गोण्डा । उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (यूपीटीईटी) की कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच गोण्डा में फर्जी परीक्षार्थी बनकर परीक्षा देने की कोशिश का बड़ा मामला सामने आया है। बायोमेट्रिक सत्यापन ने पूरे फर्जीवाड़े की पोल खोल दी और दूसरे अभ्यर्थी की जगह परीक्षा देने पहुंचे एक सहायक अध्यापक को मौके पर ही पकड़ लिया गया।
घटना शुक्रवार को प्रथम पाली में राजेंद्र नाथ लाहिड़ी स्मारक इंटर कॉलेज परीक्षा केंद्र की है। सुबह करीब 11 बजे बायोमेट्रिक सत्यापन के दौरान अभ्यर्थी के फिंगरप्रिंट और रिकॉर्ड का मिलान नहीं हुआ। संदेह होने पर स्टेटिक मजिस्ट्रेट डॉ. रामतेज वर्मा ने पूछताछ कराई, जिसमें पकड़े गए व्यक्ति ने अपना नाम कबीर चौधरी (मानव संपदा आईडी-366291) बताया और स्वीकार किया कि वह हनुमान प्रसाद की जगह परीक्षा देने आया था।
मामले के खुलासे के बाद परीक्षा केंद्र पर हड़कंप मच गया। कबीर चौधरी को तत्काल वजीरगंज पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया। स्टेटिक मजिस्ट्रेट की तहरीर पर वजीरगंज थाने में हनुमान प्रसाद पुत्र राम नारायण निवासी भगौती नगर, ग्रामर एकेडमी, कौशलपुरी, फैजाबाद के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 319(2) एवं 318(4) के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।
डॉ. रामतेज वर्मा ने बताया कि शिक्षक सेवा चयन आयोग से प्राप्त सूचना के आधार पर अभ्यर्थी का बायोमेट्रिक सत्यापन कराया गया था। सत्यापन में गड़बड़ी सामने आने पर पूरे फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ।
वजीरगंज थाना प्रभारी विपुल कुमार पांडेय ने बताया कि मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पकड़े गए सहायक अध्यापक से गहन पूछताछ की जा रही है। यह भी जांच की जा रही है कि इस फर्जी परीक्षा प्रकरण के पीछे कोई संगठित गिरोह या अन्य लोग तो शामिल नहीं हैं। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।
यह मामला एक बार फिर प्रतियोगी परीक्षाओं में सेंध लगाने की कोशिशों और परीक्षा सुरक्षा व्यवस्था की चुनौती को उजागर करता है।

