पाई जाती है। विशेषज्ञों का मानना है कि फैटी लिवर की समस्या से ग्रसित व्यक्तियों को कम कैलोरी वाले खाद्य पदार्थों को अपने नियमित आहार में शामिल करना चाहिए। इसलिए, ऐसा कहा जा सकता है कि फैटी लिवर डाइट मेनू में अखरोट को शामिल करना फैटी लिवर वाले लोगों के लिए लाभदायक साबित हो सकता है 

7. एवोकाडो
अखरोट की ही तरह एवोकाडो भी कम कैलोरी वाला खाद्य पदार्थ है। इसलिए, इसे फैटी लिवर से ग्रस्त व्यक्ति के लिए लाभकारी माना जा सकता है। हालांकि, इस विषय में अभी और शोध की आवश्यकता है, इसलिए इसके इस्तेमाल से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लें ।

8. ग्रीन टी
ग्रीन टी में पाचन प्रक्रिया को मजबूत करने के साथ-साथ शरीर में ग्लूकोज की मात्रा को घटाने के गुण पाए जाते हैं। इस गुण के कारण यह मोटापे की समस्या में भी लाभकारी सिद्ध हो सकती है। चूंकि, मोटापा फैटी लिवर का मुख्य कारक माना जाता है, इसलिए इसका सीधा असर फैटी लिवर के जोखिम को कम करने में भी देखा जाता है ।

9. जैतून का तेल
खाने में इस्तेमाल किए जाने वाले अन्य तेल के मुकाबले जैतून के तेल में काफी कम कैलोरी पाई जाती है। साथ ही एक शोध के माध्यम से विशेषज्ञों ने भी इस बात को माना कि जैतून को फैटी लिवर डाइट मेनू में शामिल करना फैटी लिवर की समस्या में लाभकारी साबित हो सकता है। इस संबंध में कम वैज्ञानिक अध्ययन हुआ है। अभी और शोध किए जा रहे हैं। इसलिए, इसका सेवन करने से पहले डॉक्टर से सलाह जरूर लें। ।

10. लहसुन
विशेषज्ञों के अनुसार लहसुन में पाया जाने वाला मोनोमर्स फैटी लिवर की समस्या से निजात दिलाने में लाभकारी साबित हो सकता है। इस पर अभी और शोध की आवश्यकता है ।

11. सूरजमुखी के बीज
सूरजमुखी के बीज में प्रचुर मात्रा में कॉपर पाया जाता है। कॉपर का नियमित उपयोग फैटी लिवर से होने वाले जोखिम सिरोसिस (लिवर कोशिकाओं का बड़े पैमाने पर खराब होना) और हेपैटोसेलुलर कार्सिनोमा (लिवर कैंसर) को काफी हद तक कम करने में कारगर साबित हो सकता है।

12. ताजी सब्जियां
ताजा सब्जियों में लवण यानी साल्ट की मात्रा काफी कम पाई जाती है, जो फैटी लिवर वाले रोगियों के लिए काफी लाभकारी साबित हो सकती हैं । इसलिए, उन्हें अपने नियमित आहार में ताजी सब्जियों का सेवन करना चाहिए।

13. टोफू
फैटी लिवर से परेशान लोगों को प्रतिदिन टोफू का सेवन भी करना चाहिए। इसमें एंटीऑक्सीडेंट गुण पाया जाता है। यह लिवर से जुड़ी समस्या से निजात दिलाने में कारगर साबित हो सकता है। बता दें कि टोफू में सोया प्रोटीन प्रचुर मात्रा में पाया जाता है, जो फैटी लिवर के जोखिमों को कम करने में लाभकारी सिद्ध हो सकता है।

14. ताजा फल
ताजा फलों में कई प्रकार के एंटीऑक्सीडेंट और आवश्यक पोषक तत्व पाए जाते हैं, जो फैटी लिवर जैसी गंभीर बीमारी के कारकों को खत्म करने में सहायक सिद्ध होते हैं। इसलिए, ताजा फलों का उपयोग फैटी लिवर से ग्रसित रोगी के लिए लाभकारी साबित हो सकता है ।

फैटी लिवर में क्या नहीं खाना चाहिए – 
फैटी लिवर की समस्या से परेशान लोगो को भूलकर भी इस चीजों का सेवन नहीं करना चाहिए ।

एल्कोहल– एल्कोहल का सेवन फैटी लिवर वालों के लिए अधिक नुकसानदायक साबित हो सकता है। यह लिवर को खराब करके उसकी कार्यक्षमता को प्रभावित करता है।

एडेड शुगर– उन सभी चीजों के सेवन से दूरी बना लेनी चाहिए, जिसमें एडेड शुगर पाया जाता है। कारण यह है कि ऐसे भोजन का उपयोग शरीर में ग्लूकोज की मात्रा को बढ़ाकर मोटापे की समस्या को बढ़ावा देता है। इस कारण फैटी लिवर से संबंधित जोखिम तेजी से जोर पकड़ने लगते हैं।

