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डेंगू बुखार में क्या खाये

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स्वास्थ्य के प्रति थोड़ी-सी लापरवाही के कारण कई प्रकार की बीमारियां घेर लेती हैं। इनमें से कुछ तो सामान्य होती हैं, लेकिन कई ऐसी भी हैं जिनका सही समय पर इलाज न हो, तो वो गंभीर और जानलेवा हो सकती हैं। उन्हीं बीमारियों में से एक है डेंगू। इस आर्टिकल में हम डेंगू के बारे में बता रहे हैं। साथ ही हम बताएंगे कि डेंगू बुखार आने पर किन-किन चीजों को डाइट में शामिल करना लाभकारी साबित हो सकता है। वहीं, डेंगू में क्या खाना चाहिए और क्या नहीं, इस बारे में भी आपको लेख में विस्तार से जानने को मिलेगा। लेख में बताए गए खाद्य पदार्थ डेंगू के प्रभाव को कम तो कर सकते हैं, लेकिन पूरी तरह ठीक नहीं कर सकते। ऐसे में पूर्ण इलाज के लिए डॉक्टर से चेकअप करवाना जरूरी है।

डेंगू क्या है? 
डेंगू एक वायरस है, जो एडीज मच्छर के काटने से फैलता है। आमतौर डेंगू से ग्रस्त लोग करीब एक हफ्ते में ही ठीक हो जाते हैं, लेकिन कुछ लोगों में यह बीमारी गंभीर हो जाती है। सामान्य अवस्था में रोगी को बुखार और हल्की कमजोरी का अनुभव होता है। वहीं, गंभीर अवस्था में तेज पेट दर्द या उल्टी (24 घंटों के भीतर कम से कम 3 उल्टी का होना), नाक या मसूड़ों से खून आना, मल में रक्त आना, खून की उल्टी, चिड़चिड़ापन, पीली ठंडी व चिपचिपी त्वचा और सांस लेने में तकलीफ जैसे लक्षण नजर जा सकते हैं। ऐसा कोई भी लक्षण नजर आने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए ।

डेंगू बुखार के लिए आहार – 
डेंगू बुखार हो जाने पर डॉक्टर के द्वारा बताई गई डाइट को अपने आहार में शामिल करें। इसके अलावा, यहां हम डेंगू बुखार के लिए आहार के बारे में बता रहे हैं, जो इस समस्या के प्रभाव को नियंत्रित करने में मदद कर सकते हैं। यहां हम स्पष्ट कर दें कि मरीज की डाइट में इन खाद्य पदार्थों को शामिल करने से पहले एक बार डॉक्टर की सलाह जरूर लें।

1. संतरा
संतरे का उपयोग डेंगू बूखार को कम करने के लिए किया जा सकता है। एनीसीबीआई (नेशनल सेंटर फॉर बायोटेक्नोलॉजी इंफॉर्मेशन) की वेबसाइट पर प्रकाशित शोध के अनुसार, संतरे में फ्लेवोनोइड पाए जाते हैं। फ्लेवोनोइड में एंटीवायरल गुण होते हैं, जो वायरस के कारण फैलने वाली कई बीमारियों को रोकने में मदद कर सकते हैं। इन बीमारियों में डेंगू भी शामिल है। इसलिए, यह माना जा सकता है कि संतरे को खाने या जूस के रूप में सेवन करने से डेंगू से राहत दिलाने में मदद मिल सकती है।

2. पपीता और पपीता के पत्ते
पपीते का सेवन कई समस्याओं को दूर करने में कारगर हो सकता है। डेंगू बुखार भी उन्हीं में से एक है। एनीसीबीआई की वेबसाइट पर प्रकाशित शोध के अनुसार, पपीते में एंटीमाइक्रोबियल, एंटीहेल्मेंटिक (कीट नाशक) और इम्यूनोमोड्यूलेटरी (प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने वाला) जैसे गुण पाए जाते हैं, जो डेंगू वायरस के खिलाफ सकारात्मक प्रभाव दिखा सकते हैं। इसके अलावा, शोध में इस बात का भी जिक्र मिलता है कि पपीते की पत्तियों का अर्क डेंगू बुखार को कुछ हद तक कम करने में मदद कर सकता है ।

