-फिनलैंड लंदन सिटी प्रदर्शनी में खिलौना दुकानदार पर तीन बच्चों से मारपीट का आरोप, परिजनों ने पुलिस को दी तहरीर।
गोण्डा। कस्बे के बसस्टैंड के पास लगी फिनलैंड लंदन सिटी प्रदर्शनी में गुरूवार को नाबालिग बच्चों को रस्सी से बांधकर मारपीट किए जाने का मामला सामने आया है। खिलौने की दुकान पर काम करने वाले बच्चों के मजदूरी मांगने पर चोरी का आरोप लगाकर उन्हें लोहे के पोल से बांधकर पीटने का आरोप है। घटना का करीब 19 सेकंड का वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित होने के बाद मामला चर्चा में आ गया। पीड़ित बच्चों के परिजनों ने पुलिस को तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की है। पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।
वायरल वीडियो में पोल से बंधे दिखे बच्चे
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में तीन नाबालिग बच्चे एक लोहे के पोल से रस्सी के सहारे बंधे नजर आ रहे हैं। बच्चे परेशान दिखाई दे रहे हैं। परिजनों ने उनके साथ मारपीट किए जाने का भी आरोप लगाया है। हालांकि वायरल वीडियो और तहरीर में लगाए गए आरोपों की पुष्टि पुलिस जांच के बाद ही हो सकेगी।
काशीराम कालोनी निवासी मोहम्मद फरीद ने कस्बा चौकी पुलिस को दी तहरीर में बताया कि उनका 12 वर्षीय पुत्र सुहैल 13 अगस्त को पड़ोसी के 14 वर्षीय पुत्र अरबाज के साथ प्रदर्शनी में गया था। आरोप है कि खिलौना दुकानदार मंगल ने सुहैल को रस्सी से बांधकर मारपीट की। वहीं काशीराम कालोनी निवासी नरेश के पुत्र शिवा के साथ भी मारपीट का आरोप लगाया गया है। वहीं अरबाज के पिता अब्दुल साहिद उर्फ पप्पू ने तहरीर में बताया कि उनका 14 वर्षीय पुत्र 25 जुलाई से मंगल की खिलौने की दुकान पर काम कर रहा था। पांच दिन की मजदूरी के 750 रुपये बकाया थे। आरोप है कि 13 अगस्त को मजदूरी मांगने पर दुकानदार ने पैसे देने के बजाय चोरी का आरोप लगाया और अरबाज को रस्सी से बांधकर मारपीट की।
नाबालिगों से मजदूरी पर भी सवाल
घटना ने बच्चों से कथित मारपीट के साथ ही प्रदर्शनी में नाबालिगों से काम कराए जाने की व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। सवाल है कि यदि बच्चे दुकानों पर काम कर रहे थे तो उनकी उम्र और सुरक्षा को लेकर आयोजकों की ओर से क्या निगरानी की गई। परिजनों का कहना है कि बच्चों पर कोई आरोप था तो पुलिस को सूचना दी जानी चाहिए थी, और सीसीटीवी कैमरे की फुटेज दिखानी चाहिए थी, कानून हाथ में लेकर मारपीट नहीं।
प्रभारी निरीक्षक कर्नलगंज नरेंद्र प्रताप राय ने मामले में जांच कर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। पुलिस वायरल वीडियो, तहरीर और घटनास्थल से जुड़े तथ्यों की जांच कर रही है।