फ्राइड फूड– तले हुए भोजन का सेवन लिवर की समस्या को अधिक बढ़ा सकता है। ऐसे भोजन में वसा भरपूर मात्रा में पाई जाती है, जो फैटी लिवर वालों के लिए बिल्कुल भी ठीक नहीं।

नमक– नमक का उपयोग कम से कम मात्रा में करना चाहिए। कारण नमक का अधिक उपयोग हाई बीपी व कोलेस्ट्रॉल की अधिक मात्रा का कारण बनती है। इसका सीधा असर फैटी लिवर वाले रोगियों पर देखने को मिलता है।

व्हाइट ब्रेड– व्हाइट ब्रेड में कार्बोहाइड्रेट की प्रचुर मात्रा पाई जाती है। इसके कारण शरीर में ग्लूकोज का लेवल बढ़ता है, जो शुगर और मोटापे की समस्या का प्रमुख कारण बनता है। साथ ही फैटी लिवर की समस्या में नुकसान पहुंचाता है।

चावल– चावल का उपयोग भी फैटी लिवर वालों के लिए नुकसानदायक साबित हो सकता है। कारण यह है कि चावल को भी कार्बोहाइड्रेट का अच्छा स्रोत माना जाता है। इसमें फैट की मात्रा अत्यधिक होती है, जो फैटी लिवर के रोगियों को हानि पहुंचा सकती है।

पास्ता– पास्ता कार्बोहाइड्रेट का अच्छा स्रोत है, जो फैटी लिवर से संबंधित जोखिमों को बढ़ाने का काम कर सकता है। इसलिए, फैटी लिवर से ग्रसित लोगों को इसके उपयोग से बचना चाहिए।

रेड मीट– रेड मीट में वसा की मात्रा अधिक होती है, जो फैटी लिवर की समस्या से जूझ रहे रोगी के लिए हानिकारक साबित हो सकती है।

फैटी लिवर के लिए नमूना आहार चार्ट – 
फैटी लिवर में क्या खाना चाहिए इस बात को थोड़ा और अच्छे से समझने के लिए नजर डालते हैं फैटी लिवर से संबंधित रोगी के लिए एक उचित आहार चार्ट पर 
भोजनक्या खाएं ( शाकाहारी व मांसाहारी)
नाश्ताआधा कप रोल्ड ओट्स या मुसली के साथ चीनी या शहद मिलाकर फुल क्रीम मिल्क।
या फिर
दो स्लाइस ब्रेड बिना नमक वाले अंडे के साथ और मक्खन के साथ टमाटर या फिर एवोकाडो। साथ में चाहें तो दही या फल भी ले सकते हैं।
सुबह की चायबिना नमक के नट्स और दूध से बना कोई पेय पदार्थ।
दोपहर का खानासलाद, एवोकाडो, ताजा मीट के साथ बिना नमक वाली ब्रेड के दो स्लाइस। साथ में दही या किसी भी डेयरी प्रोडक्ट का इतेमाल कर सकते हैं।
शाम की चायपनीर के साथ कम नमक वाले राइस क्रैकर्स
रात का खाना100से 120 ग्राम कम वसा वाला मीट, चिकन या फिश, 1 कप सादा पास्ता या 2/3 कप चावल या
मसला हुआ आलू (बिना नमक का)
फैटी लिवर के लिए कुछ और डायट टिप्स – 
फैटी लिवर से संबंधित आहार संबंधी सुझाव 
  • कम वसा वाले आहार का इस्तेमाल करें।
  • ट्रांस वसा वाले खाद्य पदार्थों को भोजन में शामिल करें।
  •  नियमित और संतुलित आहार का सेवन करें।
  • हाई कैलोरी युक्त भोजन से परहेज करें।
  • आलू, चावल और सफेद ब्रेड का इस्तेमाल कम करें।
  • शुगर का उपयोग बिल्कुल न करें और मीठी चीजों के सेवन से भी परहेज करें।
  • एल्कोहल का उपयोग न करें।
अब तो आप फैटी लीवर डाइट से संबंधित सभी जरूरी बातों को अच्छी तरह जान गए होंगे। साथ ही आपको इस दौरान किन-किन चीजों का सेवन करना चाहिए, यह भी पता चल गया होगा। वहीं, कौन-सी ऐसी चीजें हैं, जिन्हें फैटी लीवर डाइट में शामिल नहीं करना चाहिए, इस बारे में भी लेख के जरिए पता चल गया होगा। आशा करते हैं कि लेख में दी गई जानकारी आपके बेहतर स्वास्थ्य के लिए लाभकारी सिद्ध होगी। इस विषय में किसी अन्य प्रकार के सुझाव और सवालों के लिए आप हमसे नीचे दिए कमेंट बॉक्स के माध्यम से जुड़ सकते हैं।

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