3. दलिया
डॉक्टर कई बीमारियों में दलिया खाने की सलाह देते हैं। कारण यह है कि इसमें कई ऐसे पोषक तत्व पाए जाते हैं, जो बीमारी से लड़ने के लिए शरीर को ताकत प्रदान करते हैं । वहीं, डेंगू में भी रोगियों को दलिया खाने की सलाह दी जाती । हालांकि, यह डेंगू के प्रभाव को कम करने में मदद करता है या नहीं इस संबंध में अभी कोई ठोस प्रमाण उपलब्ध नहीं हैं। इसलिए, इसके सेवन से पहले डॉक्टर की सलाह लेना बिल्कुल न भूलें ।

4. हर्बल टी
हर्बल टी डेंगू बुखार के लक्षणों को कम करने में मदद कर सकती है। हर्बल टी बनाने के लिए इलायची, तुलसी और अदरक का उपयोग कर सकते हैं। एनीसीबीआई की वेबसाइट पर प्रकाशित शोध के अनुसार, चायनीज अदरक में डेंगू बुखार को कम करने वाले कुछ कारगर यौगिक पाये जाते हैं। वहीं, शोध में इस बात का भी जिक्र मिलता है कि यूफोरबिया हिरता (Euphorbia hirta) पौधे की पत्तियों को मिलाकर बनाई गई हर्बल चाय डेंगू के इलाज में मदद कर सकती है। इसमें पाया जाने वाला एंटीवायरल गुण डेंगू वायरस के प्रभाव को नियंत्रित करने में मदद कर सकता है ।

5. नारियल पानी
एनीसीबीआई की ओर से प्रकाशित शोध के अनुसार, डेंगू के रोगियों में तेज बुखार, उल्टी और दस्त के कारण निर्जलीकरण यानी डिहाइड्रेशन होने की आशंका हो सकती है। ऐसे में अगर समय पर उपचार नहीं किया गया, तो यह अवस्था घातक हो सकती है। वहीं, तरल पदार्थ का सेवन करने पर इस समस्या के जोखिमों को दूर रखने में मदद मिलती है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) की ओर से जारी नई गाइडलाइंस के अनुसार, प्रतिदिन नारियल पानी का सेवन डेंगू की बीमारी के दौरान होने वाले निर्जलीकरण के जोखिम को कम करने में फायदेमंद हो सकता है ।

6. सब्जियों और फलों का रस
वैज्ञानिकों की ओर से किए गए शोध के अनुसार, सब्जियों और फलों का रस उन पोषक तत्वों को प्रदान करता है, जिनकी मानव शरीर को जरूरत होती है। गाजर, ककड़ी और हरी पत्तेदार सब्जियों के रस के साथ ही तरबूज, अमरूद, कीवी और पपीता जैसे फलों का रस विटामिन-सी से भरपूर होता है, जो डेंगू के रोगियों के लिए आवश्यक हैं। यह बीमारी की अवस्था में रोग के प्रभाव को कम करने में मदद कर सकता है। वहीं, सब्जियों और फलों का रस लिम्फोसाइटों के उत्पादन में मदद करता है, जो प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत करता है। इससे डेंगू रोग से लड़ने की शक्ति मिलती है ।

