देर से आना, मिड डे मील मानक के अनुरूप बच्चों को ना मिलने के ग्रामीणों के आरोपों को शिक्षकों ने बताया निराधार
देर से आना, मिड डे मील मानक के अनुरूप बच्चों को ना मिलने के ग्रामीणों के आरोपों को शिक्षकों ने बताया निराधार इटियाथोक/गोंडा सरकार की लाख प्रयास के बावजूद बेसिक शिक्षा पटरी पर नहीं आ रही है जिसका मुख्य कारण किसी विद्यालय में कम बच्चे हैं वहां पर शिक्षकों की अधिक संख्या जहां पर बच्चे ज्यादा है वहां शिक्षकों की संख्या कम है जिसके कारण पठन-पाठन व अन्य कार्यों में काफी समस्याएं उत्पन्न हो रही हैं वही प्रशासनिक अधिकारी जान कर भी इस मामले में अनजान बने हुए हैं । शहर व ऑन रोड पर स्थित विद्यालयों में कम बच्चे होते हुए भी वहां शिक्षकों की संख्या ज्यादा है वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में बच्चों की संख्या अधिक है लेकिन वहां शिक्षकों की कमी है जिसके कारण शिक्षण व्यवस्था पर काफी प्रभाव पड़ रहा है इसकी एक बानगी ग्राम पंचायत बरडीहा में देखने को मिली जहां पर 165 बच्चे पंजीकृत है लेकिन शिक्षकों की संख्या महज तीन है जिसके कारण पठन-पाठन में काफी समस्याएं आ रही है इस बारे में मौके पर जानकारी ली गई तो पता चला एक इंचार्ज प्रधानाध्यापक अब्दुल हलीम जो छुट्टी पर थे वही सहायक अध्यापक माधवी सिंह व शिक्षामित्र सविता मौजूद मिली कुछ ग्रामीणों ने आरोप लगाया था कि विद्यालयों में शिक्षक समय से नहीं आते हैं और पठन-पाठन का स्तर काफी गिरा हुआ है वही मिड डे मील की भी शिकायत थी इस बारे में मौके पर उपस्थित अध्यापक माधवी सिंह व सविता से इस बारे में जानकारी ली तो उन्होंने बताया अधिकतर हम लोग समय से विद्यालय आते हैं बच्चों की संख्या अधिक है जिस कारण पठन-पाठन में कुछ समस्याएं आ रही है लेकिन जो बच्चे विद्यालय में आते हैं उनको मानक के हिसाब से पढ़ाया जाता है वही पोशाक, जूता व बैग के लिए पैसा अभिभावकों के खाते में आने लगा है तब से कुछ अभिभावक अपने बच्चों को पोशाक जूता खरीद कर नहीं दे रहे हैं कई बार मीटिंग में भी अभिभावकों से आग्रह किया गया है लेकिन उन पर इसका प्रभाव नहीं पड़ा है मिड डे मील मीनू के हिसाब से बनता है ग्रामीणों का आरोप निराधार है गलत है शौचालय की स्थिति भी ठीक मिली वही भोजन चूल्हे और गैस सिलेंडर दोनों पर बनाया जाता है सरकार की मंशा पर उनके ही अधिकारी कर्मचारी पानी फिरने में पूरी तरीके से लगे हुए हैं क्षेत्र में कई ऐसे विद्यालय हैं जहां पर शिक्षक मनमर्जी से आते हैं और मनमर्जी से चले जाते हैं लेकिन प्रशासनिक अधिकारियों के द्वारा कोई कार्यवाही नहीं होती है इस बारे में जब भी उनसे पूछा जाता है तो वह बेसिक विद्यालयों की तारीफ ही करते रहते जबकि सरकार के द्वारा प्राथमिक विद्यालय को बेहतर बनाने के लिए कायाकल्प योजना के तहत विद्यालयों को तैयार कराया गया है उसके बावजूद शिक्षकों की कमी के कारण भी पठन-पाठन में काफी समस्याएं आ रही है इस तरफ भी प्रशासनिक अधिकारियों को ध्यान देने की जरूरत है जिस विद्यालय में बच्चों की संख्या कम है वहां पर अध्यापकों की संख्या कम करके फिर विद्यालयों में अधिक है वहां पर शिक्षकों की संख्या पर्याप्त मात्रा में होनी चाहिए जिसे पठन-पाठन सुचारू रूप से संचालित हो सके और सरकार की मंशा फलीभूत हो सके।
You may also like:
Subscribe to:
Post Comments (Atom)

No comments:
Post a Comment
कमेन्ट पालिसी
नोट-अपने वास्तविक नाम व सम्बन्धित आर्टिकल से रिलेटेड कमेन्ट ही करे। नाइस,थैक्स,अवेसम जैसे शार्ट कमेन्ट का प्रयोग न करे। कमेन्ट सेक्शन में किसी भी प्रकार का लिंक डालने की कोशिश ना करे। कमेन्ट बॉक्स में किसी भी प्रकार के अभद्र भाषा का प्रयोग न करे । यदि आप कमेन्ट पालिसी के नियमो का प्रयोग नही करेगें तो ऐसे में आपका कमेन्ट स्पैम समझ कर डिलेट कर दिया जायेगा।
अस्वीकरण ( Disclaimer )
गोण्डा न्यूज लाइव एक हिंदी समुदाय है जहाँ आप ऑनलाइन समाचार, विभिन्न लेख, इतिहास, भूगोल, गणित, विज्ञान, हिन्दी साहित्य, सामान्य ज्ञान, ज्ञान विज्ञानं, अविष्कार , धर्म, फिटनेस, नारी ब्यूटी , नारी सेहत ,स्वास्थ्य ,शिक्षा ,18 + ,कृषि ,व्यापार, ब्लॉगटिप्स, सोशल टिप्स, योग, आयुर्वेद, अमर बलिदानी , फूड रेसिपी , वाद्ययंत्र-संगीत आदि के बारे में सम्पूर्ण जानकारी केवल पाठकगणो की जानकारी और ज्ञानवर्धन के लिए दिया गया है। ऐसे में हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि आप किसी भी सलाह,उपाय , उपयोग , को आजमाने से पहले एक बार अपने विषय विशेषज्ञ से अवश्य सम्पर्क करे। विभिन्न विषयो से सम्बन्धित ब्लाग/वेबसाइट का एक मात्र उद्देश आपको आपके स्वास्थ्य सहित विभिन्न विषयो के प्रति जागरूक करना और विभिन्न विषयो से जुडी जानकारी उपलब्ध कराना है। आपके विषय विशेषज्ञ को आपके सेहत व् ज्ञान के बारे में बेहतर जानकारी होती है और उनके सलाह का कोई अन्य विकल्प नही। गोण्डा लाइव न्यूज़ किसी भी त्रुटि, चूक या मिथ्या निरूपण के लिए जिम्मेदार नहीं है। आपके द्वारा इस साइट का उपयोग यह दर्शाता है कि आप उपयोग की शर्तों से बंधे होने के लिए सहमत हैं।