7. सूप
सूप कई प्रकार के होते हैं और उन्हीं में से एक है क्रैब सूप। क्रैब सूप कई तरह के पोषक तत्वों से समृद्ध होता है। यह स्वास्थ्य के लिए बहुत फायदेमंद हो सकता है। डेंगू होने पर प्लेटलेट की मात्रा बेहद कम हो जाती है । वहीं, एनीसीबीआई की वेबसाइट पर प्रकाशित शोध के अनुसार, क्रैप सूप के सेवन से रक्त में प्लेटलेट काउंट में वृद्धि हो सकती है, जिससे डेंगू की समस्या से जुड़े गंभीर जोखिमों को कम करने में मदद मिलती है। इसलिए, क्रैब सूप को डेंगू बुखार के लिए उपयोगी माना जा सकता है ।

8. नीम की पत्तियां
आयुर्वेद के अनुसार नीम का हर भाग किसी न किसी रूप में स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद हो सकता है। नीम की पत्तियां डेंगू के लक्षणों को कुछ हद तक कम करने में मदद कर सकती हैं। एनीसीबीआई की वेबसाइट पर प्रकाशित शोध के अनुसार, नीम की पत्तियों में एंटीवायरल और एंटीबैक्टीरियल गुण पाए जाते हैं। एंटीवायरल गुण डेंगू के वायरस को फैलने से रोकने में मदद कर सकता है। वहीं, एंटीबैक्टीरियल गुण डेंगू के संक्रमण में फायदेमंद साबित हो सकता है 

डेंगू बुखार के लिए कुछ और डायट टिप्स –
डेंगू बुखार के लिए डायट टिप्स के तहत इन बातों का ध्यान रखना चाहिए।

तैलीय और मसालेदार भोजन से बचें : एनसीबीआई की वेबसाइट पर प्रकाशित एक शोध के अनुसार, डेंगू के रोगियों में आंतों की समस्या, पेट दर्द, पीलिया, हेपटोमेगाली (लिवर की समस्या) और जलोदर (पेट की सूजन) होने की आशंका बढ़ सकती है। ऐसे में तैलीय और मसालेदार भोजन का सेवन डेंगू के कारण होने वाले पेट दर्द और आंतों की समस्याओं को बिगाड़ने के साथ ही पाचन संबंधी कई जोखिमों को भी बढ़ा सकता है ।

ताजे पानी का खूब सेवन करें : एनीसीबीआई की ओर से प्रकाशित शोध के अनुसार, डेंगू के रोगियों में निर्जलीकरण होने की आशंका होती है। इससे बचने के लिए रोजाना अधिक से अधिक साफ पानी पीना चाहिए

ज्यादा न खाएं : डेंगू में क्या खाना चाहिए और कितना खाना चाहिए, इस बात का ध्यान रखना भी जरूरी है। दरअसल, जरूरत से ज्यादा खाने पर पाचन से संबंधित कई समस्याएं जैसे :- अपच और अल्सर पैदा होने का जोखिम बढ़ जाता है । वहीं, डेंगू के कारण पाचन क्षमता कमजोर हो सकती है । यही कारण है कि डेंगू की समस्या में संयमित और संतुलित मात्रा में खाना खाने की सलाह दी जाती है।

चेकअप : नियमित रूप से डॉक्टर के पास चेकअप के लिए जाना चाहिए। इससे पता चलता रहता है कि हालत में सुधार हो रहा है या नहीं।

आराम करें : डॉक्टर द्वारा बताई गई दवाइयों के सेवन के साथ भरपूर आराम करें और तरल पदार्थों का सेवन करें।
कहते हैं कि किसी भी चीज की जानकारी ही उसका बचाव होता है। वहीं, इस आर्टिकल में डेंगू से संबंधी दी गई जानकारी जरूर आपके काम आएगी। इस आर्टिकल में आपने जाना कि किस प्रकार के मच्छर के काटने से यह बीमारी फैलती है और अगर समय पर इलाज न किया गया, तो यह जानलेवा भी हो सकती है। डेंगू में क्या खाना चाहिए और डेंगू में क्या न खाएं इस बात की जानकारी भी आपको इस आर्टिकल में मिली।


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